अमेरिकी नेताओं के दौरे से बौखलाया ड्रैगन, ताइवान के सात अधिकारियों पर लगाया प्रतिबंध.

ताइवान मुद्दे पर चीन और अमेरिका के बीच तनाव कम नहीं हो रहा है। अमेरिकी संसद के निचले सदन की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के बाद अमेरिकी कांग्रेस के एक और प्रतिनिधिमंडल ने ताइवान की यात्रा की।

ताइवान में अमेरिकी नेताओं की यात्राओं से चीन चिंतित है। इसी बीच, चीन ने ताइवान के सात शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। चीन ने मंगलवार को वाशिंगटन में ताइपे के प्रतिनिधि सहित ताइवान के सात राजनेताओं और अधिकारियों पर प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है।

अगस्त की शुरुआत में अमेरिकी हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी और सोमवार को डेमोक्रेटिक सीनेटर एड मार्के के नेतृत्व में अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल द्वारा ताइवान के दौरे के बाद बीजिंग ने इन प्रतिबंधों की घोषणा की गई। इसके अलावा पिछले हफ्ते लिथुआनिया के उप परिवहन और संचार मंत्री एग्ने वैसीयूकेविशिएट ने ताइवान का दौरा किया। गौरतलब है कि लिथुआनिया यूरोपीय संघ का हिस्सा है।

चीन ने पहले ही पेलोसी और एग्ने के खिलाफ प्रतिबंध लगा दिए हैं। चीन ने सात ताइवानी सरकारी अधिकारियों और राजनेताओं के खिलाफ प्रतिबंधों की घोषणा करते हुए कहा कि उन्होंने अलग हुए द्वीप के लिए स्वतंत्रता-समर्थक एजेंडे को आगे बढ़ाया। इसी बीच सोमवार को एक बार फिर से चीन ने ताइवान के आस-पास बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया। गौरतलब है कि चीन ने 15 दिनों के भीतर दोबारा सैन्य अभ्यास किया है।

अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी के दौरे के 12 दिन बाद अमेरिकी सांसदों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने वहां की यात्रा की थी। पेलोसी की यात्रा के बाद चीन ने आक्रामक युद्धाभ्यास किया था। पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व मैसाचुसेट्स के डेमोक्रेटिक सांसद एड मार्के ने किया था। प्रतिनिधिमंडल में औमुआ अमाता कोलमैन राडेवेगन, जॉन गारमेंडी, एलन लोवेंथल और डॉन बेयर शामिल थे। चीन द्वारा किए जा रहे सैन्य अभ्यास को लेकर ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग-वेन ने सोमवार को कहा था कि हमारी सरकार व सेना चीन के सैन्य अभ्यास पर करीबी नजर रख रही है और जरूरत के अनुसार प्रतिक्रिया देने को तैयार है।

मैं विश्व बिरादरी से लोकतांत्रिक ताइवान का समर्थन करने और क्षेत्रीय सुरक्षा की स्थिति में तनाव बढ़ने से रोकने की अपील करती हूं।
इससे पहले चीन ने पांच अगस्त को भी युद्ध अभ्यास किया था। चीन ने इस दौरान 68 एयरक्राफट, 13 जहाज ताइवान के सीमा के पास समुद्र के चारों तरफ उड़ाए। वहीं चीन की इस तानाशाही से ताइवान भी भड़क गया और जलसंधि के उल्लंघन का आरोप लगा दिया। इसके अलावा चीनी ईस्टर्न थिएटर कमांड ने मिसाइलों के नए संस्करणों की लांचिंग करते हुए ताइवान स्ट्रेट में अज्ञात लक्ष्यों पर सटीक निशाना साधने का दावा किया । इनमें ताइवान पर प्रशांत क्षेत्र में दागे गए प्रोजेक्टाइल शामिल थे। चीनी सैन्याभ्यास के दूसरे दिन चीनी लड़ाकू विमान ताइवान के वायुक्षेत्र में भी घुसे, जिनमें 20 जंगी विमान और 10 युद्धपोतों ने ताइवानी स्ट्रेट की मीडियन लाइन को पार कर लिया।

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