पटना: देहात की बात छोड़ें शहरों में बिजली का घंटों ग़ायब रहना आम बात है ,हाल ही में गुजरात पाटीदार आन्दोनकारी नेता हार्दिक पटेल अपने गाऊँ गए वहां बिजली ग़ायब होगई और काफी देर ग़ायब रही या ग़ायब जान बूझकर करादी गयी इसका कुछ नहीं पता ,मगर हार्दिक ने इस मौके को ग़नीमत समझ पहले केंद्र सरकार पर निशाना साधा और फिर लालटेन हाथ में लेकर जलाया और ठोक दिया अपनी तस्वीर के साथ एक ट्वीट और लिखा ‘आज मैं अपने गांव आया हुआ हूं, लेकिन, गांव में बिजली चली गई तो मैंने लालटेन जलाई और अंधेरा दूर किया. बहुत काम आती है लालटेन, आज पता चला!’
उधर दूसरे नौजवान नेता पटना में जैसे इस ट्वीट का इंतज़ार ही कररहे हों इस ट्वीट को राजद नेता और पूर्व उप मुख्यमंत्री (बिहार) तेजस्वी ने रिट्वीट करते हुए लिखा, ‘हार्दिक भाई, नफरत के खिलाफ मोहब्बत की लालटेन जलाते रहना है. अन्याय के अंधेरों के खिलाफ न्याय का प्रकाश फैलाना है. डटकर लड़ना और लड़कर जीतना है. नौजवान हैं, संघर्ष के सिवाय करना क्या है?’
याद रहे लालू यादव की पार्टी राजद का निशान लालटेन ही है और बिहार के पूर्व उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तुरंत इस ‘लालटेन’ को परोक्ष रूप से अपनी पार्टी राजद के चुनाव चिन्ह से जोड़ते हुए हार्दिक को नफरत के खिलाफ मोहब्बत की लालटेन जलाते रहने की सलाह दे दी.यानी अपने पिता के खिलाफ चारा घोटाले में CBI की विशेष अदालत द्वारा फैसले को उन्होंने नफरत से जोड़कर शायद रीट्वीट किया होगा .
हार्दिक पटेल पाटीदारों के लिए आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे हैं. उनके निशाने पर भाजपा है और दोनों नेताओं का common दुश्मन एक ही है यानी बीजेपी .याद रहे गुजरात विधान सभा चुनाव में हार्दिक पटेल ने कांग्रेस का समर्थन किया था.
देखना यह होगा की अँधेरे में जले इस इत्तेफाकिया लाल टेन की रौशनी देश को कोई सियासी चमक दे पाएगी या नफरत के अँधेरे अभी ऐसे ही छाये रहेंगे ?Top Bureau