[t4b-ticker]
Home » News » ऐ भाई सड़क पे संभलके चलो, नया क़ानून लागू

ऐ भाई सड़क पे संभलके चलो, नया क़ानून लागू

Spread the love

ऐ भाई सड़क पे संभलके चलो ,चालान भी है और जेल भी , ऐ भाई

मोटर व्हीकल Act 2019 में क्या हुआ संशोधन ,रहें होशयार ,मगर क्सिकी जेब होगी ढीली और किसकी मोटी

नई दिल्ली Top Bureau //:आपको बता दें कि मोटर व्हीकल संशोधन एक्ट 2019 सबसे पहले दिल्ली में इतवार से सड़क पर लागू होगया , और इसके लागू होने के बाद पहले दिन दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लगभग 2500 पुलिसकर्मियों को सड़क पर उतारा था। इन सभी पुलिसकर्मियों को चालान काटने के काम पर लगाया गया था। दिल्ली की सड़कों पर गैर नए बने क़ानून के खिलाफ गाड़ी चला रहे लोगों को एक सबक सिखाने के मकसद से सड़कों पर उतरे ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने करीब 3900 चालान काटे और आज पहले दिन खुद ज्वॉइंट सीपी लेवल के ऑफिसर मॉनिटर कर रहे थे।

इस एक्ट को बीती महीने ही संसद से मंजूरी मिली है। इन नियमों का उद्देश्य लोगों में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने का भय भरना है क्योंकि अभी तक जुर्माने की राशि बहुत कम होती थी जिसकी वजह से लोग 100-50 रुपये थमाकर ट्रैफिक के नियमों को तोड़ना अपनी शान समझते थे। अब कई शहरों में ट्रैफिक नियमों को तोड़ने वाले ‘इंटलीजेंट ट्रैफिक सिस्टम’ भी नजर रखेगा। नए नियमों के मुताबिक अब ड्राइविंग के दौरान मोबाइल से बात करना, ट्रैफिक जंप करना और गलत दिशा में ड्राइव करने को खतरनाक ड्राइविंग कैटेगिरी में रखा गया है और इस पर भारी जुर्माना देना पड़ेगा।

आइये देखें कुछ ख़ास नए संशोधन

सबसे हम बात करेंगे ना बालिग़ राइडर्स की , नाबालिग के गाड़ी चलाने पर 25 हज़ार रुपये का जुर्माना, गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी होगा रद्द और नाबालिग का ड्राइविंग लाइसेंस 25 साल की उम्र तक नहीं बन सकेगा ।

दुपहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने पर जो जुर्माना पहले 100 रुपये था अब वो 500 रुपये हो गया है।

बिना हेलमेट के दुपहिया वाहन चलाने पर 500 से 1500 रुपये तक का होगा जुर्माना, पहले ये 100 से 300 रुपये था।

बिना ड्राइविंग लाइसेंस के गाड़ी चलाते पाए जाने पर अब 500 की जगह 5000 रुपये देने होंगे।

Rash (ख़तरनाक) ड्राइविंग करने पर अब एक हज़ार की बजाए 5 हज़ार रुपये का होगा जुरमाना ।

ड्राइविंग के दौरान फ़ोन पर बात करने पर 1 हज़ार की जगह 5 हज़ार रुपये तक भरने पड़ेंगे।

पॉल्यूशन सर्टिफ़िकेट न होने पर पहले 100 रुपये भरने पड़ते थे अब 500 रुपये देने होंगे।

गलत दिशा में ड्राइविंग करने पर अब 1100 के बजाए 5000 रुपये तक देने होंगे।

सबसे ज़्यादा जुरमाना रेड लाइट जंप करने पर बढ़ाया गया है , पहले यह जुर्माना सिर्फ़ 100 रुपये था अब 10 हज़ार हो गया है।

सीट बेल्ट लगाए बिना गाड़ी चलाने पर अब 1 हज़ार रुपए का जुर्माना भरना पड़ेगा।

शराब पीकर गाड़ी चलाने पर जुर्माना अब 10 हज़ार हो गया है।

इमरजेंसी गाड़ियों जैसे एंबुलेंस और दमकल की गाड़ियों को साइड न देने पर 10 हज़ार रुपये का

 

अब देखना यह है की यह संशोधित बिल कितने दिन इन्साफ के साथ सड़कों पर लागू रहेगा ,रहेगा भी या नहीं या वो ढाक के तीन पात , क़ानून पैसे से बिकता है , इस सबका लाभ ट्रैफिक पुलिस को शायद ज़्यादा होसकता है ,क्योंकि अब ज़्यादा मोटी रक़म नियम तोड़ने के एवज़ ली जायेगी ।

और सीधे राइडर की जेब ढीली होना तय है और ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की जेब भारी होगी क्योंकि हर एक व्यक्ति अपना समय बचाने के लिए कोर्ट जाने से बेहतर रिश्वत देने को समझता है , जो बिलकुल ग़लत है  ,जिसको चतुराई समझा जाता है।और यह राष्ट्रद्रोह है  ।

इस सम्बन्ध में टाइम्स ऑफ़ पीडिया अपने सभी पाठकों और दर्शकों को सलाह देना और अपील करना चाहता है की वो चालान को कोर्ट जाकर देने की प्रैक्टिस बनायें जिससे इसका लाभ सीधे देश को होगा दुसरे पुलिस द्वारा ली जा रही रिश्वत की बुरी आदत और चलन भी ख़त्म होगा ।

सरकार द्वारा बनाये जा रहे इस प्रकार के क़ानून या क़ानूनों में संशोधन बहुत अच्छा है किन्तु नागरिकों की सुरक्षा और सामाजिक न्याय का धयान रखना भी सरकार की ही ज़िम्मेदारी है , जबकि कोई भी गाडी मालिक Road tax देकर की रोड पर अपनी गाडी लाता है .मिसाल के तौर पर सड़क पर बीचो बीच बड़े बड़े गड्ढे ,टूटी सड़के होने की वजह से होने वाले हादसे आम  बात है और कई बार इसकी वजह से कई लोगों की मौत भी हो जाती है , मेन हॉल्स के खुले ढक्कन कभी कभी लोगों की मौत का कारण बनते हैं ।

सड़क पर बीचो बीच बिजली का खम्बा या कोई पेड़ का हमेशा बना रहना यह भी कई बार यात्रियों की मौत की वजह बनता देखा गया है ।आवारा जानवरों से तो टू , थ्री या फोर व्हीलर यात्री ही नहीं बल्कि पैदल यात्रियों के लिए भी यह एक बड़ा मसला है ,और आये दिन भयानक घटनाएं सामने आती ही रहती हैं .

इसकी ज़िम्मेदारी भी सरकार लेते हुए तुरंत प्रभाव से इस समस्या का समाधान निकाले , और हमारी सड़के बिना किसी रुकावट की होनी चाहिए , तभी इन ट्राफ़ीफ़ नियमों का कुछ मक़सद समझ आता है अन्यथा नागरिक की सुरक्षा के नाम पर दोहन का एक और रास्ता खुल रहा है ।
इस खबर पर अपना कमेंट ज़रूर डालें , शुक्रिया

 

Please follow and like us:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

You may use these HTML tags and attributes: <a href="" title=""> <abbr title=""> <acronym title=""> <b> <blockquote cite=""> <cite> <code> <del datetime=""> <em> <i> <q cite=""> <s> <strike> <strong>

Scroll To Top
error

Enjoy our portal? Please spread the word :)