पेटीएम को 762 करोड़ रुपये का भारी घाटा.

पेटीएम की पेरेंट कंपनी वन97 कम्युनिकेशन ने वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही के नतीजों की घोषणा कर दी है. नतीजों के अनुसार, वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में कंपनी को वार्षिक आधार पर 762.5 करोड़ रुपये का घाटा उठाना पड़ा है. कंपनी ने इससे पिछली तिमाही में 444.4 करोड़ रुपये का घाटा उठाया था.

इस घाटे के बावजूद कंपनी का दावा किया है कि उसका कारोबार सही रास्ते पर है और के मामले में वो 2023 के सितंबर तिमाही के नतीजों तक ब्रेक-इवेन की स्थिति में आ जाएगी. कंपनी ने शुक्रवार को बाजार बंद होने के बाद नतीजे घोषित किए.

बीएसई की वेबसाइट पर कंपनी के नतीजे रात को करीब 9.40 बजे अपलोड किए गए हैं. वहीं, कुछ ही मिनट बाद कंपनी ने अपने ट्विटर हैंडल पर भी नतीजे डाल दिए.कंपनी ने कहा है कि उसे चौथी तिमाही में परिचालन से 1541 करोड़ रुपये की आय हासिल हुई है. यह इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 89 फीसदी अधिक है.
कंपनी ने यह भी बताया है कि चौथी तिमाही में उसका घाटा 368 करोड़ रुपये रहा, जो इसके पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 52 करोड़ रुपये ज्यादा है. 2021-22 के पूरे वित्त वर्ष के दौरान कंपनी का घाटा 1,518 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 2020-21 के 1,655 करोड़ रुपये के घाटे के मुकाबले 8 फीसदी कम है.शुक्रवार को नतीजे आने से पहले पेटीएम के शेयर 572 रुपये पर बंद हुए थे. कंपनी के शेयर इस साल की शुरुआत से अब तक 57 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं.
पेटीएम की पेरेंट कंपनी नंवबर 2021 में अपना आईपीओ लेकर आई थी. तब यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ था. हालांकि, सब्सक्रिप्शन की धीमी रफ्तार को देखते हुए शेयरों की स्थिति का अंदाजा लगना शुरू हो गया था.
बाजार जानकारों के अनुसार, कंपनी के फंडामेंटल्स बहुत कमजोर थे और वह ओवरप्राइज्ड मूल्य के साथ आईपीओ लेकर आई. कंपनी ने 2150 रुपये में जारी किए और उसके बाद पेटीएम ने निवेशकों का लगातार निराश किया. पेटीएम के निवेशकों का आधे से ज्यादा पैसा डूब चुका है.

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