[t4b-ticker]
Home » News » कौन हैं 7 Corona योद्धा जिनको मिला स्पेशल इनविटेशन

कौन हैं 7 Corona योद्धा जिनको मिला स्पेशल इनविटेशन

Spread the love

दिल्ली सरकार ने कोरोना महामारी में जान की बाजी लगा कर अवाम की सेवा कर रहे सात कोरोना योद्धाओं को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली सचिवालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विशेष निमंत्राण दिया

नई दिल्ली: कोरोना महामारी ने दुनिया को बहुत सिखाया है , बहुत ने बहुत खोया लेकिन कुछ ने कुछ पाया भी , इसी बीच दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल ने कोरोना महामारी में अपनी जान की परवाह किये बग़ैर लोगों की सेवा कर रहे सात कोरोना योद्धाओं को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शनिवार को दिल्ली सचिवालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में विशेष रूप से आमंत्रित किया है. विशेष आमंत्रण में शामिल प्रशासनिक, चिकित्सा, नर्सिंग, पुलिस, सिविल डिफेंस और सफाई व्यवस्था के क्षेत्र में काम करने वाले यह कोरोना योद्धा हैं. इनकी मेहनत, लगन और समर्पण की बदौलत ही प्रभावित लोगों को समय पर इलाज, खाना और अन्य राहत सामग्री मुहैया कराई जा सकी.

आइए जानते हैं इन योद्धाओं के बारे में

  1. राजीव सिंह परिहार, एडीएम (सेंट्रल)

राजीव सिंह परिहार सेंट्रल जिले के एडीएम हैं और कोविड ड्यूटी के दौरान नोडल अधिकारी रहे . राजीव सिंह परिहार ने कहा, ”एडीएम एक जिले के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सीईओ होता है, और कोरोना लॉकडाउन के दौरान, बसों और ट्रेनों के माध्यम से अन्य राज्यों के प्रवासियों की आवाजाही की जिम्मेदारी हमारी थी . मैं प्रवासियों को हंगर रिलीफ सेंटर के लिए स्थानांतरित करने की जिम्मेदारी भी संभाल रहा था और मैं हंगर राहत केंद्र वहां रहने वाले प्रवासियों को भोजन और अन्य सभी सुविधाएं मुहैया कराने की देखरेख करता था. इस कार्य में कई तरह की चुनौतियां थीं, लेकिन मुझे खुशी है कि मैं पूरे ऑपरेशन का हिस्सा बना. यह एक टीम प्रयास था और मैं खुश हूं कि हमारे सामूहिक प्रयासों का अच्छा परिणाम रहा.”

  1. सोनू, नर्सिंग अधिकारी, एलएनजेपी अस्पताल

सोनू ने 2 अप्रैल को दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल के वार्ड में नर्सिंग अधिकारी के रूप में अपनी ड्यूटी शुरू की. उन्होंने कहा, ”वार्ड शुरू में भरा हुआ था, हर दिन 30-35 नए मरीज आते थे. मैं जानता था कि मेरी फील्ड के लोग मरीजों का काफी ध्यान देते हैं. मेरे मरीज बहुत सहयोग करते थे. मैंने सुना था कि मरीजों को दिए जाने वाले आवश्यक उपचार के साथ-साथ उनकी मानसिक स्थिति को जानना बहुत महत्वपूर्ण है. मरीजों का कहना है कि वे अस्पताल में आकर फंस गए हैं और वे बहुत निराश थे, क्योंकि वे कोरोना संक्रमित थें उनके लिए यह स्वाभाविक था, क्योंकि वे सबसे अलग थे और उनका परिवार या उनके दोस्तों से कोई संपर्क नहीं था. हमने उन्हें मनोवैज्ञानिक मदद दी, क्योंकि अगर कोई मरीज अपना मनोबल खो देता है, तो कोई भी उपचार या दवा उन्हें ठीक नहीं कर सकती है. दूसरे दौर की ड्यूटी के दौरान मुझे भी 31 मई को कोरोना हो गया. मैं लगभग 17 दिनों तक होम आइसोलेशन में था. लेकिन लोगों की सेवा करने के प्रति मेरा मनोबल कम नहीं हुआ और मैं ठीक होने के तुरंत बाद लोगों की सेवा करने के लिए वापस आ गया.”

3:डॉ. हिरदेश कुमार, वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी, राजीव गांधी स्पेशल हॉस्पिटल

डॉ. हिरदेश कुमार 2 दिनों के लिए राजीव गांधी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में कोविड ड्यूटी पर तैनात थे. ड्यूटी के दौरान, उन्हें आरजीएसएसएच में फ्लू और जांच क्लिनिक का प्रभारी बनाया गया था. ये
द्वारका के रहने वाले हैं .

