मोइत्रा का बीजेपी पर वार, बंगालियों को न सिखाएं काली पूजा.

काली पर हाल में की गई विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी के निशाने पर आईं तृणमूल कांग्रेस की नेता एवं सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि भाजपा हिंदू देवी-देवताओं की संरक्षक नहीं है और उसे बंगालियों को नहीं सिखाना चाहिए कि मां काली की पूजा कैसे की जाती है।

मोइत्रा ने कहा कि भाजपा उत्तर भारत में देवी-देवताओं की पूजा की विधियों पर आधारित अपने विचारों को देश के अन्य हिस्सों के उन लोगों पर नहीं थोप सकती, जो पिछले दो हजार वर्षों से प्रचलित विभिन्न अनुष्ठानों से पूजा करते हैं।मोइत्रा ने बांग्ला भाषा के एक समाचार चैनल से बात करते हुए बृहस्पतिवार रात कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर बोलकर एक ‘‘परिवक्व नेता” की तरह व्यवहार किया, क्योंकि ‘‘हिंदुत्व के एजेंडे को लागू करने और अन्य जातीय समूहों पर अपने जड़ विचारों को थोपने” के भाजपा के प्रयास का विरोध किया जाना चाहिए और देश की खातिर इस मामले को उठाया जाना चाहिए।

मोइत्रा ने मंगलवार को यह कहकर विवाद खड़ा कर दिया था कि जिस तरह हर व्यक्ति को अपने तरीके से देवी-देवताओं की पूजा करने का अधिकार है, उसी तरह उन्हें देवी काली की मांस भक्षण करने एवं मदिरा स्वीकार करने वाली देवी के रूप में कल्पना करने का पूरा अधिकार है।

तृणमूल सांसद ने यह बात तब कही, जब उनसे एक ऐसी फिल्म के बारे में पूछा गया जिसके पोस्टर में देवी काली को धूम्रपान करते हुए दर्शाया गया है और जिससे विवाद पैदा हो गया है।मोइत्रा ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मैंने एक परिपक्व नेता की तरह व्यवहार किया। हम लंबे समय से इस मुद्दे को नजरअंदाज करते आ रहे हैं कि भाजपा उत्तर भारत की स्थापित प्रथाओं पर आधारित हिंदुत्व के अपने संस्करण को लागू कर रही है।

पार्टी को देश में पश्चिम बंगाल जैसे उन अन्य हिस्सों के लोगों पर इसे थोपने से बचना चाहिए, जहां हिंदू सदियों से स्थापित अपने रीति-रिवाजों का पालन करते आ रहे हैं। भाजपा हमें यह सिखाने वाली कौन होती है कि देवी काली की पूजा किस विधि से करनी है?” उन्होंने कहा, ‘‘न तो भगवान राम और न ही भगवान हनुमान केवल भाजपा के हैं। क्या पार्टी ने हिंदू धर्म का ठेका ले रखा है?”उन्होंने इस बात का जिक्र किया कि तृणमूल ने पिछले साल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा को किस प्रकार हराया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.