देश में बढ़ते अपराध की वजह भैंस और जर्सी गाये का दूध :आरएसएस नेता

आरएसएस नेता का दावा :गाये के घी और दूध से अब देश होगा अपराध मुक्त और वातावरण होगा स्वच्छ , ऑक्सीजन की नहीं रहेगी कमी ,जलाये जायेंगे गाये के घी के दिए ,और भी कई लाभ सामने आएंगे गय्या के 

एक बार फिर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ नेता शंकर लाल का विवादित बयान आया है , या उन्होंने जान बूझकर दिया है यह तो वही बता सकते हैं .शंकर लाल ने देश में बढ़ रहे अपराध के लिए भैंस और जर्सी (अमेरिकन ) गाय को जिम्मेदार बताया है. उनका दावा है कि भैंस और जर्सी गाय का दूध पीने से अपराध में वृद्धि हो रही है.

आगे बढ़ने से पहले पाठकों को याद दिला दें की पिछले वर्ष IIT दिल्ली में गाये और बैल के शोध पर एक संगोष्ठी आयोजित की गयी थी जिसमें बाबा रामदेव को मुख अतिथि बनाया गया था और उसमें प्रस्ताव रखा गया था की देश में गाये के मूत्र और बैल पर रिसर्च होना चाहिए बैल के किस चीज़ पर शोध होगा यह खुलकर नहीं बताया गया था ,यानी अच्छे दिन के क्रम में यह भी है की अब देश के IIT गाये और बैल के शोध के लिए उपयोग किये जायेंगे ,कितनी विडम्बना है देश के लिए .

शंकर लाल जी ने कहा, “भैंस और जर्सी का दूध तामसी होता है. इसे पीने से इंसान की सहनशीलता खत्म होती है और गुस्सा बढ़ता है. जब आपकी सहने की सीमा कम होगी या खत्म होगी, तो अपराध बढ़ते हैं.” संघ प्रचारक ने कहा कि गाय के दूध से ऐसा कुछ नहीं होता. गाय का दूध सात्विक होता है. इसे पीने से शरीर में शांति का संचार होता है और सहनशीलता बढ़ती है. सहनशीलता बढ़ने से अपराध में कमी आती है.

उन्होंने कहा कि अगर भारतीय गाय गलती से भी विष खा ले तो वह उसके दूध, घी, गोमूत्र और गोबर में नहीं जाता है. इसलिए बाइबल, कुरान समेत दूसरे ग्रंथों में गौ मांस निषेध है. संघ नेता का दावा है कि 1 ग्राम घी का दीया जलाने से सौ किलो ऑक्सीजन तैयार होता है. उन्होंने यह भी कहा कि तुलसी के आगे घी का दीया जलाने से ओजोन गैस बनती है.

शंकर लाल ने यह भी कहा कि अगर बीमार व्यक्ति के आगे घी का दीया जलाया जाए तो उसे ऑक्सीजन की कमी नहीं होगी. साथ ही संघ नेता का दावा है कि 1 एकड़ जमीन और एक गाय से महीने भर में 50 हजार रुपये की आमदनी हो सकती है, इसकी लोगों को ट्रेनिंग दी जा रही है.

साथ ही उन्होंने बताया, 31 मार्च को गौ जप महायज्ञ करने जा रहे हैं. इसके जरिये वे गाय से जुड़ी महत्ताओं को भी लोगों तक पहुंचाएंगे. उन्होंने बताया कि गाय के माध्यम से हम 8 बिंदुओं पर काम कर रहे हैं. इसमें अपराध मुक्त भारत भी एक लक्ष्य है.

काश शंकर लाल जी यह भी बता देते की जो गय्या दूध देना बंद करदेती है और किसान उसके पालन पोषण में असमर्थ रहता है तो उन गय्या का क्या होगा , क्या उनको आपने माक़ूल क़ीमत किसान को देकर गौआश्रम में भेजने की कोई योजना बनाई है , यदि हाँ तो कृपा करके कोई हेल्प लाइन न. जारी करें जिससे देश के ग़रीब किसान को सुविधा मिल सके .साथ ही जो गय्या आश्रमों में मर जाती हैं और वो decompose होने लगती हैं तो उनके मृत्युपरांत उनका क्या प्रबंध आपकी संस्था ने किया है इत्यादि .

दुसरे यह भी शंकर लाल जी बताने का कष्ट करें की अपराध से देश की जनता को बचने के लिए भैंस के दूध को कहाँ डाला जाये जिससे की अपराध का कोई कण भी देश के किसी भी नागरिक के शरीर में न रह सके , इस सम्बन्ध में शंकर जी के लिए एक सुझाव हमारे पास आया है कि भैंस और जर्सी गाये के दूध से यदि वास्तव में अपराध बढ़ता है तो अपने दुश्मन के देशों में इसकी सप्लाई कि जाए ताकि वो सब अपराधी होजायें और अपने ही देश के लोगों को समाप्त करदें ..प्रभु हम सबको सद्बुद्धि दे ,तथा हमारे देश को अंधविश्वास और पाखण्ड से बचाकर रक्खे

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