भारत में जो कुछ हो रहा है, उसपर US ने चुप्पी साध रखी है :राहुल गांधी

राहुल शुक्रवार को पूर्व में भारत में अमेरिका के राजदूत रहे निकोलस बर्न्स के साथ एक ऑनलाइन बातचीत में हिस्सा ले रहे थे. ‘चीन और रूस की ओर से पेश किए जा रहे कठोर विचारों के खिलाफ लोकतंत्र के विचार’ पर चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा, ‘भारत में जो कुछ भी हो रहा है, उसपर यूएस की सत्ता से कुछ भी सुनने को नहीं मिलता है.’

नई दिल्ली: दुनियाभर में लोकतंत्र के विषय पर बात करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को एक ऑनलाइन चर्चा के दौरान अपने विचार साझा करते हुए कहा है कि ‘भारत में जो कुछ हो रहा है, उसपर अमेरिका ने चुप्पी साध रखी है.’ राहुल ने कहा कि ‘मैं इस बात में विश्वास रखता हूं कि अमेरिका एक अर्थपूर्ण विचार है. यह वो आजादी है, जिस तरह से आपके संविधान में आजादी को जगह दी गई है, लेकिन आपको उस विचार की रक्षा करनी होगी.’

राहुल गांधी ने केरल में चुनावी सभा में बोलते हुए कहा , ‘हमारी पार्टी के पास आर्थिक संकट दूर करने का समाधान’ है .राहुल शुक्रवार को पूर्व में भारत में अमेरिका के राजदूत रहे निकोलस बर्न्स के साथ एक ऑनलाइन बातचीत में हिस्सा ले रहे थे. बर्न्स वर्तमान में हार्रवर्ड केनेडी स्कूल के प्रोफेसर हैं. बर्न्स ‘चीन और रूस की ओर से पेश किए जा रहे कठोर विचारों के खिलाफ लोकतंत्र के विचार’ पर बात कर रहे थे. इसपर बर्न्स को रोकते हुए राहुल गांधी ने कहा, ‘भारत में जो कुछ भी हो रहा है, उसपर यूएस की सत्ता से कुछ भी सुनने को नहीं मिलता है.’

राहुल ने आगे कहा, ‘अगर आप ‘लोकतंत्र की भागीदारी’ की बात कर रहे हैं तो जो देश में हो रहा है, उसपर आपके क्या विचार हैं ? मैं इस बात में विश्वास करता हूं कि अमेरिका एक अर्थपूर्ण विचार है. यह वो आजादी है, जिस तरह से आपके संविधान में आजादी को जगह दी गई है, अब आपको उस विचार की रक्षा करनी होगी. ‘

चर्चा के दौरान राहुल ने यह भी आरोप लगाया कि भारत में सत्तारूढ़ पार्टी की तरफ से 2014 के बाद से भारत के संस्थागत ढांचे पर ‘पूरी तरह कब्जा’ कर लिया गया है, जिसने विपक्षी पार्टियों के लिए पैराडाइम को बदल दिया है क्योंकि संस्थाएं, जिनका उद्देश्य न्यायसंगत राजनीतिक उद्देश्यों को बढ़ावा देना है, अब वो ऐसा नहीं करती हैं.

राहुल गाँधी ने कहा कि ‘चुनाव लड़ने के लिए वो संस्थागत ढांचा चाहिए, ऐसी न्यायिक व्यवस्था चाहिए, जो हमारे अधिकारों की रक्षा करता हो, ऐसी मीडिया चाहिए जो तार्किक स्तर तक स्वतंत्र हो, हमको आर्थिक समानता चाहिए, ऐसा संस्थागत ढांचा चाहिए, जिससे मुझे एक राजनीतिक पार्टी की तरह ऑपरेट करने में मदद मिले, जबकि ये सारी चीजें हमारे पास नहीं हैं.’

उन्होंने कहा कि बीजेपी जिस तरह का रवैया अपना रही है, इससे देश की जनता असंतुष्ट हो रही हैं, ऐसे में लोगों को साथ लाने की जरूरत है, की वो जनता को समझा सकें की देश में केंद्र सर्कार की नीतियां देश तथा जनता के हित में नहीं हैं .

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