कोरोना वायरस का सच ,चीन की ताज़ा स्तिथि

Date:

 

वुहान से Indian Citizens की वापसी का मामला , IAF का विमान तैयार , चीन से इजाज़त का इंतज़ार

चीन में फैले (Coronavirus) की वजह से पूरी दुनिया में हड़कंप मचा है. अकेले चीन में अभी तक करीब 2200 लोगों की मौत Corona Virus से हो चुकी है.

नई दिल्ली: चीन में फैले कोणवीरस से पूरी दुनिया चिंतित है , चीन की सरहदों से लगे दर्जन भर देशों ने चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से अपने बॉर्डर सील करदिये हैं . रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में अभी तक इस वायरस की चपेट में आकर करीब 2200 लोगों की मौत हो चुकी है.

चीन से लगातार विदेशियों के airlift करने का सिलसिला जारी है . इस महीने की शुरूआत में भारत की ओर से भी दो विशेष विमानों से करीब 600 भारतीय नागरिकों को एयरलिफ्ट किया गया था. एक बार फिर भारत ने राहत सामग्री लेकर एक विशेष विमान वहां भेजने की तैयारी कर ली है. यह विमान वहां छूट गए भारतीयों को भी भारत लेकर आएगा. चीन पर आरोप लग रहा है कि उसने जान-बूझकर अभी तक विमान को वहां उतरने की मंजूरी नहीं दी है.

बताया गया कि चीन ने राहत सामग्री लेकर जाने वाले विमान को अभी मंजूरी नहीं दी है. यह विमान राहत सामग्री को वहां छोड़कर वुहान से बचे भारतीयों को वापस भी लाएगा. भारतीय वायुसेना का यह विशेष विमान वुहान भेजने में हो रही देरी पर आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि चीन जानबूझकर मंजूरी देने में देरी कर रहा है. दूसरी ओर चीन ने इन रिपोर्ट्स का खंडन किया है. चीन कह रहा है कि कोई देरी नहीं की जा रही है लेकिन बिना कोई स्पष्ट कारण बताए मंजूरी नहीं दी गई है.

इसी सम्बन्ध में एक और भारतीय महिला के पिता ने PM मोदी से गुहार लगाई है ,उनका कहना है की मेरी बेटी कोरोना वायरस से संक्रमित नहीं ,बताते चलें कि 17 फरवरी को भारत सरकार ने घोषणा की थी कि भारतीय वायुसेना के सबसे बड़े विमान ‘C-17 ग्लोबमास्टर’ को दवाइयों के साथ वुहान भेजा जाएगा. राहत सामग्री को छोड़ने के बाद यह विमान वहां फंसे शेष भारतीयों को वापस लाएगा. वुहान में अभी भी कई भारतीय नागरिक फंसे हैं. उनका परिवार उन्हें वहां से निकालने के लिए लगातार भारत सरकार से अपील कर रहा है.

इससे पहले एयर इंडिया दो विशेष विमानों की मदद से 647 नागरिकों को एयरलिफ्ट किया जा चूका है , इनमें 7 मालदीव के नागरिक भी शामिल थे. भारत के केरल, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में भी कुछ मरीजों को संदिग्ध पाया गया है. यह सभी वुहान शहर से लौटे हैं. सभी को आइसोलेशन वॉर्ड में रखा गया है. उनका इलाज किया जा रहा है.

अब इस पूरे प्रकरण के चलते एक बहस शुरू हुई है , क्या यह प्रकिर्तिक आपदा है या शैतानी साज़िश , ख़बरें इस तरह की भी रही हैं कि वहां यूनिवर्सिटी में अमेरिकी वैज्ञानिक के साथ 2 चीनी सहायक BIO WEAPON तैयार कर रहे थे तभी इस तजर्बे के दौरान गैसों का रिसाव होगया और वो देखते ही देखते पूरे वहां में फेल गया , जबकि कहा यह जा रहा है की अमेरिकन वैज्ञानिक भी इस से न बच सका और वो भी मारा गया है .VIEW TOP

दुसरे इसी दौरान , चीनी राष्ट्रपति की एक विडिओ भी वायरल हुई थी जिसमें राष्ट्रपति Xi Jinping मस्जिद में में गए और वहां इमाम हज़रात से मिले और उनसे दुआ कराई की इस फैलती बीमारी से मुल्क को बचने के लिए रब से दुआ करें .वहीँ कुछ लोगों का यह भी मन्ना है की यह आपदा चीन में उइगर मुसलमानो पर होने वाले ज़ुल्म की वजह से आई है .लाखों उइगर मुसलमानो पर ज़ुल्म के पहाड़ तोड़े जा रहे हैं उनको अपने मज़हबी फ़रीज़ों को पूरा करने से रोका जा रहा है . साथ ही उनको ज़बरदस्ती DETAINTION CENRES में धकेला जा रहा है.

उइगर मज़लूम मुसलमानो का मानना है कि WUHAN से शुरू हुई आपदा उइगर मुसलमानो पर ज़ुल्म का नतीजा है , और यह तो बिलकुल सही है जब जब सरकारी या आवामी ज़ुल्म बढ़ता है,इन्साफ नहीं होता है तो प्रकिर्तिक आपदाएं आती ही हैं .ऐसे में जब WORLD  की मानव अधिकार एजेंसियां भी इन्साफ दिलाने में असफल हों और ज़ालिम सरकारें अपनी मन मानी करने लगें तो इसका इंतज़ार करो की अब क़ुदरत का केहर आने वाला है .

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Mamdani’s Rise Signals a Shift in NYC Democratic Politics

New York: The contrast on New York City's primary...

Jamiat treats in Free Medical Camp at Ajmer

Jamiat medical camp at Ajmer Urs treats 1,415 pilgrims...

Indo-Saudi Arab biletral ties and Role of Dr. Suhel

Ambassador Suhel Ajaz Khan Leaves Riyadh, But Questions Remain...

Indo-Greek Defence Partnership

Indo-Greek Defence Partnership, promising move for both nations Indo-Greek Defence...