ओवैसी: भारत के मुसलमानों का मुगलों से कोई रिश्ता नहीं, लेकिन मुगल बादशाहों की बीवियां कौन थीं?

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ओवैसी ने अपने फेसबुक पोस्ट में इतिहास और मुगलकाल को लेकर बड़ा दावा किया है।ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी मामले को औरंगजेब से जोड़ने पर नाराजगी जाहिर की थी. उन्होंने ये भी कहा था कि बात निकली है तो दूर तक जाएगी.

अब ओवैसी ने इतिहास और मुगलकाल को लेकर फेसबुक पोस्ट किया है. असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि भारत के मुसलमानों का मुगलों से कोई रिश्ता नहीं है.अपने फेसबुक पोस्ट में असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल भी उठाया है. असदुद्दीन ओवैसी ने ये सवाल किया है कि ”मुगलों से भारत के मुसलमानों का कोई रिश्ता नहीं है लेकिन ये बताओ कि मुगल बादशाहों की बीवियां कौन थीं.”

असदुद्दीन ओवैसी ने इससे पहले गुजरात के सूरत में एक रैली को संबोधित करते हुए ये भी कहा था कि बीजेपी पुष्यमित्र की ओर से तोड़े गए बौद्ध मंदिरों की बात क्यों नहीं करती. ज्ञानवापी मस्जिद विवाद के बाद देश में मुगलकाल और मुसलमानों के इतिहास को लेकर बहस छिड़ गई है। हर किसी के अपने-अपने दावे हैं। सिर्फ ज्ञानवापी ही नहीं ताजमहल और कुतुबमीनार को लेकर भी मामला उठने लगा है। इनके भी सर्वे की मांग हो रही हैआरएसएस पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा, शाखाओं से अलग मदसरे स्वाभिमान और सहानुभूति सिखाते हैं, लेकिन ये बात अनपढ़ संघी नहीं समझेंगे।

उन्होंने सवाल किया कि हिंदू समाज सुधारक राजा राम मोहन राय मदरसे में क्यों पढ़ते थे? मुस्लिम वंश पर ध्यान देना आपकी हीन भावना को दर्शाता है। मुसलमानों ने भारत को समृद्ध बनाया है और आगे भी वे ऐसा करते रहेंगे। इससे पहले ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री सरमा के मदरसे को लेकर दिए गए बयान पर भी आपत्ति जताई थी। ओवैसी ने अपने ट्विटर हैंडल पर बिस्वा के बयान पर पलटवार करते हुए कहा है, असम में 18 लोग मारे गए हैं और 7 लाख बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अभद्र टिप्पणियों में व्यस्त हैं। उन्होंने आगे कहा, जब संघी ब्रिटिश एजेंट के रूप में काम कर रहे थे, तब मदरसे स्वतंत्रता आंदोलन में सबसे आगे थे। इस्लाम के अलावा कई मदरसे विज्ञान, गणित और सामाजिक अध्ययन पढ़ाते हैं।

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