अमेरिकी वित्त सचिव स्कॉट बेसेंट का दावा, ईरान की सभी एयरलाइंस बुधवार से बंद कर दी जाएंगी

सीएनबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, बेसेंट ने यह दावा उनके “स्क्वाक बॉक्स” प्रोग्राम में किया। वित्त सचिव ने कहा कि वाशिंगटन ईरान पर पहले से कहीं ज्यादा दबाव डाल रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया भर में ईरान की मदद करने वालों को उनके बैंकों पर प्रतिबंध लगाकर रोक रहा है। उल्लेखनीय है कि वित्त मंत्रालय ने पिछले हफ्ते रूस के सरकारी वीटीबी बैंक पर नए प्रतिबंधों की घोषणा इसी आशय से की। यह ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने की कोशिश का हिस्सा ही था।

इस घटनाक्रम के बीच खबर यह है कि ब्रिटेन ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब का समर्थन करेगा। रॉयल एयर फोर्स सऊदी विमानों को हवा में ही फ्यूल भरने (एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग) की सुविधा देगी। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम ने पत्रकारों को बताया कि यह व्यवस्था कुछ हफ्तों के लिए होगी और इसकी समीक्षा लगातार होगी। यह कदम तब उठाया गया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सप्ताहांत में विद्रोहियों के खिलाफ मदद के लिए रियाद के अनुरोध को ठुकरा दिया था।

हूती विद्रोहियों ने हाल ही में लाल सागर में यमन के पेरिम द्वीप पर कब्जा कर लिया है। इससे बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर उसकी पकड़ मजबूत हो गई है। इससे ईरान और उसके सहयोगी दो बेहद अहम तेल ‘चोक पॉइंट’ (संवेदनशील रास्ते) – बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण करने की स्थिति में आ गए हैं। बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य तेल निर्यात के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य का एक अहम विकल्प है, खासकर सऊदी अरब के लिए। सऊदी अरब की ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन उसे कुछ तेल की सप्लाई को लाल सागर से निर्यात करने की सुविधा देती है।

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