पदम श्री उस्ताद ग़ुलाम सादिक़ खान नम आँखों के साथ हज़रत निजामुद्दीन औलिया पंज पीरान क़ब्रस्तान में सुपुर्द ए ख़ाक

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रामपुर सहसवान घराने की शान और ख्याल गायिकी दुनिया का रोशन सितारा अपने लम्बे सफर की थकान के बाद अब आसमान की बुलंदी से उतर कर ज़मीन की गोद में सो गया और साथ ही अपने रब ए हक़ीक़ी से जा मिला । मरहूम का इंतकाल इतवार की शाम ७ बजे मैक्स हॉस्पिटल में हुआ और पीर के रोज़ दोपहर ३ बजे हज़रत निजामुद्दीन औलिया पंज पीरान क़ब्रस्तान में सुपुर्द ए ख़ाक किया गया ।पाक परवरदिगार उनकी रूह को जन्नत में आला मक़ाम अता करे और उनके किसी भी नेक अमल को क़ुबूल करके उनकी मग़फ़िरत फर्मा दे आमीन ।

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पदम श्री उस्ताद ग़ुलाम सादिक़ खान 9 बरस की उम्र से गायिकी के मैदान में कूद गए थे ,उस्ताद ने शास्त्रीय संगीत को परवान चढ़ाया और पूरी दुनिया में अपने शागिर्दों की शक्ल में क्लासिकल म्यूजिक के बीज बखेर दिए जो आज सरसब्ज़ दरख़्त की तरह सायेदार बनकर अपने मद्दाहों को महजूज कररहे हैं ।

मरहूम उस्ताद सादिक़ खान साहब को 2005 में पदम श्री से नवाज़ा गया । इसके अलावा देश दुनिआ में ठुमरी , ख्याल , दादरा और भजन गायकी से अपने fans के दिलों को जीता , बॉलीवुड को भी आपने प्ले बैक सिंगर्स दिए जिनमें जसविंदर नरूला का नाम प्रमुख है ।

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मरहूम की तजहीज ओ तकफीन में हिस्सा लेने देश भर से उनके चाहने वाले पहुंचे ।जिनमें जसविंदर नरूला बॉलीवुड प्ले बैक सिंगर ,उस्ताद इक़बाल अहमद खान दिल्ली घराना ,पंडित प्रतीक चौधरी सितार वादक , ,पद्म भूषण उस्ताद ग़ुलाम मुस्तफा खान के साहिबज़ादे उस्ताद ग़ुलाम मुर्तज़ा खान,उस्ताद ग़ुलाम सिराज खान साहब वग़ैरा क़ाबिल ए ज़िक्र हैं ।

मरहूम ने अपने वुरसा में जिन लोगों को छोड़ा वो इस तरह हैं : शरीक ए हयात श्रीमती ज़ाहिदा खानम साहिबा जो पदम भूषण उस्ताद मुश्ताक़ हुसैन खान की साहबजादी भी हैं ,बड़े बेटे उस्ताद ग़ुलाम अब्बास खान, छोटे बेटे नजमी खान ,रिज़वान खान , पोता ग़ुलाम हसन खान , ,पोता आदिल अब्बास खान ,नवासा सलमान खान ,और ज़मां खान वग़ैरा ।टॉप ब्यूरो एक्सक्लूसिव

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