भारतबंद का व्यापक असर , इस बीच क्या रहा देश भर में ,जाने ताज़ा हालात

Date:

किसान बिल समर्थक और विरोधियों के बीच झड़पों के समाचार

किसान आंदोलन के दौरान 9 Dec. को होने वाली छठे दौर की बात से एक दिन पहले अकाली दल नेता प्रकाश सिंह बादल को PM मोदी का फोन बहुत अहम् माना जारहा

कृषि मंत्री ने कृषि कानूनों की जानकारी देते हुए एक ट्वीट शेयर किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि ‘नए कृषि सुधार कानूनों से आएगी किसानों के जीवन में समृद्धि! विघटनकारी और अराजकतावादी ताकतों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से बचें. MSP और मंडियां भी जारी रहेगी और किसान अपनी फसल अपनी मर्जी से कहीं भी बेच सकेंगे.’

नई दिल्ली:Special Correspondent TOP News // NDA या राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के मुख्य घटक अकाली दल पिछले दिनों किसान बिल के मुद्दे पर बढ़ी दूरियों के चलते अलग होगये थे , और उसके बाद से लगातार शिरोमणि अकाली दल के नेता मोदी सरकार की फ़ज़ीहत पर लगे हुए है . लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पंजाब के पूर्व सीएम और एनडीए के पूर्व सहयोगी शिरोमणि अकाली दल (SAD) के वरिष्‍ठ नेता नेता प्रकाश सिंह बादल से फोन पर बात की और उनको 93वें जन्‍मदिन पर बधाई दीं.

वैसे प्रकाश सिंह ,प्रधान मंत्री मोदी जी के पिता की उम्र के ही होंगे , मोदी जी जिस तरह उनके पैर छूटे नज़र आरहे हैं , उससे बादल का सम्मान साफ़ झलक रहा था . और आज जब पूरे देश में किसान आंदोलन सफल रहा ऐसे में सरकार के पसीने छूटना लाज़मी था , मोदी जी का प्रकाश सिंह बादल को फोन करके जन्म दिन की बधाई देना किसी बड़ी मस्लहत की तरफ इशारा करता है . और वैसे भी वो मुहावरा ……….को बाप बनाना .

गौरतलब है कि बादल ने सोमवार को मोदी से तीनों कृषि सुधार कानूनों को रद्द करने की अपील की थी. पांच बार पंजाब के सीएम रह चुके प्रकाश सिंह बादल ने दावा किया था कि इन कानूनों ने देश को ””गहरे संकट”” में ला दिया है. उन्‍होंने इस कानूनों को किसान विरोधी बताते हुए तुरंत रद्द करने की मांग की थी.

सरकार की ओर से भले इन तीनो बिलों के लाभ बताने में आश्वासन दिए जा रहे हों किन्तु किसान नेताओं या आंदोलनकारियों का कहना है की अब मसला भरोसे का है देश की जनता को सरकार के किसी भी वादे का अब भरोसा नहीं रहा है , भरोसा ख़त्म हो गया है .ऐसे में सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन व्यर्थ ही समझे जाएंगे .


आज देश भर में भारत बंद के दौरान जहाँ एक ओर आंदोलन कारी किसानो और समर्थकों ने बंद को सफल बनाने में अपनी पूरी कोशिश की वहीँ दूसरी ओर बिल समर्थकों या सरकार समर्थकों ने भी बंद को नाकाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी . साथ ही बीजेपी शासित प्रदेशों में पुलिस ने किसान आंदोलनकारियों और समर्थकों को धारा 144 का हवाला देकर दुकानों और कारोबारी संस्थानों को बंद कराने से रोका और कई जगह गिरफ़्तार भी किया

बलरामपुर UP में किसान समर्थन में जिला कांग्रेसअध्यक्ष अनुज सिंह एवं महिला अध्यक्ष आरिफ़ा उत्साही और उनके साथी Detain किये गए

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ज़िले के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया और लगभग 4 घंटे पुलिस स्टेशन में बिठाये रखा . बलरामपुर जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुज सिंह और जिला महिला कांग्रेस अध्यक्षा आरिफ़ा उत्साही ने हमारे संवाददाता को बताया की उनके साथ किसानो के समर्थन में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्त्ता शामिल होने के लिए निकलना चाहते थे किन्तु पुलिस ने हमको पहले ही गिरफ्तार कर लिया और ३ घंटे पुलिस स्टेशन में Detain रखा .

जमशेदपुर में गुलाब के फूल देकर बनाया आंदोलन कामयाब

इसी प्रकार जमशेद पुर (झारखंड ) से भी हमारे संवाददाता ने रिपोर्ट भेजी और वहां भी जिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बहुत ही ख्हूबसूरत अंदाज़ से दुकानदारों और छोटे कारोबारियों को बंद का समर्थन करने का न्योता दिया.

पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष विजय खान और झारखंड प्रदेश राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्री बन्ना गुप्ता जी के निर्देश अनुसार झारखंड प्रदेश प्रतिनिधि सह जिला उपाध्यक्ष एवं कोविड-19 निगरानी समिति के सदस्य तथा सह पश्चिम विधानसभा विधायक के प्रतिनिधि मौलाना अंसार खान के नेतृत्व में आजाद नगर, जवाहर नगर ,और मानगो मार्केट के दुकानदारों को गुलाब का फूल देकर दुकानों को बंद कराया कराया !

मौलाना अंसार ने समझाया और बताया मोदी सरकार किसान , मज़दूर, तथा आम आदमी विरोधी है .खान ने कहा जब तक नरेंद्र मोदी सरकार किसानों के खिलाफ लाए हुए बिल को वापस नहीं लेती है आप किसानो के इस आंदोलन का साथ दें, इसके बाद सभी ने एक स्वर में कहा हम आपके और किसानों के साथ हैं!

इस लिंक पर क्लिक करें

https://twitter.com/hashtag/FarmActsGameChanger?src=hashtag_click

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

सोमनाथ: इतिहास या सियासी मंच?

धार्मिक स्थल कोई भी हो, या किसी भी मज़हब...

Understanding the Position of Indian Muslims

Citizenship Concerns and Documentation Reality: Understanding the Position of...

चुनावी शोर के बाद संकट का दौर!

ईरान युद्ध और वैश्विक तेल संकट की आशंकाओं के...

“चुनाव खत्म, अब त्याग शुरू? तेल संकट पर सरकार घिरी”

क्या भारत किसी बड़े तेल संकट की दहलीज़ पर...