UP की योगी सरकार पर अखिलेश का बड़ा आरोप, 2267 करोड़ रुपये का घोटाला
DHFL मामले में प्रियंका ने भी दिखाए सख्त तेवर , विपक्ष का दिखा तीखा वार ,क्या है पूरा मामला देखें खबर में

अखिलेश यादव का आरोप है कि बिजली विभाग में हुए घोटाले के लिए योगी सरकार ज़िम्मेदार है, सपा हाईकोर्ट के सिटिंग जज से जाँच कराने की माँग करती है और साथ ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस्तीफ़े की माँग करती है। योगी सरकार के आने के बाद यूपी की जनता को सबसे ज़्यादा महँगी बिजली मिल रही है।
अखिलेश यादव ने योगी सरकार से सवाल किया कि सरकार बताए कि राज्य के लोगों को सस्ती बिजली 24 घंटे मिले, इसके लिए सरकार ने क्या प्रयास किए ? बिजली पैदा करने का कोई नया कारख़ाना लगाया है ? बिजली विभाग को बर्बाद किया जा रहा है।उप के बिजली विभाग में चलते लगातार घोटालों पर कुछ आरोपी अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है किन्तु बड़े अफ़सरों को संरक्षण देने का काम योगी सरकार कर रही है।
यादव ने कहा कि प्रदेश को इतना कमज़ोर मुख्यमंत्री कभी नहीं मिला जो किसी मंत्री को हटाने में डरता हो , दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन DHFL के मामले में उर्जा मंत्री को तुरंत हटाने का आदेश होना चाहिए था पर ऐसा करने की योगी जी में हिम्मत नहीं है । मुख्यमंत्री योगी को मेदांता हॉस्पिटल का उद्घाटन करने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए।
DHFL का पूरा मामला क्या है
पूर्व मुख्यमंत्री Akhilesh yadav ने कहा दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन DHFL को कब भुगतान हुआ वो FIR में दर्ज है उस समय सपा की सरकार नहीं थी हमारी सरकार के समय DHLF को कोई भुगतान नहीं किया गया है। प्रियंका गाँधी ने कहा भाजपा सरकार बनने के बाद 24 मार्च 2017 को पॉवर कोर्पोरेशन के कर्मियों का पैसा डिफ़ॉल्टर कम्पनी दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन DHFL में लगा।सवाल ये है कि भाजपा सरकार दो साल तक चुप क्यों बैठी रही? कर्मचारियों को ये बताइए कि उनकी गाढ़ी कमाई कैसे मिलेगी?
उत्तर प्रदेश के 45,000 से ज्यादा बिजली कर्मचारियों के भविष्य निधि का 2267 करोड़ रुपये को गलत तरीके से दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन (DHFL) में जमा करवाने के मामले की जांच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीबीआई को दी है, जो केंद्र सरकार के इशारों पर चलने के आरोप विपक्ष की ओर से पहले ही सुनती रही है , ऐसे में इन्साफ की उम्मीद भी काम ही है .
इसके अलावा इस मामले में दो लोगो को गिरफ्तारी भी की गई है. हलांकि जब तक इस पूरे घोटाले की जांच सीबीआई नहीं शुरू नहीं करती है,तब तक यह मामला प्रदेश पुलिस अध्यक्ष के ही अधीन रहना चाहिए
हालाँकि मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले में संज्ञान लेते हुए तुरंत कार्रवाई करने को कहा , और इस मामले की जांच पहले से ही सीरियस फ्राड इंस्वेस्टीगेटिंग आफिस (SFIO ) कर रही है. इस मामले में शनिवार शाम को पावर कॉरपोरेशन के सचिव आई.एम कौशल की तरफ से FIR दर्ज करवाई गई. FIR में आरोप है कि दोनों आरोपित अधिकारियों ने बिना प्रबंध निदेशक और उच्चाधिकारियों की जानकारी के दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन DHFL में निवेश करने का निर्णय लिया.
दोनों आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 409, 420, 466, 468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है. आरोपियों पर अमानत में खयानत, धोखाधड़ी और जालसाजी करने के आरोप हैं. रविवार को दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा. बिजली कर्मचारी संगठनों ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई थी .
अखिलेश ने UP POLICE CUSTODY में लगातार हो रही निर्दोष लोगों की हत्यायों पर खड़ा किया और कहा क्या एहि है योगी का रामराज??। बिलकुल नहीं ये तो नाथूराम राज चल रहा है। क़ानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो गई है। मेदांता हॉस्पिटल का उद्घाटन करने सज धज के जा रहे योगी से कोई सवाल करें कि इसमें आपका क्या योगदान है तो कोई जवाब नहीं होगा बाबा के पास।
श्री यादव ने कहा कि बैंक डूब रहे हैं नौजवान बेरोज़गार हो कर सड़कों पर घूम रहे हैं और सरकार सत्ता के नशे में ।एक पैसा विदेशी निवेश से नहीं आया मेडिकल सेंटरों में मौतों का सिलसिला जारी है , सड़कों की हालत रोज़ाना बिगड़ने पर है , विकास के नाम पर हमरे प्रोजेक्टों पर शिलान्यास के शिव कोई काम नहीं किया इस सरकार ने और फिर भी सरकार अपनी बेशर्मी से बगलें बजा रही है ।
Times Of Pedia Times of Pedia TOP News | Breaking news | Hot News | | Latest News | Current Affairs


