पूर्व FM बोले – वित्त मंत्री ने भारत के लोगों को दिया धोखा

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पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने अगले वित्त वर्ष के बजट को लेकर आरोप लगाया कि निर्मला सीतारमण ने देश के लोगों को धोखा दिया है और बजट से इतनी निराशा पहले कभी नहीं हुई.

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने आज के बजट को लेकर आरोप लगाया कि मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने देश के लोगों को धोखा दिया है , इससे पहले देश की जनता को बजट से इतनी निराशा नहीं हुई. चितंबरम ने मीडिया को बताया , ‘‘वित्त मंत्री ने भारत के लोगों खासकर मजूदरों,किसानों,गरीबों, कामकाजी तबके,स्थायी रूप से बंद हुईं औद्योगिक इकाइयों और बेरोजगार हुए लोगों को धोखा दिया है.

उन्होंने उनका भाषण सुन रहे सांसदों समेत उन सभी लोगों के साथ धोखा किया है जिनको इस बारे में कोई जानकारी नहीं थी कि पेट्रोल एवं डीजल समेत कई उत्पादों पर उपकर यानी Cess लगा दिया गया है.”पूर्व FM ने कहा कि मोदी सरकार की वित्त मंत्री ने अपने भाषण में रक्षा समेत कई महत्वपूर्ण विषयों का उल्लेख नहीं किया.

P Chidambram ने कहा, ‘‘सरकार से बड़ी उम्मीदें थी कि खर्च में बढ़ोतरी की जाएगी ताकि निजी निवेश और उपभोग को बढ़ावा मिल सके, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि मामूली बढ़ोतरी हुई है जो 34,50,305 करोड़ रुपये से बढकर 34,83,236 करोड़ रुपये हो गया है.”उन्होंने कहा, ‘‘इस बजट से जितनी निराशा हुई है पहले कभी नहीं हुई. पिछले साल की तरह इस बजट की सच्चाई सामने आ जाएगी.”

आज 2021 -22 के देश के Budget के ऐलान के बाद कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने आरोप लगाया, ‘‘इस बजट का नाम धोखेबाज बजट है. इसमें सिर्फ लोगों को धोखा दिया गया है.”
जबकि इस Budget को पीएम मोदी ने लोक लुभावन और विकासशील बजट बताते हुए वित्त मंत्री और उनकी टीम को बधाई दी है. पीएम मोदी ने कहा कि इस बजट के केंद्र में किसान है.मोदी ने यह भी कहा कि यह बजट कोरोना वायरस संक्रमण के काल में आत्मनिर्भर भारत का विजन है .

प्रधानमंत्री ने कहा कि ये बजट नए भारत के आत्मविश्वास को उजागर करने वाला है. बजट देश के इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव लाएगा, साथ ही युवाओं को कई मौके देने का काम करेगा. उन्होंने कहा कि ऐसे बजट बहुत कम देखने को मिलते हैं, जिसकी शुरुआत में अच्छे रिस्पॉन्स आए. पीएम मोदी ने कहा कि चुनौतियों के बावजूद हमारी सरकार ने बजट को पारदर्शी बनाने पर ज़ोर दिया.

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