मानदेय बढ़ाने की मांग पर चौथे दिन भी डटीं आशाएं, कार्य बहिष्कार से जताया विरोध

फर्रुखाबाद, 04 अक्टूबर । उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मानदेय बढ़ाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर राजेपुर विकासखंड की आशा कार्यकर्ताओं और आशा संगिनियों का धरना रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र राजेपुर से जुड़ी आशाओं ने कार्य बहिष्कार कर शासन और स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ विरोध जताया। उन्होंने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी।

आशा कार्यकर्ताओं ने बताया कि एक अक्टूबर से शुरू हुआ धरना 15 अक्टूबर तक चलेगा। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं और सेवाओं को घर-घर तक पहुंचाने में आशाओं की अहम भूमिका है। गर्भवती महिलाओं की निगरानी, टीकाकरण के लिए प्रेरित करना, स्वास्थ्य जागरूकता और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने सहित कई जिम्मेदारियां वे निभाती हैं।

धरनारत आशाओं ने मानदेय बढ़ाने के साथ कार्य की स्पष्ट समय सीमा तय करने की मांग की। उनका कहना है कि विभागीय कार्यों के लिए उन्हें अक्सर दिन-रात उपलब्ध रहना पड़ता है। निर्धारित जिम्मेदारियों के अलावा अतिरिक्त कार्य दिए जाने से काम का दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि निश्चित कार्य समय तय होने से उन्हें निजी और पारिवारिक जीवन के लिए भी समय मिल सकेगा।

आशाओं ने मातृत्व अवकाश, सेवा सुरक्षा और अन्य सुविधाएं दिए जाने की भी मांग की। कार्यकर्ताओं का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के बावजूद उन्हें अपेक्षित सुविधाएं और सेवा सुरक्षा नहीं मिल रही हैं। महंगाई और बढ़ती जिम्मेदारियों के बीच वर्तमान मानदेय को उन्होंने अपर्याप्त बताया।

धरने के दौरान आशाओं ने विभिन्न नारों के साथ अपनी मांगें उठाईं। उन्होंने मानदेय में वृद्धि, कार्य समय निर्धारित करने, मातृत्व अवकाश और सेवा सुरक्षा के साथ आशा कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की।

आशा कार्यकर्ताओं ने शासन और स्वास्थ्य विभाग से मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि समाधान नहीं होने तक उनका कार्य बहिष्कार और धरना जारी रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.