किसके सर पर होगा 2019 का ताज?

हो गया तय ?किसके सर पर होगा 2019 का ताज

हाल ही में हुए 5 राज्यों में विधान सभा चुनाव के नतीजों में भले ही ३ राज्यों में कांग्रेस ने सरकार बना ली है लेकिन देखना यह भी ज़रूरी है की कांग्रेस को मिली जीत में मत दाताओं की कितनी प्रतिशत है जो बीजेपी के पक्ष में गयी है और कांग्रेस को कितना प्रतिशत वोट मिला है .
इस बार कांग्रेस को ४१.४९% जबकि बीजेपी को ४१.६२ % वोट मिला है ऐसे में इस बात का अंदाज़ा लगाना आसान है कि वोटर के रुझान में कोई फ़र्क़ नहीं है , सीट भले कांग्रेस को ज़्यादा मिल गयी हों .

मध्य प्रदेश

कांग्रेस को मिली 114 और +56 का लाभ
बीजेपी को मिली 109 और -56 का नुकसान
बसप को मिली 2 और -2 का नुकसान
जबकि अन्य को 2 का लाभ हुआ है

राजस्थान
कांग्रेस को मिली 99 और +79 का लाभ
बीजेपी को मिली 73 और -89 का नुकसान
बसपा को मिली 6 जिसमें +3 का लाभ है
जबकि अन्य को मिली 20 और +7 का लाभ है

छत्तीसगढ़
कांग्रेस मिली 68 और +29 का लाभ
बीजेपी को मिली 15 और -34 का नुकसान
बसप को मिली 7 और +6 का लाभ
जबकि अन्य को 0 -1 का नुकसान है

जबकि मिजोरम में कांग्रेस को सिर्फ 5 सीट मिली और उसको 29 का नुकसान है , वहीँ बीजेपी ने अपना खाता खोला है .
दूसरी तरफ तिलंगाना में कांग्रेस को 21 मिली 16 का नुकसान है और बीजेपी को 1 मिली 4 का नुकसान है .

इस तरह तिलंगाना और मिजोरम में कांग्रेस की मक़बूलियत क्षेत्रए पार्टी के मुक़ाबले घटी है जो कांग्रेस के लिए चिंतन और मंथन का विषय है .

तो कुल मिलाकर कांग्रेस को बहुत खुश होने की जगह अपनी ग़लतियों और कमियों को लगातार दूर करने की ज़रुरत है साथ ही जो ग़लतियाँ बीजेपी कर रही है उनसे सबक़ लेने की भी ज़रुरत है जिसके चलते बीजेपी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है .

और दूसरी ख़ास बात यह है की चुनाव को वीयगतित्व के आधार पर नहीं होने देना चाहिए चुनाव नीतियों और योजनाओं तथा Performence के आधार पर लड़ा जाना चाहिए , चुनाव मोदी VS राहुल नहीं बल्कि विकास vs विनाश तथा प्यार vs नफरत , और सोहाद्र vs साम्प्रदायिकता होनी चाहिए . चुनाव धार्मिक जज़्बात के आधार पर नहीं देश के बयड़ी मुद्दों पर लड़ा जाना चाहिए .

यह तो तय है इस बार 2019 का ताज उसी पार्टी के सर पर जाएगा जो देश में स्वास्थ्य , शिक्षा , सम्मान और सामाजिक न्याय को स्थापित करने की नीयत से लड़ेगी , हमें लगता है देश की जनता अब मंदिर मस्जिद और साम्प्रदायिकता तथा हार्ड कोर हिंदुत्व या सॉफ्ट हिंदुत्व को सिरे से नकार देगी.

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