क्या माल्या को भगाने में वित्त मंत्री ने मदद की??

किंगफ़िशर एयरलाइन्स का मालिक व प्रमुख शराब का धंदा करने वाला भगोड़ा विजय माल्या जब 7000 करोड़ रुपये देनदारी को छोड़कर विदेश जा रहा था तो उसको विदेश यात्रा से रोकने के लिए लुकआउट नोटिस हवाई अड्डों को जारी करदी गईं थी.
ऐसे में विजय माल्या को विदेश जाने के लिए किसी प्रभावशाली नेता की मदद की जरूरत थी जो एरोड्रम पर उसकी गिरफ्तारी न होने दे.रिपोर्ट के अनुसार इस कार्य के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली से विजय माल्या मिला और उसके बाद वह भारत से भाग गया .
बस उसके बाद से शुरू हुआ राजनैतिक ड्रामा .इस बीच सरकार अपनी जवाबदेही से भी आसानी से न ही बच सकती थी , इसी लिए अपनी प्रतिष्ठा को बचाने के लिए माल्या को इंग्लैंड से देश में लाने के लिए एक राजनीतिक बयानबाज़ी का सिलसिला शुरू होगया .
देखना यह है कि यदि इस तरह का मामला किसी विपक्ष के नेता या उसके सहयोगी या जानकार के साथ हुआ होता तो क्या सीबीआई प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कर उस नेता की गिरफ्तारी न कर लेती ? यह सवाल देश कि जनता सरकार से करना चाहती है .
