नेपाल : बाढ़ के बाद नुवाकोट में हैजा का खतरा बढ़ा, 77 हजार लोगों को दी जाएगी ओरल वैक्सीन

काठमांडू, 20 सितंबर । नेपाल के नुवाकोट जिले में हाल की बाढ़ के बाद हैजा फैलने की आशंका को देखते हुए ओरल कॉलरा वैक्सीनेशन अभियान शुरू किया गया है।

अभियान के तहत अबतक 50 हजार से अधिक लोगों को वैक्सीन दी जा चुकी है। प्रभावित क्षेत्रों में 77 हजार से अधिक लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

यह अभियान जनस्वास्थ्य कार्यालय, नुवाकोट ने महामारी एवं रोग नियंत्रण प्रभाग के समन्वय में शुरू किया है। इसका उद्देश्य 26 अगस्त को आई भोटेकोशी बाढ़ के बाद पेयजल और स्वच्छता की स्थिति खराब होने के कारण हैजा तथा अन्य जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोकना है।

जनस्वास्थ्य कार्यालय की प्रमुख डॉ. अंजु कार्की ने कहा कि टीकाकरण के साथ सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल, व्यक्तिगत स्वच्छता और आसपास के वातावरण को साफ रखना भी बेहद जरूरी है।

बाढ़ के कारण बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से विस्थापित हुए हैं और होल्डिंग सेंटरों में रह रहे हैं। इन स्थानों पर पर्याप्त स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण होने के कारण हैजा का खतरा और बढ़ गया है। स्थानीय जलस्रोतों में ई. कोलाई पाए जाने से जलजनित बीमारियों को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

बाढ़ के बाद विदुर नगरपालिका में हाल ही में किए गए पानी के परीक्षण में 15 स्थानीय जल नमूनों में से 5 में ई. कोलाई का संक्रमण पाया गया।

स्थिति को देखते हुए शुरू किए गए आपातकालीन टीकाकरण अभियान में एक वर्ष से अधिक उम्र के सभी लोगों को शामिल किया गया है। स्वास्थ्य केंद्रों और होल्डिंग सेंटरों पर वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है।

स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, नगरपालिकाओं में अब तक 40,291 लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों तक भी पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं, जहां बाढ़ के बाद संक्रमण का जोखिम अधिक है।

यह टीकाकरण अभियान सात दिनों तक जारी रहेगा। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से वैक्सीन लगवाने तथा हैजा के लक्षण दिखाई देने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेने की अपील की है।

अधिकारियों ने लोगों को पीने के पानी को उबालकर या शुद्ध करके इस्तेमाल करने, खाना बनाने की जगहों को साफ रखने और रहने के स्थान पर स्वच्छता बनाए रखने की सलाह दी है, ताकि बाढ़ के बाद जलजनित बीमारियों के प्रसार को रोका जा सके।

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