देश के नए चीफ जस्टिस रंजन गोगोई 3 अक्टूबर को लेंगे ४६वें CJI की शपथ

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई देश के अगले मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) हो सकते हैं ,होसकते हैं हम इस लिए कह रहे हैं कि शपथ ग्रहण से पहले 31 दिनों में देश की हालिया सियासत के चलते कुछ भी होसकता है , अगले पल क्या होगा कोई नहीं जानता ।
यह अलग बात है एक सिस्टम के तहत वर्तमान चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा ने अपने उत्तराधिकारी के रूप में उनके नाम की सिफारिश की है।वो इनका नाम वापस भी लेसकते हैं या उनसे इस नाम को वापस लेने का दबाव भी डाला जासकता है .ऐसा क्यों होसकता है ये आपको आगे पता चलेगा …

अब देखना यह है कि CJI के नाम की सिफारिश के लिए वर्तमान CJI के बाद जो सबसे सीनियर नयायधीश होता है उसी का नाम पेश किया जाता है , लेकिन 1973 में जस्टिस A.N.Ray के केस में मामला कुछ मुख्तलिफ दिखाई दिया था , इनका नाम तीन सीनियर जजों J M Shelat, A N Grover और K S Hegde को नज़र अंदाज़ करके CJI के लिये पेश कर दिया गया ।इसको भारतीय न्यायिक प्रणाली पर हमला कहा गया था।
आज जिस तरह के सियासी हालात हैं ऐसे में कुछ भी मुमक़िन होसकता है .1973 का दौर इमरजेंसी के फ़ौरन पहले का दौर था और आज कोनसी इमरजेंसी है , है भी या नहीं है ये देश की जनता बताएगी ……
नव घोषित CJI नयायधीश रंजन गोगोई के सम्बन्ध में कई बातें ध्यान रखने की है ,एक तो वो असम से हैं , और आजकल NRC का मुद्दा काफी गरम भी है ,और सुप्रीम कोर्ट में है , ऐसे में उनका CJI के पद पर पहुँचने से पहले इस पर अंतिम फैसला आजायेगा या उनके CJI की शपथ का इंतज़ार होगा ? वो जो भी हो आजकी सियासी परिस्तिथियों में कितना महत्वपूर्ण होगा और उसको किस तरह लिया जाएगा , यह देखना होगा .