भारत के साथ चीन का रुख राजनयिक नहीं

भारत-चीन तनाव: शी जिनपिंग ने युद्ध की तैयारियां तेज करने का मंगलवार को आदेश दिया

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सेना को दिए निर्देश, तेज करें युद्ध की तैयारियां , अब तक की सबसे खराब स्थिति की कल्पना की जा रही

बीजिंग: दोकलाम विवाद के बाद एक बार फिर चीन और भारत के बीच कशीदगी बढ़ गयी है , हालाँकि इसी बीच मुझे मोदी जी और चीनी राष्ट्रपति की गुजरात यात्रा के दौरान की एक तस्वीर याद आ रही थी जिसमें दोनों नेता एक झूले में झूलते नज़र आरहे हैं . और इन दोनों
नेताओं का मूड इतना Cool है कि जो भी देखे वही इस गुमान में चला जाए कि अब सब कुछ चंगा सी .दोनों नेताओं के हाव भाव देखकर किसी भी अनहोनी की कल्पना भी नहीं की जा सकती , किन्तु आजकल के हालात से जंग के खतरे से कोई इंकार भी नहीं कर रहा है .

चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने सबसे खराब स्थिति की कल्पना करते हुए सेना को युद्ध की तैयारियां तेज करने का मंगलवार को आदेश दिया और उससे पूरी दृढ़ता से देश की सम्प्रभुता की रक्षा करने को कहा. देश की सत्तारूढ़ चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) के महासचिव और करीब 20 लाख सैनिकों वाली सेना के प्रमुख 66 वर्षीय शी ने अपने संसद सत्र के दौरान पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस फोर्स के प्रतिनिधियों की पूर्ण बैठक में हिस्सा लेते हुए यह टिप्प्णी की.

चीनी सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार , शी ने सेना को आदेश दिया कि वह सबसे खराब स्थिति की कल्पना करे, उसके बारे में सोचे और युद्ध के लिए अपनी तैयारियों और प्रशिक्षण को सुनिश्चित करे , तमाम जटिल परिस्थितियों से तुरंत और प्रभावी तरीके से निमटने की तैयारी का संकेत दिया । साथ ही पूरी दृढ़ता के साथ राष्ट्रीय सम्प्रभुता, सुरक्षा और विकास संबंधी हितों की रक्षा करे. उनकी टिप्पणी वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत और चीन के बीच करीब 20 दिन से जारी गतिरोध की पृष्ठभूमि में आयी है.

इस दौरान लद्दाख और उत्तरी सिक्किम में भारत ने भी किसी भी स्तिथि से निमटने के लिए अपनी सेनाओं की उपस्थिति काफी हद तक बढ़ाई है। यह दोनों देशों की सेनाओं के बीच तनाव बढ़ने और दोनों पक्षों के रुख में कठोरता आने का स्प्ष्ट संकेत देता है. करीब 3,500 किलोमीटर लंबी Line of Actual Control (LAC) भारत – चीन के बीच असल में सीमा का काम करती है.इस प्रकार चीन अक्सर भारत को इस सीमा पर तनाव के लिए उभारता रहा है .

गलवान घाटी और फिंगर 4 का यह विवाद काफी गहराता जा रहा है और यहाँ का तनाव भारत चीन के बीच अब तक के किसी भी बड़े सैन्य तनाव से बड़ा है , हालाँकि भारत की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गयी है और न ही कोई राजनयिक योजना की कोई सूचना दी गयी है .

जबकि चीन पर विश्वस्तरीय ये आरोप लगते रहे हैं की covid19 महामारी के लिए चीन ही ज़िम्मेदार है ,और इस बात के प्रमाण दिए गए हैं कि इस पूरे महामारी के के भयानक गेम या मोवी के 2 directors हैं अमेरिका और चीन , यानी इन दोनों ने मिलकर इस इस फिल्म को बनाया है जबकि इससे पहले HIV की फिल्म की स्टोरी के पीछे अमेरिका और फ्रांस 2 DIRECTORS थे , इसके प्रमाण भी मौजूद बताये जाते हैं .

कुल मिलकर जंग हो या महामारी इसमें इंसानियत का नुकसान है , कारोबारों और वातावरण का नुकसान है , और जंग या महामारी विकास कि राहों में एक बहुत बड़ी रुकावट हैं . जंग खुद किसी मसले का हल नहीं होती लेकिन फिर भी सम्प्रभुता और सम्मान तथा सीमा कि सुरक्षा के लिए जंग कभी कभी मजबूरी बन जाती है जैसे आज भारत को जंग के लिए मजबूर किया जा रहा है .और यह भी सच है आज कि तारिख में भारत किसी से भी जंग के लिए तैयार नहीं है देश में अलग अलग तरह कि समस्याएं पहले से कड़ी हैं ऐसे में कोई बात चीत का ही रास्ता इसका हल होना चाहिए .

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