उन्होंने कहा, ”मैं राजीव गांधी अस्पताल में डायवर्टेड पोस्टिंग पर था. मैं आचार्य भिक्षु अस्पताल में पूर्णकालिक डॉक्टर हूं, जो एक गैर-कोविड अस्पताल है. मैं डायग्नोस्टिस्ट अनुभाग में तैनात था. मैं प्रतिदिन 60-70 मरीजों की जांच करता था . मैं मरीजों को इस बात पर मार्गदर्शन और परामर्श देता था कि क्या उन्हें होम आइसोलेशन में अलग-थलग रहना है या अस्पताल में भर्ती होना चाहिए.”

  1. प्रदीप चौहान, कांस्टेबल, दिल्ली पुलिस

प्रदीप चौहान दिल्ली पुलिस में कांटेबल हैं और फिलहाल वो सीएस आफिस में वायरलेस ऑपरेटर की ड्यूटी कर रहे हैं. पिछले 10 साल से पुलिस विभाग में सेवारत हैं. उन्होंने कहा, ”मैं सीएस साहब के आने जाने की जानकारी रखता हूं और उसके मुताबित अन्य व्यवस्थाएं कराता हूं. ड्यूटी के दौरान मैं कोरोना से संक्रमित हो गया था और मुझे 17 दिनों तक होम आइसोलेशन में रहना पड़ा था. स्वस्थ्य होने के बाद से लगातार ड्यूटी कर रहा हूं. मुझे कोरोना योद्धा के रूप में विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है. यह सम्मान पाकर मैं बहुत खुश हूं. कोरोना योद्धा का खिताब मिलने से मेरे परिवार के लोग भी काफी खुश हैं.”

  1. दीना नाथ यादव, सिविल डिफेंस वालेंटियर, पूर्वी दिल्ली

दीना नाथ यादव पूर्वी दिल्ली में सिविल डिफेंस वालेंटियर हैं. उन्होंने कहा, ”लॉकडाउन के दौरान हंगर रिलीफ सेंटर में गरीबों को खाना बंटवाया. जिनके पास घर नहीं थे और जो प्रवासी मजदूर अपने घर जा रहे थे और उन्हें पुलिस ने नोएडा व गाजियाबाद बॉर्डर पर रोक दिया था, उन सभी लोगों को नाइट सेंटर में शिफ्ट कराया. ईस्ट विनोद नगर और वेस्ट विनोद नगर में रहने वाले यूपी और बिहार के लोगों की जांच कराकर उनके गृह राज्य भिजवाने में मदद की. अपने क्षेत्र में लोगों का कोरोना टेस्ट भी कराने की जिम्मेदारी संभालता हूं. इस दौरान मैं भी कोविड से संक्रमित हो गया था. लेकिन स्वस्थ्य होने के बाद दोबारा ड्यूटी पर आ गया. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की सरकार ने मुझे कोरोना योद्धा का खिताब देकर काफी सम्मान दिया है.”

  1. अशोक कुमार, सुपरवाइजर, साउथ दिल्ली नगर निगम

अशोक कुमार साउथ दिल्ली नगर निगम में सफाई कर्मचारियों के सुपरवाइजर हैं और डीईएमएस विभाग में सेवा दे रहे हैं. अशोक कुमार ने कहा, ”दरियागंज से वार्ड-55 तक उनके क्षेत्र में आता है. इस क्षेत्र में जो भी कोरोना पॉजिटिव केस आते हैं, उनके घर से एमसीडी के कर्मचारियों से कूड़ा एकत्र कराना और उनके घर को सैनिटाइज कराने का काम करते हैं. इस दौरान लोगों को कोरोना के प्रति जागरूक रहने की भी सलाह देता हूं, ताकि उनकी वजह से आस-पड़ोस में रहने वाले लोग प्रभावित न हों. कोरोना योद्धा के तौर पर विशेष रूप से आमंत्रित किए जाने से गर्वांवित महसूस कर रहा हूं.

  1. तेज बहादुर, कैट्स एंबुलेंस चालक, जीटीबी

तेज बहादुर जीटीबी में कैट्स चालक हैं. उन्होंने कहा, ”कोरोना शुरू होने के अभी तक जितने भी मरीज मिले, उन्हें अस्पतालों में शिफ्ट कराया. इस दौरान उन्हें कई मरीजों के बहुत करीब जाना पड़ जाता है. कई बार मरीजों को गोंद में उठाना भी पड़ जाता है. एक दिन कोविड संक्रमित एक प्रेग्नेंट महिला अस्पताल में आई. उसके शरीर में ब्लड बहुत कम था और उसकी हालत काफी गंभीर थी. डॉक्टर ने उसे निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की सलाह दी. उस महिला को उन्हें गोंद में उठाना पड़ा. इस दौरान उनका पीपीई किट फट गया और वह डर गए कि उन्हें भी कोविड हो जाएगा. लेकिन भगवान का शुक्र है कि उन्हें कोरोना नहीं हुआ और आज भी स्वस्थ्य हैं. इस दौरान मैं कई दिनों तक घर नहीं जा सका. घर जाने के दौरान मैं पूरी सावधानी बरतता हूं. कोरोना योद्धा कहलाने में मुझे गर्व है.”

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Scroll To Top
error

Enjoy our portal? Please spread the word :)