बुलन्द शहर ज़िले के 86 गांवों को मिला मॉडल गांव का दर्जा

शासन ने 10 गांवों को 3.12 करोड़ की राशी कर दी हवाले 

ग्राम प्रधानों में अपने ग्राम को विकसित करने की लगी होड़,  ग्रामीण वासियों में भी ख़ुशी की लहर 

बुलंदशहर। top bureau: / जिला पंचायती राज अधिकारी डॉ. प्रीतम सिंह ने विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया, बुलंदशहर ग्राम पंचायतों को पूरी तरह से स्वच्छ बनाने के लिए पंचायती राज विभाग ने 86 गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गांवों का चयन कर लिया गया है। इन गांवों को पूरी तरह से स्वच्छ बनाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

स्वच्छ भारत मिशन के तहत सभी घरों को शौचालय मुहैया कराने के बाद अब शासन ने दूसरी पहल शुरू कर दी है। योजना के तहत 2024-25 तक जिले के सभी गांवों को पूरी तरह से स्वच्छ बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। इसके पहले चरण में स्वच्छ भारत मिशन फेज-2 के तहत जिले के 16 विकास खंडों के 86 गांवों को ओडीएफ प्लस में शामिल करते हुए मॉडल गांव के रूप में विकसित करने के लिए चिह्नित किया गया है।

गांवों का चयन करने के बाद पूरी तरह से स्वच्छ व गंदगी मुक्त बनाने के लिए बिंदुवार तैयार कार्ययोजना तैयार कर ग्राम पंचायत स्वच्छता प्लान के तहत पंचायतीराज पोर्टल पर ऑनलाइन अपलोड किया जा चुका है। यह कार्य 70 प्रतिशत स्वच्छ भारत मिशन और 30 प्रतिशत वित्त आयोग से किया जाएगा। पहले चरण में पांच हजार से ज्यादा आबादी वाले गांवों का चयन किया गया है।

मॉडल गांवों में होंगे यह कार्य
चयनित मॉडल गांवों में सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन, कचरा ढोने के लिए ई-रिक्शा अथवा ट्राई साइकिल के साथ ही कूड़ा संग्रहण एवं पृथक्करण केंद्र बनाए जाएंगे। केंद्र में एकत्रित कचरे से प्लास्टिक को अलग किया जाएगा। गांवों में खाद गड्ढे का निर्माण कराया जाएगा। तरल पदार्थों के लिए सोख्ता पिट का निर्माण कराया जाएगा। नालियों को एक दूसरे को जोड़ते हुए गंदे पानी को गांव के बाहर निकाला जाएगा। जहां नाली से आने वाले गंदे पानी को शुद्ध कर उसे कृषि योग्य बनाया जाएगा। गांवों को पूरी तरह से खुले में शौच मुक्त करने, ठोस व गीला कचरा निस्तारण प्रबंधन पर काम किया जाएगा। पॉलीथिन मुक्त गांव प्रबंधन और माहवारी प्रबंधन पर कार्य किया जाएगा। ऐसे गांवों में बने सामुदायिक प्रसाधन भवनों पर माहवारी प्रबंधन के तहत इंसीनिरेटर लगाया जाएगा।

Model गांव के किए नीचे दिए गए Villages Select

मॉडल गांव के लिए जिले के ब्लॉक अगौता से ढकौली, मालागढ़ और शरीफपुर भैंसरोली, ब्लॉक अनूपशहर से अहार बांगर, बगसरा और मलकपुर, ब्लॉक अरनिया से अगौरा अमीरपुर और करौरा, ब्लॉक बीबीनगर से चित्सौना अलीपुर, कुचेसर, मढ़ोना जाफराबाद, परतापुर, सैदपुर, ब्लॉक बुलंदशहर से बुलंदशहर देहात, पौंडरी, उटरावली और अकबरपुर, ब्लॉक दानपुर से दानपुर, दौलतपुर खुर्द, इनदौरा, रसूलपुर उर्फ नारायणपुर और बिरौरा, ब्लॉक डिबाई से औरंगाबाद कसेर, बैलोन, जरगवां, पला कसेर, रामपुर, रामपुर, सूजापुर मखैना और तलवार, ब्लॉक गुलावठी से बराल और भटौना, ब्लॉक जहांगीराबाद से इलना, जाडौल, खालौर, परवाना मोहम्मदपुर और सांखनी, ब्लॉक खुर्जा से बरौली, मुंडाखेड़ा, सारंगपुर और सौदा हबीबपुर, ब्लॉक लखावठी से अडौली, मुंडी बकापुर, सराय छबीला और शेखपुर गढ़वा, ब्लॉक शिकारपुर से औरंगाबाद चांदोक, खैलिया कल्यानपुर, रिवाड़ा और सलेमपुर, सिकंदराबाद ब्लॉक से चंदेरू, धनौरा, गांगरौल, गेसुपुर, सिकंदराबाद ग्रामीण, बीरबादशाहपुर और तिल बेगमपुर, ब्लॉक स्याना से बरौली वासुदेवपुर, जलालपुर, खाद मोहन नगर, माकड़ी, बैरा फिरोजपुर और शाहानपुर एवं ब्लॉक ऊंचागांव से अमरगढ़, अमरथल उर्फ ऊंचागांव, चंदियाना, दौलतपुर कल्यान, गिरौरा और उमरपुर शामिल हैं। इनमें इन गांवों के माजरा और राजस्व गांव भी शामिल हैं।

10 गांवों को मिले 3.12 करोड़
मॉडल गांवों में शामिल मालागढ़, बराल, मडोना जाफराबाद, गेसूपुर, जलालपुर, सलेमपुर, खेशखुर गढ़वा, जरगवां, रसूलपुर उर्फ नारायणपुर और अमरपुर के लिए शासन से 3.12 करोड़ से अधिक की राशि जारी कर दी गई है। इस राशि से जल्द ही इन गांवों में होने वाले कार्य शुरू करने के लिए विभाग ने शुरूआत कर दी है।

जिले में 86 गांवों को मॉडल गांव के रूप में विकसित करने की तैयारी पूरी हो चुकी है। इनमें से 10 गांवों में होने वाले काम के लिए शासन से राशि भी दे दी गई है। जल्द ही इस राशि से काम शुरू किया जाएंगे। साथ ही अन्य गांवों में होने वाले कार्यों के लिए राशि मिलने की संभावना जल्द है।

– डॉ. प्रीतम सिंह, जिला पंचायती राज अधिकारी।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.