आज रात शरद पूर्णिमा की धवल चांदनी में डूबे ताज को निहारेंगे सैलानी

आगरा , 25 अक्टूबर ।आगरा में मोहब्बत की निशानी के रूप में विश्व भर में प्रसिद्ध विश्व धरोहर ताजमहल को आज शरद पूर्णिमा की रात चाँद की धवल चांदनी की रौशनी में देखने उत्साहित पर्यटकों का जमाबाड़ा रहेगा । पर्यटकों में शरद पूर्णिमा की रात चांदनी में ताज के कुछ विशेष चमकते दमकते बेशकीमती नगीनो को देखने का एक विशेष उत्साह रहता है।

शरद पूर्णिमा की रात ताज का दीदार करने के लिए 5 दिन पहले ही भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ए एस आई)द्वारा बुकिंग शुरू कर दी गई थी। शनिवार से लेकर मंगलवार तक चार दिवसीय बुकिंग की गई है। प्रत्येक दिन रात 8:30 बजे से 12:30 बजे तक आधा आधा घंटे के लिए आठ स्लाट बनाए गए हैं प्रत्येक स्लॉट में 50 सैलानियों का दल ताजमहल का दीदार करेगा। इस तरह शरद पूर्णिमा के चार दिवसीय नाइट व्यू में प्रत्येक दिन 400 पर्यटक अपनी सुविधा अनुसार ताजमहल का दीदार करेंगे। लेकिन इन चार दिनों के अंदर शरद पूर्णिमा के दिन रात में चांद की शीतल चांदनी में नहाये हुए ताज का दीदार करने का एक विशेष उत्साह है। ऐसा मानना है कि ताजमहल में संगमरमर के बीच कई बेशकीमती पत्थर और नगीने लगे हुए हैं जोशरद पूर्णिमा की रात चाँद की रोशनी पड़ने पर चमकने दमकने लगते हैं। इस घटनाक्रम को चमकी के नाम से जाना जाता है।

ताजमहल के पास रहने वाले स्थानीय निवासी शमसुद्दीन बताते हैं कि काफी वर्ष पहले शरद पूर्णिमा को ताजमहल का रात्रि दीदार एकदम निशुल्क था। कोई प्रतिबंध नहीं था। लेकिन ताजमहल के संरक्षण को देखते हुए सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार अब केवल शरद पूर्णिमा पर चार दिवसीय नाइट व्यू की इज़ाज़त है।

माल रोड स्थित आई एस आई कार्यालय में इन चार दिनों के सभी स्लॉट बुक हो चुके हैं। टिकट के लिए पहुंचने वाले पर्यटक अब मायूस होकर लौट रहे,। पूर्व वर्षों की भांति जिन सैलानियों को टिकट नहीं मिल पाई वे पर्यटक ताजमहल के पीछे यमुना पार मेहताब बाग की ओर से ताज व्यू पॉइंट से ताज का दीदार करेंगे

टूरिस्ट गिल्ड के पूर्व अध्यक्ष राजीव सक्सेना बताया कि ताजमहल के पास के होटलों में, पर्यटक ताज की इस अप्रतिम घटना को देखने बड़ी संख्या में रुकने पहुंच चुके हैं जो पर्यटक टिकट मिलने से वंचित हैं उनको होटलों द्वारा होटल की छत से नाइट व्यू दिखाने का तैयारी की गई है। पर्यटन के अलावा बड़ी संख्या में आगरा शहर से भी युवक शरद पूर्णिमा पर ताजमहल की चमकी देखने पहुंचते हैं लेकिन सीमित संख्या में टिकट की बुकिंग होने के कारण यह लोग मेहताब बाग में स्थित ताजव्यू पॉइंट से ताज का दीदार करते हैं इस दौरान टोर्च की रोशनी में यह ताजमहल पर उन बेश कीमती पत्थरों की चमक को ढूंढने का प्रयास करते हैं। जैसे ही चमक दिखाई देती है चमकी चमकी की गूंज चारों ओर फैल जाती है इस नजारे को देखने के लोग वर्षभर इंतजार करते हैं।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) में आगरा सर्किल में तैनात अधीक्षण पुरातत्वविद् स्मिता एस. कुमार के अनुसार शरद पूर्णिमा के चार दिवसीय रात्रि दर्शन में प्रत्येक दिन 8 स्लोटों में कुल 400 पर्यटक रात्रि दर्शन करेंगे इसके लिए विभाग पर तैयारी पूरी कर ली गई है

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