अन्ना हज़ारे एक बार फिर दिल्ली से अपने जनलोकपाल और लोकायुक्त बिल को देश में लागू करने के लिए हरकत में आगये हैं .उन्होंने २ अक्टूबर को महात्मा गांधी की 148 वीं जन्मतिथि के अवसर पर समाधी राजघाट से अपने आंदोलन की शुरुआत करदी और नरेंद्र मोदी सरकार की नाकामी के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है ।
इस आंदोलन को आक्रामक और प्रभावशाली बनाने के लिए अन्ना देश भर में किसानो ,जवानो और मज़दूरों और ट्रेड यूनियन के लीडरों से मुलाक़ातें कररहे हैं .इसी सम्बन्ध में उन्होंने 7 व् 8 अक्टूबर को रालगाऊँ सिद्धि महाराष्ट्र में देश भर से बुद्धि जीविओं , और किसान ,मज़दूर व् ट्रेड यूनियन नेताओं को इकठ्ठा किया है ।
दिल्ली के महाराष्ट्र सदन में मीडिया से बात करते हुए अन्ना ने कहा कि” मोदी सरकार अपने वादों को पूरा करने में पूर्णतया विफल रही है ,उन्होंने कहा ब्लैक मनी आजतक वापस नहीं आया ,किसान आत्महत्याएं कररहे हैं ,स्वामीनाथन कमीशन रिपोर्ट को अभी तक लागू नहीं किया गया है , भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है ,समाजसेवी अन्ना ने कहा कि मोदी का लोकपाल को लागू करने में कोई रुचि नहीं , जब वो गुजरात के CM थे तब भी उन्होंने लोकायुक्त कि नियुक्ति नहीं होने दी , और इसके खिलाफ वो हाई कोर्ट चले गए , और उसके बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे ।”
अन्ना ने बताया कि वो लोकपाल के सम्बन्ध में अब तक मोदी को 8 चिट्ठियां भेज चुके हैं किन्तु किसी का कोई उत्तर नहीं है ।
इसके बाद हमारी मुलाक़ात अन्नाजी कि टीम के एक कार्येकर्ता तथा प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर कर्नल दिनेश से हुई उन्होंने हमें बताया कि अन्ना जी आरएसएस के विरोध में किसान ,मज़दूर ,जवान संघ बनाएंगे जिसमें देश के ७ लाख गाँव जोड़े जाएंगे ,उन्होंने कहा दरअसल स्मार्ट शहर नहीं स्मार्ट गाँव बनाने कि आवश्यकता है , उन्होंने कहा गाँव के स्तर पर economic units क्यों नहीं बनाई जातीं ।
कर्नल दिनेश ने कहा मोदी कहते हैं कि हमारी सरकार में न कोई घोटाला हुआ न कोई भ्रष्ट है , कर्नल ने कहा व्यापम घोटाला तो घोटाला भी है ,भ्रष्टाचार भी , व्यापम घोटाला देश में यह पहला और निराला घोटाला है जो बीजेपी की मध्य प्रदेश सरकार में हुआ जिसमें हर सुबूत का क़त्ल हुआ , जो भी गवाह मिला उसी का मर्डर हुआ और उसपर कोई चर्चा तक नहीं होती ।
उन्होंने कहा देस में अनेकों समस्याएं हैं किन्तु उनका समाधान कोई नहीं तलाशता हम बताते हैं . आज स्वतंतर्ता संग्राम वेवस्था की ज़रुरत है , संसद प्रणाली को बदलकर जान संसद प्रणाली लाई जाएगी , सांसद या विधायक का प्रत्याशी जनता पे थोपा नहीं जाएगा बल्कि ग्राम पंचायत लेवल पर ही इसका चयन होगा ,इसके अलावा हर एक अपने अधिकारों की बात करता है कर्तव्यों की बात नहीं करता हम अधिकारों के साथ कर्तव्यों को भी सुनिश्चित बनाने की बात करेंगे ।
दिनेश ने कहा संविधान पावर नहीं सेवा की बात करता है ।जब उनसे पूछा गया की वो यह कैसे सुनिश्चित करोगे की जो लोग आपके आंदोलन या विचार धरा के साथ आरहे हैं वो देश हित में और ईमानदारी से काम करेंगे , इसपर उनका जवाब था हम सामने वाले की जद्दी देखकर चयन करेंगे किस रंग की है ।
उन्होंने कहा जो देश में धर्म के आधार पर देश को बांटने की ओछी राजनीती कररहे हैं उनको देश में रहने का ही हक़ नहीं है और नाही वो देश भक्त होसकते हैं ।देश भक्ति के लिए सबसे पहले ज़रूरी आपसी भाईचारा है इसके बिना कोई भी सपना अधूरा है । आखिर में उन्होंने अपनी बात अन्ना जी के शेर पर ख़त्म की
हम सरे राह खड़े हैं लेके प्यार की मशाल । जो भी देशभक्त है अपना दिया जलाता चले ॥