भारत एक दिसंबर, 2022 से जी-20 की अध्यक्षता करेगा और 2023 में पहली बार जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा.

Date:

दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के प्रभावशाली समूह जी-20 की बैठक अगले साल लद्दाख में हो सकती है. केंद्र सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में भी इन बैठकों को आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है.

इससे पहले भारत ने कहा था कि जी -20 शिखर सम्मेलन जम्मू-कश्मीर में हो सकते है. इसके लिए सरकार ने 5 सदस्यीय समिति का गठन किया था. भारत के इस प्रस्ताव पर चीन और पाकिस्तान ने कड़ा विरोध किया था.

अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के दो केंद्रशासित प्रदेशों- जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के तौर पर बंटवारे के बाद पहली बार यहां कोई अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन आयोजिक कराने की बात चल रही है.

भारत और चीन के सैनिक मई 2020 से पूर्वी लद्दाख में सीमा गतिरोध में शामिल हैं. ऐसे में केंद्र शासित प्रदेश में बैठकें आयोजित करने के सरकार के प्रस्ताव को चीन के लिए एक झटके के रूप में देखा जा सकता है.

विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत एक दिसंबर, 2022 से जी-20 की अध्यक्षता करेगा और 2023 में पहली बार जी-20 नेताओं के शिखर सम्मेलन का आयोजन करेगा. विदेश मंत्री एस जयशंकर 7 और 8 जुलाई को जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए इंडोनेशिया के बाली पहुंचने वाले हैं.

लद्दाख के उपराज्यपाल आर के माथुर ने विदेश मंत्रालय के साथ समन्वय करने के लिए दो अधिकारियों को नियुक्त किया है. ये हैं डिविजनल कमिश्नर सौगत बिस्वास और लेह-कारगिल रेंज के डीआईजी जुनैद महमूद. इन्हें नोडल अधिकारी के रूप में मंजूरी दी गई है. जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने 23 जून को यूजी -20 बैठकों के समन्वय के लिए आवास और शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय समिति का गठन किया था.जम्मू-कश्मीर में 2023 में जी-20 की तैयारी बैठक आयोजित करने के भारत के प्रस्ताव पर पाकिस्तान ने तीखी प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें कहा गया था कि उसे उम्मीद है कि समूह के सदस्य कानून और न्याय की अनिवार्यता से पूरी तरह परिचित होंगे और प्रस्ताव का एकमुश्त विरोध करेंगे. चीन ने कहा कि संबंधित पक्षों को मुद्दे को राजनीतिक रंग देने से बचना चाहिए.जी-20 दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को एक साथ एक मंच पर लाता है. इसके सदस्य हैं- अमेरिका, ब्रिटेन, अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, जर्मनी, फ्रांस, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, यूरोपीय संघ के अलावा दक्षिण कोरिया और तुर्की है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

बाज़ी हारने वाले को बाज़ीगर नहीं कहते

17 अप्रैल को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी, अपने 11...

नफरत की राजनीति का नया हथियार : पालतू सूअर

राम पुनियानी दिल्ली के त्रिनगर के निवासी कुछ हिन्दू परिवारों...

“हार्मनी डायलॉग सेशन – I” का भव्य आयोजन समारोह

इंटर फेथ हार्मनी फाउंडेशन ने नई दिल्ली में सफलतापूर्वक...

स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खुल गया, अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए अच्छी ख़बर  

Ali Aadil Khan Edited स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज खुल गया, लेबनान...