दलितों औरआदिवासियों के घर जलाने की घटना में सपा विधायक की जांच के लिए चला हस्ताक्षर अभियान

Date:

IMG_20160324_142249_HDR
बलिया 29 अप्रेल 2016। बलिया के शिवपुर दीयर गांव में सदर विधायक नारद राय के सजातिय दबंगों द्वारा 27 मार्च को की गई आगजनी और हिंसा के षिकार दलितों और आदिवासियों को न्याय दिलाने व घटना में नारद राय की भूमिका की उच्च स्तरीय जांच की मांग के लिए मुख्यमंत्री को सौंपे जाने वाले ज्ञापन पर हस्ताक्षर अभियान आज तीसरे दिन भी रिहाई मंच, आईपीएस और भाकपा माले द्वारा चलाया गया। गौरतलब है कि घटना में 60 झोपडि़यां पूरी तरह जल गई थीं और असलहों से हुए हमले में दर्जनों लोग बुरी तरह घायल हुए थे तथा लाखों की सम्पत्ति का नुकसान हुआ था।
रेलवे स्टेशन पर चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में आज लगभग 500 लोगों ने अभियान के मांग पत्र से सहमति जताते हुए हस्ताक्षर किए। इस दौरान हुई सभा को सम्बोधित करते हुए इंडियन पिपुल्स सर्विसेज के अरविंद गांेड, भाकपा माले के लक्ष्मण यादव और रिहाई मंच के मंजूर आलम और डाॅ अहमद कमाल ने स्टेशन पर एकत्रित लोगों से इस हस्ताक्षरा अभियान में बढ़-चढ़ कर शामिल होने का आह्वान किया। नेताओं ने कहा कि 2 मई को जिले के दौरे पर आ रहे मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को शिवपुर दीयर के दलितों, आदिवासियों के घर जलाने वालों को पुलिस कप्तान मनोज कुमार झा और नारद राय द्वारा बचाने के आपराधिक कृत्य को उजागर करने वाला जांच रिपोर्ट भी सौंपा जाएगा। नेताओं ने कहा कि आगजनी और जानलेवा हमले से पहले ही 11 मार्च 2016 को पीडि़तांे ने एसपी और डीएम को लिखित में सूचना दी थी कि दबंग उनको जिंदा जला देने की धमकी दे रहे हैं लेकिन पुलिस प्रशासन ने नारद राय के दबाव में काम करने के कारण फरियादियों की कोई मदद नहीं की। यहां तक कि घटना के बाद घटना स्थल पर पहुंचे एसपी ने खुद वहां से कारतूस के दो खोखे बरामद किए लेकिन एफआईआर में इस तथ्य को जानबूझ कर गायब कर दिया गया ताकि केस कमजोर हो जाए। नेताओं ने कहा कि समाजवाद के नाम पर वोट पाकर जीते सदर विधायक का अब तक अपराध स्थल तक नहीं जाना, पीडि़तों को मुआवजा नहीं मिलना साबित करता है कि सपा सरकार सवर्ण और सामंतों की हितों की रक्षा में अपने संवैधानिक कर्तव्य तक भूल गई है। उन्होंने कहा कि अपनी सभाओं में दिनेश लाल यादव निरहुआ जैसे अश्लील भोजपूरी गायकों के जरिए भीड़ इकठ्ठा करने वाले युवा मुख्यमंत्री को अपने विधायक के जुल्म से पीडि़त गोंड़, खरवार, पासी और पासवानों के घर भी जाना चाहिए जो खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।
इस दौरान गोपाल जी खरवार, रोशन अली, सुरेश शाह, मनोज शाह, रंजीत कुमार गोंड़, सुशील गोंड़, भरत गोंड़, मिथिलेश पासवान, मुन्ना पासी, शिवशंकर खरवार, रामसेवक खरवार, चंद्रमा गोंड़, मनोज गोंड़ आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

जौहर यूनिवर्सिटी, जंतरमंतर पर धरना और आमरण अनशन

अब देश में शिक्षा और शिक्षा केंद्रों की रक्षा...

लोकतंत्र का अपहरण: जब सत्ता सवाल से और….

कपिल बर्मन (जाग्रत भारत) लोकतंत्र का अपहरण: जब सत्ता सवाल...

सांप्रदायिक शक्तियों ने माहौल को पूरी तरह खराब कर दिया है: मदनी

प्रेस विज्ञप्ति नफ़रत की आँधियों में हम मोहब्बत के चिराग़...

जौहर विश्वविद्यालय कौम की अमानत……

जौहर विश्वविद्यालय कौम की अमानत, इसकी सुरक्षा सरकार की...