बिहार के छपरा (Chapra) में पंचायत ने युवकों को सिर पर जूते रखने की सजा का फरमान जारी किया. युवकों पर आरोप है कि उन्होंने अहीर समाज पर जातिगत टिप्पणी (casteist remarks) की थी जिसका गांववालों ने विरोध किया था.
बिहार के सारण जिले की एक ग्राम पंचायत ने एक जाति विशेष के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने के मामले में पांच युवकों को 11 महीने के लिए बाहर कर दिया है। युवक को दोषी पाये जाने पर पंचायत सदस्यों ने सिर पर जूते लिये गांव में घुमाया, फिर माफी मंगवाई और गांव से 11 माह तक ताड़ीपार (बाहरी) रहने का आदेश भी दिया। घटना मंगलवार को गरखा थाना अंतर्गत मीठेपुर पंचायत की है। जानकारी के मुताबिक यहां एक विशेष जाति का प्रभुत्व है और पंचायत सदस्य भी इससे संबंधित हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि लड़कों ने सिर पर जूते और चप्पल रखे हुए हैं. एक शख्स सजा में खड़े बच्चों से कहता है कि कहो कि हमने अहीर समाज को गाली दी थी जिसकी हमें सजा दी जा रही है, सजा में खड़े युवक उस शख्स की बातों को दोहराने लगते हैं. शख्स उन बच्चों से कहता है कि कहो कि फिर से गलती हुई तो इससे भी बड़ी सजा मिलेगी.
मिली जानकारी के मुताबिक इन युवकों ने एक जाति विशेष पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था. इस वीडियो के चलते ही गांववाले आग बबूला हुए और उन्होंने पंचायत को इन्हें सबक सिखाने का आग्रह किया. हालांकि, सजा की इस वीडियो की लोग निंदा कर रहे हैं. वहीं इस संबंध में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी है.
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