डॉ ख़्वाजा शाहिद को उनकी सेवाओं के लिए सराहा गया

प्रेस विज्ञप्ति

डॉ ख़्वाजा शाहिद को लगातार समाजी और तालीमी ख़िदमात के लिए सराहा गया

कारवां फाउंडेशन के साथ सामाजिक शख्सियत भी रही मौजूद: एडवोकेट रईस अहमद

डॉ खुआजा शहीद को लगातार समाजी और तालीमी खिदमात के लिए सराहा गया

नई दिल्ली/प्रोफेसर शाहिद एक अनुभवी प्रशासक और शिक्षाविद् हैं। समाजी और शैक्षणिक सेवाओं के लिए उनको देश में सराहा गया . डॉ ख़्वाजा शाहिद के जामिया मिलिया इस्लामिया दिल्ली में रजिस्ट्रार के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, जामिया मिल्लिया को ‘डीम्ड यूनिवर्सिटी’ के दर्जे से सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाने में उनके प्रबंधन की सराहना की गई जाती रही है।

प्रो-वाईस चांसलर डॉ.ख़्वाजा विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों और संघों से जुड़े रहे हैं जिनमें एशियाई प्रौद्योगिकी संस्थान, बैंकॉक; एशियाई प्रबंधन संस्थान, मनीला; अंतर्राष्ट्रीय उद्यमिता संवर्धन केंद्र, स्लोवानिया; राष्ट्रमंडल सचिवालय, लंदन; और सार्क सचिवालय शामिल हैं।

प्रोफेसर शाहिद 9 मई, 2013 को MANUU के प्रो वाइस चांसलर के रूप में शामिल हुए । इसके अलावा निजी संस्थानों की भी ज़िम्मेदारी संभालते रहे हैं . 

हालिया इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर (IICC) के चुनावों में डॉ.ख़्वाजा एम शाहिद को बोर्ड ऑफ़ ट्रस्टी मेंबर के लिए चुना गया . बोर्ड में खुआजा शाहिद के आने से उम्मीद की जारही है की सेंटर के मक़ासिद को पूरा करने में मदद मिलेगी और डॉ खुआजा अपने तजरबात और संबंधों का इस्तेमाल करेंगे . ग़ौरतलब है की डॉ खुआजा को NRI मेंबर्स का भारी समर्थन रहा है .

इंडिया इस्लामिक सेंटर के चुनाव में BOT चुने जाने के मौके पर कारवां फाउंडेशन के चेयरमैन एडवोकेट रईस अहमद, मुस्लिम मजलिस मुशावरत (दिल्ली) के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. इदरीस कुरैशी ,सुप्रीम कोर्ट के एडवोकेट असलम अहमद, एआईईएम से क़ाज़ी मोहम्मद मियां और ऐजाज़ गोरी ने उनकी ईमानदाराना और मुंसिफाना सेवाओं के लिए भी मुबारकबाद पेश की । याद रहे IICC चुनावों में अध्यक्ष पद पर पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद चुनकर आये हैं।

डॉ. शाहिद तालीम के क्षेत्र में अपनी एक पहचान रखते हैं जिसकी वजह से इस्लामिक सेंटर में शिक्षा के क्षेत्र में उनकी अहम् भूमिका रहने की उम्मीद जताई जा रही है । खुद भी एक नर्म मिज़ाज और हरदिल अज़ीज़ शख्सियत के मालिक हैं .

डॉ. ख़्वाजा शाहिद का चुनावी वादा था की जीत हासिल होने के बाद सेंटर के संस्थापकों की तस्वीरों को सेंटर की गैलरी में स्थापित किया जाएगा , अपनी जीत हासिल करते ही इसको पूरा कराने में अपनी भागीदारी निभाई है । उम्मीद है कि सेंटर व क़ौम के विकास और उन्नति के कार्यों में भी इसी तरह काम की रफ्तार देखने को मिलेंगी।

 

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