मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने को सोलर लाइट और फेंसिंग पर जोर

नैनीताल, 07 सितंबर । नैनीताल वन प्रभाग के जीबी पंत उच्चस्थलीय प्राणी उद्यान में सोमवार को मानव-वन्यजीव संघर्ष कम करने को लेकर बैठक हुई। उत्तराखंड बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य योगेश राजवार की अध्यक्षता में हुई बैठक में ओखलकांडा के तुषराड़ ग्राम पंचायत और भीमताल के दोगड़ा वन पंचायत के साथ पूरे वन प्रभाग की समस्याओं पर चर्चा की गई। बैठक में विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया।

बैठक में उप वनसंरक्षक आकाश गंगवार ने सुझाव दिया कि बच्चे झुंड में कुछ बातें या शोर करते हुए या गांव के किसी बड़े व्यक्ति को लेकर विद्यालय जायें। अंधेरे में घर से बाहर निकलने से बचें या समूह में निकलें तो काफी बचाव हो सकता है।

संवेदनशील क्षेत्रों में सोलर लाइट लगाने और आवश्यक स्थानों पर फेंसिंग करने के साथ विद्यालय मार्गों को चिन्हित कर सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए। नैनीताल और आसपास बंदरों की समस्या के समाधान के लिए बंदर बंध्याकरण कार्यक्रम को भी प्रभावी एवं योजनाबद्ध तरीके से संचालित करने पर जोर दिया गया।

बैठक में ग्रामीणों और विद्यार्थियों के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने, वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने, वन्यजीवों की मौजूदगी में सावधानी बरतने और आपात स्थिति में वन विभाग को सूचना देने के संबंध में जानकारी देने पर जोर दिया गया। जमरानी परियोजना से कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में सोलर लाइट, फेंसिंग और रेस्क्यू वाहन की व्यवस्था कराने पर भी चर्चा हुई।

आगामी मौसम में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं को देखते हुए रेस्क्यू टीमों में अतिरिक्त कार्मिक बढ़ाने तथा उन्हें नाइट विजन कैमरे, जीपीएस, आधुनिक संचार उपकरण, ट्रैंक्विलाइजिंग उपकरण, प्राथमिक उपचार किट, पिंजरे और सुरक्षा सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती, रेस्क्यू टीमों की 24 घंटे उपलब्धता और विभागीय नियंत्रण कक्ष से बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया। आयोग के सदस्य योगेश राजवार ने मानव-वन्यजीव संघर्ष और रेस्क्यू कार्यों के लिए नैनीताल वन प्रभाग की सराहना की।

बैठक में उप प्रभागीय वनाधिकारी ममता चंद व शशि देव, वन क्षेत्राधिकारी नितिन पंत व विजय मेलकानी, क्षेत्र पंचायत सदस्य गौरव रमोला, निशा रमोला और पंकज सूर्या सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

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