किसान बिल पर दिल्ली मार्च :जवानों का किसानों पर केहर , आखिर क्या है इन अन्न उद्पादकों का क़ुसूर , किसका है आदेश किसानों को रोकने का ?

नई दिल्ली:पिछले दिनों ज़बरदस्त हंगामे के बीच संसद में कृषि बिल को पास करा लेने के बाद सरकार समझी थी गुज़िश्ता बिलों के क़ानून में तब्दील कराने के बाद इस बार किसानों को भी अपने हिसाब से चला लिया ज आएगा, किन्तु इस बिल से किसान आंदोलन निकलेगा यह सरकार भी नहीं जानती थी .
अब मोदी सरकार कोई बैसाखी वाली तो है नहीं , जो कभीभी गिरने का खौफ हो .बक़ौल उनके जनता ने भरोसा जताया है हमारे ऊपर , तो अब वो जो चाहें करें और फिर वो जो बिल पास कर देते हैं उससे एक इंच भी पीछे नहीं हटते हैं वर्तमान सरकार का रिकॉर्ड है , और फिर हटना भी क्यों है प्रचंड बहुमत की सरकार का एहि तो लाभ है जो चाहो सो करो .किसान मज़दूर बाद में पहले Corporate घराने जो आड़े वक़्त में काम आते हैं .

इसी कड़ी में कृषि कानून का देश भर में विरोध हो रहा है , और अब देश भर के किसान दिल्ली में केंद्र सरकार को बताने आना चाहते हैं कि यह किसान बिल हमारे खिलाफ है ,क्यों खिलाफ है ,इसके Valied पॉइंट्स भी उन्होंने रखे हैं .
पंजाब और हरयाणा के अलावा देश भर के किसानो के इस विरोध प्रदर्शन पर जब लाठी चार्ज हुआ तो इस पर किसान समर्थकों की टिप्पणियां आनी शुरू होगईं , एक्ट्रेस स्वरा भास्कर का रिएक्शन आया है. स्वरा भास्कर ने ट्वीट कर ये बात कही है.”सबसे दुख की बात ये है कि ये जवान भी किसान का ही बेटा होगा !”

केंद्र के कृषि कानून के विरूद्ध खबर लिखे जाने तक किसान प्रदर्शनकारी सिंधु बार्डर पर डटे हुए हैं. लगातार किसान दिल्ली में आने का प्रयास कर रहे हैं. हालांकि, किसानों पर केंद्र सरकार की सख्ती VEDIOS और PHOTOS में साफ़ देखी जा सकती है. पुलिस और पारा मिलिट्री के जवानो की भारी तादाद वहां मौजूद है जिसको किसान नेता अँगरेज़ साम्राजयवाद की पुलिस से ताबीर कर रहे हैं .
लगातार किसानों को रोकने का प्रयास हो रहा है . नवंबर की ठंड में पानी की बौछार, तो कभी लाठी चार्ज करके किसानों को रोकने का भरसक प्रयास किया जा रहा है.

इस तस्वीर में देश के जवान किसानों पर लाठी चार्ज करते नजर आ रहे हैं. तस्वीर को शेयर करते हुए स्वरा भास्कर ने अपने ट्विटर हैंडल पर यह फोटो शेयर की और कैप्शन में लिखा है , “सबसे दुख की बात ये है कि ये जवान भी किसान का ही बेटा होगा!” स्वरा भास्कर के इस ट्वीट पर लोगों के COMMENTS आ रहे हैं जिसमें उनकी प्रतिकिर्याएँ हैं .
इस पूरे प्रकरण में अरविन्द केजरीवाल की राजीनीति काफी समझदारी वाली लग रही है , जिसके तहत वो लगातार पंजाब के किसान नेताओं के राबिते में हैं और उनके साथ मध्यसतता की शायद कोशिश में भी हैं ,अभी अभी समाचार मिला है की अब किसानों को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन की इजाज़त मिल गई है. दिल्ली सरकार ने विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों का स्वागत ‘अतिथि’ के तौर पर करते हुए उनके खाने, पीने और आश्रय का बंदोबस्त किया है .

आपको याद होगा किसानों के मुद्दे पर ही शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी का गठबंधन टूट चुका है, तब अरविंद केजरीवाल किसानों का साथ देकर एक तीर से दो निशाने साधने की कोशिश कर रहे हैं.
राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से हजारों किसानों को प्रवेश करने और उत्तरी दिल्ली के मैदान में कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति दी गई है. किसानों के कुछ प्रतिनिधियों ने बुराड़ी में पुलिस अधिकारियों के साथ निरंकारी समागम ग्राउंड का मुआयना किया.जिसके बाद किसानों तथा सरकारों को भी फिलहाल राहत मिली होगी , किन्तु केंद्र सरकार की नीयत के बारे में अभी कुछ कहना मुश्किल होगा .
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