गायों के मामलों की न्यायिक जांच के लिए बनाई जायेगी कोर्ट ,जजों की बेंच ने किया काम शुरू, भारत के district courts में 2 .81 करोड़ इंसानों के मामले पेंडिंग
भारत के district courts में 2 .81 करोड़ मामले पेंडिंग हैं ,15000 जजों की आवश्यकता है , 5000 judicial स्टाफ की शॉर्टेज है . July 1, 2015 से June 30, 2016 तक 2,81,25,066 मामले लटके हुए हैं जिसको देश में न्यायिक आपदा कहा जारहा है , judges और न्यायालयों का staff इतना शार्ट है की इस क्षेत्र में आपदा का माहौल है इसी वजह से पूर्व चीफ जस्टिस ऑफ़ इंडिया T . S . Thakur न्यायिक प्रणाली को देखकर रो पड़े थे और PM MOdi से इस सम्बन्ध में तुरंत संज्ञान लेने को कहा था किन्तु इस तरफ अभी तक कोई कारयवाई नहीं होसकी है . ऐसे में अब गाये के मामलों की अलग कोर्ट बनाना कितना उचित और संभव होगा देशवासी भली भांत जानते हैं .
देश में इस प्रकार के फैसले दुनिया में हंसी उड़वाने का काम कर रहे हैं ,पिछले दिनों भारत की मशहूर आई आई टी दिल्ली कैंपस में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें योग गुरु रामदेव को मुख्य अतिथि बनाया गया उसमें उन्होंने कहा की अब हमारे IIT सेंटर्स में बैलों और गायों पर शोध (Research) किया जाएगा जिसपर देश और विदेश में इस बात की खिल्ली उड़ाई गयी ,की अब IIT गोबर के ऊपर Reasearch किया करेंगे .
देश के अलग अलग क्षेत्रों से इस बात के समाचार आरहे है की गोशालाओं में भूक और प्यास की वजह से जानवर मर रहे हैं , या गोरक्षक गाओ मॉस के कारोबार और बड़े बड़े धंदे कररहे हैं , ऐसे सरकारों को गंभीरता से संज्ञान लेते हुए इस प्रकार के पाखण्ड पर रोक लगनी चाहिए ,और वास्तव में गायों और जानवरों की रक्षा के लिए उचित प्रबंध करने चाहियें , लेकिन पहले हमारी सरकारें अस्पतालों में मरने वाले मासूम बच्चों और रेल हादसों में होने वाली आये दिन मौतों तथा भूक से मरने वाले दलितों किसानो और आदिवासियों की चिंता करें तो उचित होगा .
ताज़ा मामला छत्तीसगढ़ का सामने आया आइये देखें एक रिपोर्ट :
रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार कांग्रेस के नेताओं ने गायों की मौत को लेकर राज्यव्यापी प्रदर्शन का ऐलान किया। इस ऐलान के साथ ही राज्य की कांग्रेस ने अपने साथ गायों को लेकर प्रदर्शन किया। यही नहीं सड़कों पर घूम रही गायों को सीएम निवास तक छोड़ने के ऐलान के साथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री रमन सिंह के निवास में घुसे। लेकिन बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भपेश बघेल के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने कहा कि बीजेपी पहले गाय के नाम पर वोट मांगती थी, अब नोट छापती है। जोगी गुट के कांग्रेसी बाल्टी में गोबर लेकर, उसे मंत्रियों के घर पर लीपना चाहते थे, पर कामयाब नहीं हुए।
वहीं मुख्यमंत्री रमन सिंह का कहना है कि कमियां और गलती हुई हैं, जिसकी वजह से गायों की मौत हुई। शगुन गौशाला के बारे में 2014 में लोक आयोग ने बताया था, जिनको कार्रवाई करनी थी, उन्होंने नहीं की, इसलिए उन पर कठोर कार्रवाई की गई और न्यायिक जांच बिठाई गई।
रमन सिंह ने ये भी कहा कि कांग्रेस का प्रदर्शन समझ से परे है। इतिहास में आज तक इतनी बड़ी कार्रवाई नहीं की गई। राजनीति में प्रदर्शन का अधिकार है, कुछ है तो कांग्रेस को तीन मंत्रियों की कमेटी में सुझाव देना चाहिए था।
छत्तीसगढ़ सरकार ने गायों की मौत को लेकर न्यायिक जांच के आदेश जारी कर दिए हैं. रिटायर्ड जज एके सामंत रे इस मामले में न्यायिक जांच कमेटी के चेयरमैन होंगे। न्यायिक जांच तीन गौशालाओं में होगी- धमधा के राजपुर स्थित शगुन गौशाला, बेमेतरा के गोडर्मा की फूलचंद गौशाला और रानों गांव की मयूर गौशाला। कमेटी को 3 महीने में जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है।
इस रिपोर्ट से एक बात समझ आई की गायों में आस्था रखने वाले लोग जबतक ही उसमें आस्था रखते हैं जबतक वो दूध के मतलब की है इसके आश्रमों से गायों का गोबर लाकर कोई अपने मंदिर या घर में नहीं रखता और न ही सड़कों पर घूंट वाली लावारिस भूकी प्यासी गायों की ही कोई चिंता करता है . और यदि किसी के दिल में क़ुदरत की बनाई मख्लूक़ जानवरों के बारे में रेहान या सेवा भाव आता है तो इसके लिए मज़हब नहीं इंसानियत की ज़रुरत है . सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली वेदिओस में हिन्दू स्लॉटर हाउसेस में गायों को क़त्ल करते दिखाया जारहा है जो इंतहाई इंसानियत सोज़ तरीक़ा है और उस स्लॉटर हाउसेस में सब काम करने वाले हमारे हिन्दू भाई हैं .
बात इतनी सी है की सरकारों को पहले इंसानो और फिर जानवरों की देख रेख ,खान पान और सुरक्षा पर ध्यान देने की ज़रुरत है .आस्था का ड्रामा मार्के इंसानों को बांटने और ज़ुल्म करने का सिलसिला टूटना चाहिए वर्ण देश टूट जाएगा .
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