ज्ञानवापी: श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन और अन्य देव विग्रहों को संरक्षित करने को लेकर अदालत में सुनवाई शुरू.

वाराणसी के ज्ञानवापी स्थित श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन और अन्य देव विग्रहों को संरक्षित करने के लिए राखी सिंह समेत पांच महिलाओं की तरफ से दाखिल वाद पर जिला जज डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में ग्रीष्मावकाश के बाद आज से सुनवाई शुरू हो गई है।

अदालत में सुप्रीमकोर्ट के आदेश पर ऑर्डर 7 रूल 11 के तहत वाद सुनवाई योग्य है या नहीं पर बहस हो रही है। इधर, हिंदू पक्षकारो में से एक राखी सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन और विष्णु जैन को हटा दिया है। मानबहादुर सिंह, शिवम गौड़ और अनुपम द्विवेदी केस लड़ेंगे। राखी सिंह की ओर से कोर्ट में वकालत नामा दाखिल कर दिया गया है।

ज्ञानवापी मामले में मुस्लिम पक्ष अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी की ओर से सोमवार को दलीलें दी जा रही हैं। इससे पहले भी मसाजिद कमेटी के अधिवक्ताओं ने दलील दी थी कि विशेष धर्म उपासना स्थल विधेयक 1991 यहां लागू होगा, जिसमें आजादी के समय धार्मिक स्थल की जो स्थिति थी, वही रहेगी। जबकि हिंदू पक्ष की दलील है कि यहां विशेष धार्मिक उपासना स्थल काननू लागू नहीं होगा, क्योंकि यहां आजादी के बाद भी श्रृंगार गौरी की पूजा होती थी।अंजुमन इंतजामिया के अधिवक्ता अभय नाथ यादव वाद की पोषणीयता पर सवाल उठाते हुए आपत्ति में दर्शाए गए 52 में से 39 बिंदुओं पर अपनी दलीलें पेश कर चुके हैं। उनकी दलील अभी जारी हैं और सोमवार को होने वाली सुनवाई में भी अपनी दलीलें आगे बढ़ाएंगे।

काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत कुलपति तिवारी, काशी विश्वनाथ मंदिर के वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी समेत लगभग 10 लोगों ने ऑर्डर 1 रूल 10 के तहत पक्षकार बनाये जाने का अनुरोध किया है।

जिला जज सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर पहले प्राथमिकता के आधार पर पांच महिला वादकारियों की तरफ से दाखिल वाद की पोषणीयता पर सुनवाई करेंगे फिर अन्य प्रार्थनापत्रों का निस्तारण करेंगे। इसी अदालत में ज्ञानवापी सर्वे की वीडियोग्राफी अदालत की रोक के बावजूद लीक हो जाने पर सीबीआई जांच संबंधी वादिनी राखी सिंह के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन के प्रार्थनापत्र पर भी सुनवाई होनी है।काशी धर्म परिषद ने सावन में ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग पर जल चढ़ाने की अनुमति मांगी है। इसके साथ ही कहा है कि सावन में काशी विश्वनाथ परिसर में पवित्रता का सिद्धांत लागू किया जाए। रविवार को लमही स्थित सुभाष भवन में आयोजित धर्म परिषद की बैठक में देश के वर्तमान हालात पर चर्चा हुई।

बैठक की अध्यक्षता कर रहे महंत बालक दास ने कहा कि धार्मिक भावनाएं आहत करने और लोक व्यवस्था को भंग करने वालों पर देश भर में मुकदमे दर्ज होने चाहिए। इसके लिए धर्म परिषद भी सभी मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखेगी। कहा कि उदयपुर और अमरावती की घटनाएं दुर्भाग्यपूर्ण हैं। इससे संत समाज में नाराजगी है। हत्या के लिए उकसाने वालों को भी कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इस दौरान आठ प्रस्ताव पारित किए गए।

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