जानवर बचाओ , इंसान को जाने दो ……..

Date:

मेनका जी आप जानवरों से प्यार करती हैं अच्छी बात है मगर इंसानो से आपका कितने जन्मों से बैर है की देश में कैसी कैसी घटनाएं होगईं आपका कोई ब्यान तक नहीं ,चलिए मिसाल के तौर पर देखें ये घटनाएं ।

बिहार और झारखंड में पत्रकारों की हत्या ,योगा ट्रेनिंग में नीतिगत आधार पर मुसलमानों की नियुक्ति न करने का आरटीआई से खुलासा करने वाले पत्रकार पुष्प शर्मा की गिरफ्तारी और खबर को छापने वाले अखबार मिल्ली गजट के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने ,इस मसले पर प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा पत्रकार के पक्ष में खड़े होने के बजाए खुलकर सरकार का पक्ष लेना साबित करता है कि पीसीआई जैसी संस्था का भी भगवाकरण हो गया है।फैजाबाद और नोएडा में बजरंग दल तो वाराणसी में दुर्गा वाहिनी के सैन्य प्रशिक्षण कैंप चल रहे हैं वो यह साफ करते हैं कि  आतंरिक अशांति के लिए सरकार संरक्षण में प्रयोजित तरीके से षड़यंत्र रचा जा रहा है।

 

जिस तरह से मथुरा हिंसा में रामवृक्ष यादव को सत्ता द्वारा संरक्षण दिया जाना कहा जा रहा है ठीक इसी तरह हिंदू स्वाभिमान संगठन के स्वामी जी उर्फ दीपक त्यागी कभी सपा के यूथ विंग के प्रमुख सदस्य रह चुके हैं  इसी तरह गाजियाबाद के डासना में हिंदू स्वाभिमान संगठन के लोग पिस्तौल, राइफल, बंदूक जैसे हथियारों की ट्रेनिंग आठ-आठ साल के मासूम हिंदू बच्चों को दे रहे थे उस पर आज तक खुफिया-सुरक्षा एजेंसियां और सरकार चुप है। बेगुनाह दाढ़ी-टोपी वाले मुस्लिम को आईएस और लश्कर ए तैयबा से उनका  लिंक बता कर पकड़वाने वाली खुफिया एजेंसियां यह पता नहीं कर पाईं कि जवाहर बाग में हथियारों और विस्फोटकों का इतना बड़ा जखीरा कैसे इकठ्ठा हो गया , और बाबा रामदेव के यहाँ तलवारों  ,पिस्टलों  तथा  दुसरे  हथ्यरों  से  कोनसी  दवा  बनाई  जा  रही थी  ,मगर  उनको  तो  लाखों  की  गर्दनें  जो  काटनी  हैं  शायद  उसके  लिए  ज़खीरा  किया  होगा  हथियारों का ,उनपर कितने मुक़द्दमे लगे संजय दत्त की तरह इसका किसी को आईडिया हो तो हमें ज़रूर बतादें अगर हाँ तो सजा कब तक होगी  ।

 

 

मई माह में आजमगढ़ के खुदादादपुर में हुई सांप्रदायिक हिंसा में हिंदू महिलाओं द्वारा राहगीर मुस्लिम महिलाओं पर न सिर्फ हमला किया गया बल्कि उनके जेवरात छीने गए तो वहीं मथुरा में महिलाओं द्वारा फायरिंग व वाराणसी में दुर्गा वाहिनी द्वारा महिलाओं को हथियारों की ट्रेनिंग यह घटनाएं अलग-अलग हो सकती हैं पर इनका मकसद एक यानि सांप्रदायिक हिंसा है।जबकि देश की 70 % से ज़्यादा  जनता आज  भी सेक्युलर है  और सद्भाव में विशवास रखती है ।

 

आसाम में  नीली नरसंहार जिसमें 35000 मुसलमानो का क़त्ल सिर्फ 8 घंटे में किया गया था  हाशिमपुरा में मुस्लिम युवाओं को चुन-चुनकर कत्ल के लिए ले हिंडन नदी पर जाया गया हो या फिर 1991 में पीलीभीत में सिख युवाओं को चुन-चुनकर मारा गया हो या दिल्ली में सिखों का क़त्ले आम हो यह हादसे मनुवादी और सांप्रदायिक जेहनियत को दर्शाती  है जो नस्लीय आधार पर अल्पसंख्यकों का जनसंहार करती रही हैं। हालिया  एनआईए अधिकारी तंजील अहमद और नदमक अधिकारी अधिवक्ता M M खान की हत्या देश में  कानून व्यवस्था ध्वस्त होने या पूंजीवादी और सामंतवादी  हहकुमतों  की ओर  इशारा  करती  हैं  ।

 

पिछले दिनों सीतापुर के महमूदाबाद में मुस्लिम लड़की की हिरासत में बलात्कार करके हत्या करने की घटना हो या बाराबंकी में पत्रकार के माँ के साथ बलात्कार करने की कोशिश या फिर सीतापुर और बलिया में दलित बस्तियों का जलाया जाना से साफ हो गया है कि प्रदेश में न केवल कानून व्यवस्था ध्वस्त हो गयी है बल्कि  देश में अराजकता का माहौल है , गिरफ्तारियां हैं और क़ानून भी मगर कमज़ोर , मज़दूर , दलित , अल्पसंख्यक और बेसहारा के लिए  ।

 

पीलीभीत के सद्दाम और पूरनपुर के  शकील की कोतवाली हिरासत में हुई हत्या के लिए किसको ज़िम्मेदार ठहराओगे आप ? 27 मार्च को बलिया के शिवपुर दीयर में क्रिकेट मैच की जीत के जश्न की आड़ में जलाई गयी दलित बस्ती के 60 घरों को किसकी जीत कहोगे और किसकी हार ?

 

ये चंद घटनाएं मिसाल के तौर पर पेश की गयी हैं , जबकि देश में हर पल ऐसी घटनाओं की खबर आम है जिसपर सरकारों का कोई संज्ञान नहीं अगर होगा तो हमको पता नहीं ।लेकिन हमारी मंत्री श्रीमती मेनका जी को जानवरों की बेहद चिंता है और होनी भी चाहिए लेकिन मेनका साहिबा प्रकाश जावड़ेकर (मंत्री जी ) तो बंदरों और नील गायों के मारने को जाइज़ बता रहे हैं और उनका हुक्म है की ऐसा किया जाए magar अफ़सोस है की बंदरों और जानवरों की परवाह करने वाली मंत्री साहिबा इन्सानो के क़त्ल इ आम तक पर कोई इज़हार ए अफ़सोस तक  नहीं करती !!!!क्या  होगया  आपको  क्या  आपको  सिर्फ  जानवरों  से  प्यार  है  और  इंसानों   से  ? जवाब  तो  होगा  आपके  पास  मगर  कबतक  मिलेगा  इसका  पता  नहीं  । editor’s desk

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Rabindranath Tagore Jayanti held at the Consulate General of India, Sydney

Rabindranath Tagore Jayanti Becomes a Grand Celebration of Indian...

हिन्दुराष्ट्र वाला हिंदुस्तान ऐसा होगा?

.......अब अगर इसको हिंदु राष्ट्र बनाये जाने की बात...

भारत बना दूसरा सबसे बड़ा तेल खरीदार

edited by maroof raza, senior journalist भारत रूस से तेल...

Religion, Wisdom, Demographics and the Misuse of Faith

“The wisdom that comes from God teaches love, justice,...