NewsNational NewsTOP Stories दिल्ली दंगा मामले में ट्रायल कोर्ट की पुलिस को सख्त चेतावनी By: TIMES OF PEDIA Date: November 15, 2022 पुलिस ने पेश किये फ़र्ज़ी गवाह अदालत ने लगाईं फटकार ,भविष्य में ऐसा न करने की दी हिदायत New Delhi: Nadeem Ahmad//दिल्ली की निचली अदालत ने 2020 के दिल्ली दंगों के मामले में ग़ैर मुताल्लिक़ अपराधी को कोर्ट में पेश करने के लिए दिल्ली पुलिस और इस्तगासा की खिंचाई की है। कोर्ट ने चेतावनी देते हुए कहा कि फ़र्ज़ी गवाहों को कोर्ट में पेश करने से परहेज करें। साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि इस तरह की चीजों को आगे से नरमी से नहीं लिया जाएगा। दिल्ली दंगा मामले में सोमवार को अभियोजन पक्ष के गवाह से पूछताछ होनी थी। हालांकि, बचाव पक्ष के वकील ने बताया कि आरोपी पर लगाए गए इल्ज़ामात का PIL में उसके खिलाफ कोई जिक्र नहीं है। वहीं, अभियोजन ने भी माना है कि कोर्ट में मौजूद गवाह द्वारा दी गई शिकायत के संबंध में आरोप तय नहीं हुए हैं। अदालत का मानना है कि आरोपों में घटना की गलत तारीख का उल्लेख किया गया था। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रमाचला ने कहा कि अदालत भविष्य में इस तरह की चीजों को बर्दाश्त नहीं करेगी। अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा, कई बार इस बात के निर्देश दिए गए है कि रिकॉर्ड की जांच करें सब कुछ ठीक है. इसके बावजूद ना तो इंवेस्टिगेशन ऑफिसर और ना ही अभियोजन पक्ष ने इसकी जांच की। जांच अधिकारी (आईओ) और अभियोजन पक्ष की मांग पर कोर्ट ने आखिरी मौका देने का फैसला किया. कोर्ट ने यह भी कहा कि कई बार निर्देश दिए जा चुके है कि किसी गवाह को समन भेजने से पहले उस मामले की अहमियत और संबंध का पता लगाने की जिम्मेदारी जांचकर्ता और अभियोजन पक्ष की है, फिर भी ऐसा नहीं किया गया, इसलिए इसका भविष्य में ख्याल रखा जाए। खजूरी खास थाने में नूर मोहम्मद उर्फ नूरा और नबी मोहम्मद के खिलाफ दर्ज FIR की सुनवाई के सिलसिले में यह आदेश पारित किया गया। आपको बता दे कि दोनों आरोपी जमानत पर बाहर हैं और मुकदमे में अभियोजन पक्ष के गवाहों से पूछताछ होनी है। गवाह के तौर पर मनोज कुमार की कोर्ट में पेशी थी। आरोपी नूरा के वकील ने कहा कि इस मामले में लगाए गए आरोपों में कुमार की शिकायत का कोई उल्लेख नहीं है। अदालत को बताया गया कि कई शिकायतों को इस मामले के साथ जोड़ दिया गया था, लेकिन आरोप केवल दलीप और शिव कुमार राघव की दो शिकायतों के संबंध में तय किए गए थे। याद रहे कि अदालत कई मामलो में पुलिस और इंटेलिजेंस एजेंसीज को चेताती रही है कि फ़र्ज़ी मामलो को अदालत में लाने से पहले अच्छी तरह जांच लिया जाए उड़के बाद ही उनको सुनवाई के लिए कोर्ट में लाया जाए. इस तरह से अभियुक्तों ,अदालतों और फ़र्ज़ी आरोपियों का वक़्त और पैसा बचाया जा सकता है. Previous articleعالمی یوم اردو کے موقع پر غالب اکیڈمی میں شاندار تقریب کا انعقادNext articleयूनानी मेडिसिन पर राष्ट्रीय संगोष्टी का आयोजन TIMES OF PEDIAhttps://timesofpedia.com LEAVE A REPLY Cancel reply Comment: Please enter your comment! Name:* Please enter your name here Email:* You have entered an incorrect email address! Please enter your email address here Website: Save my name, email, and website in this browser for the next time I comment. Δ Share post: FacebookXPinterestWhatsApp SubscribeI want inI've read and accept the Privacy Policy. Popular तेल संकट से एयरलाइंस बेहाल, संचालन ठप होने की चेतावनी संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका-ईरान आमने-सामने, परमाणु मुद्दे पर तीखी बहस बोंगांव रैली में मोदी का टीएमसी पर प्रहार दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का क्या है हीट वेव एक्शन प्लान? अदालत में इन दो नेताओं ने पेश होने से क्यों किया इंकार More like thisRelated तेल संकट से एयरलाइंस बेहाल, संचालन ठप होने की चेतावनी TIMES OF PEDIA - April 28, 2026 EDITED TOP BUREAU एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट ने केंद्र... संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका-ईरान आमने-सामने, परमाणु मुद्दे पर तीखी बहस TIMES OF PEDIA - April 28, 2026 न्यूयॉर्क, 28 अप्रैल (वेब वार्ता)। संयुक्त राष्ट्र में सोमवार को अमेरिका... बोंगांव रैली में मोदी का टीएमसी पर प्रहार TIMES OF PEDIA - April 28, 2026 बोंगांव रैली में मोदी का टीएमसी पर प्रहार, ‘मां-माटी-मानुष’... दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का क्या है हीट वेव एक्शन प्लान? TIMES OF PEDIA - April 28, 2026 मारूफ़ रज़ा की रिपोर्ट दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता...