बांग्लादेश के तंगेल जिला में असामाजिक तत्वों ने दुर्गा पंडाल की सात मूर्तियां खंडित की

ढाका, 04 अक्टूबर । बांग्लादेश के तंगेल जिले के मिर्जापुर उप जिला स्थित जमुर्की पश्चिमपाड़ा में एक हिंदू मंदिर में दुर्गा पंडाल के लिए बनाई जा रही सात मूर्तियों को असामाजिक तत्वों ने तोड़कर खंडित कर दिया। मंदिर अधिकारियों और पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार रात और गुरुवार तड़के के मध्य हुई।

द डेली स्टार की रिपोर्ट के अनुसार, स्थानीय लोगों ने बताया कि जमुर्की आर्य समिति के तत्वावधान में लगभग 85 वर्ष से मंदिर में दुर्गा पूजा मनाई जाती रही है। इस वर्ष के उत्सव की तैयारी चल रही थी, जिसमें दुर्गा मूर्ति सहित सात मूर्तियां तैयार की जा रही थीं। पेंटिंग को छोड़कर ज्यादातर काम पूरा हो चुका था।

जमुर्की आर्य समिति के अध्यक्ष प्रकाश बकाली ने कहा, “हम बुधवार रात 10:00 बजे तक मंदिर में थे। फिर हम घर चले गए। जब हम सुबह मंदिर लौटे, तो हमने मूर्तियों को खंडित पाया। हमें नहीं पता कि यह किसने किया। हमने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। हम चाहते हैं कि कानून लागू करने वाले जिम्मेदार लोगों का पता लगाएं और उन्हें न्याय के कटघरे में लाएं।”

इस घटना के बाद तंगेल के पुलिस अधीक्षक मोहम्मद शम्सुल आलम सरकार और अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और हिंदू समुदाय के सदस्यों को आश्वासन दिया कि अपराधियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, इस घटना ने स्थानीय हिंदू समुदाय में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।

चिन्मय दास की रिहाई की मांगः न्यूज एज बांग्लादेश की रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार को भारत के कोलकाता में बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन के पास लगभग 100 लोगों के एक समूह ने विरोध प्रदर्शन किया। वे हिंदू संत चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई की मांग कर रहे थे। वह 2024 से बांग्लादेश की जेल में बंद हैं।

प्रदर्शनकारियों ने विवेकानंद मिशन सेवा प्रतिष्ठान और नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया के बैनर तले सियालदह रेलवे स्टेशन से बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन तक जुलूस भी निकाला। कोलकाता में बांग्लादेश डिप्टी हाई कमीशन से मिले संदेश के अनुसार, पुलिस ने मिशन के पास जुलूस को रोक दिया और पांच प्रतिनिधियों को चांसरी तक ले गई, जहां चांसरी के प्रमुख और दूसरे सचिव ने ज्ञापन स्वीकार किया।

संदेश में कहा गया है कि ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रतिनिधियों ने दुर्गा पूजा के लिए अतिरिक्त फंड देने और छुट्टी को पांच दिन तक बढ़ाने के लिए बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान का धन्यवाद किया। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश सरकार से दुर्गा पूजा और उसके बाद भी हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया, साथ ही न्याय और चिन्मय कृष्ण दास की जल्द रिहाई की मांग की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.