भगवान भेदभाव करने लगे तो ?

Date:

अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज मुसलमानों के इलाज पर पाबंदी का मामला आया था सामने

हमारे यहाँ मेडिकल profession में डॉक्टर को भगवान माना जाता है , ऐसे में यदि भगवन भेदभाव करने लगे या भगवन पिटने लगे तो समाज की बेचैनी स्वाभाविक है ,दर असल उत्तर प्रदेश के मेरठ के एक अस्पताल ने समाचार पात्र में विज्ञापन दिया था कि मुस्लिम मरीजों को सूचित किया जाता है कि वे अपना और अपने एक तीमारदार का कोरोना नेगेटिव होने का सर्टिफिकेट लाएंगे तभी अस्पताल उनका इलाज करेगा.

विज्ञापन में कहा गया था “अस्पताल के कर्मचारियों और रोगियों की सुरक्षा के लिए, प्रशासन सभी नए मुस्लिम रोगियों और उनके एक कार्यवाहक से अनुरोध करता है कि वे Covid -19 का परीक्षण करें और केवल तभी अस्पताल जाएँ जब उनकी रिपोर्ट Negative हो।”

अब यह सारा मामला जीने के अधिकार यानी Article 21 of the Constitution of India – Right to Life and Personal Liberty का हनन है मानवाधिकार के विरुद्ध है , ऐसे में मुसलमानों के इलाज पर पाबंदी लगाने वाले इस अस्पताल के विरुद्ध मामला दर्ज होना तै था लेकिन यह सब जभी मुमकिन हो सकता है जब कुछ लोग आगे आएं और उसपर क़ानूनी कार्रवाई के लिए पहल करें , कुल मिलकर अस्पताल के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.

बता दें कि इश्तेहार को लेकर सोशल मीडिया पर विरोध होने के बाद अस्पताल ने हालांकि आज दूसरा इश्तेहार छाप कर कहा कि उसे अपने पहले इश्तेहार पर खेद है. 17 अप्रैल को एक निजी अखबार में विज्ञापन दिया, कल 18 अप्रैल को दूसरा विज्ञापन देकर माफी मांग ली गयी थी .

मेरठ के इंचौली थाना के प्रभारी ब्रिजेश कुमार सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में संबंधित अस्पताल के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज करके आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. वहीं मेरठ के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राज कुमार से जब इस संबंध में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘निश्चित ही यह गलत है और हम इस मामले में संबंधित अस्पताल प्रशासन को नोटिस भेज रहे हैं. जवाब मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.’

बता दें कि अखबार में प्रकाशित अस्पताल के स्पष्टीकरण में कहा गया है, ‘हमारी इस वैश्विक आपदा में सभी धर्मों (मुस्लिम, हिंदू, जैन, सिख, ईसाई) के लोगों के साथ मिल-जुलकर लड़ने का आग्रह करने की रही. किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की हमारी मंशा कभी नहीं रही है. अगर हिंदू/मुस्लिम/जैन/सिख/ईसाई समाज में किसी की भावना को ठेस पहुंची है, तो भी हम दिल से खेद प्रकट करते हैं.’

भारत में (Coronavirus) का कहर तेजी से बढ़ता जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोरोनावायरस से संक्रमितों की संख्या खबर लिखे जाने तक 16116 हो गई है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1324 नए मामले सामने आए हैं और 31 लोगों की मौत हुई है. देश में कोरोना से अब तक 519 लोगों की मौत हो चुकी है, हालांकि 2302 मरीज इस बीमारी से ठीक भी हुए हैं.

प्रवासी मजदूरों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की अनुमति नहीं
गृहमंत्रालय ने रविवार को सभी राज्यों को सलाह जारी करते हुए कहा है कि कुछ आर्थिक गतिविधियों के लिए दी जा रही अनुमति के दौरान प्रवासी मजदूरों को एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए. साथ ही ये भी साफ किया है कि जो भी मजदूर लॉकडाउन की वजह से राहत शिविरों में रह रहे हैं स्थानीय प्रशासन द्वारा उनका रजिस्ट्रेशन करना होगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

Iran Turns to Russia as Fragile Ceasefire Faces New Strain

Pakistan and Oman continue to play a quiet but...

Legal Seminar on Electoral Reforms Held in Delhi

PRESS RELEASE Legal seminar on 'Electoral Reforms and Empowering the...

बंगाल के पहले चरण पर इससे सटीक विश्लेषण नहीं हो सकता

1st फेज़ की बम्पर पोलिंग की हर तरफ चर्चा...

बाज़ी हारने वाले को बाज़ीगर नहीं कहते

17 अप्रैल को सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी, अपने 11...