बीजेपी का बनबास ख़त्म,अब आएगा उप्र. में रामराज ?

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राजा दशरथ के तीन रानियाँ थीं: कौशल्या, सुमित्रा और कैकेयी। मोदी जी की कितनी रानियां हैं मेरे को नहीं पता कोई है भी या नहीं इसका भी नहीं मालूम यह तो वही बता सकते हैं ….राम कौशल्या के पुत्र थे । राज्य नियमो से राजा का ज्येष्ठ लड़का ही राजा बनने का पात्र होता है अत: राम को अयोध्या का राजा बनना निश्चित था।इधर योगी आदित्यनाथ का बनना भी तय था…..  कैकेयी जिन्होने दो बार दशरथ की जान बचाई थी और दशरथ ने उन्हें यह वर दिया था की वो जीवन के किसी भी पल उनसे दो वर मांग सकती है।

राम को राजा बनते हुए और भविष्य को देखते हुए कैकेयी चाहती थी उनका पुत्र भरत ही राजा बनें, इसलिए उन्होने राजा दशरथ द्वारा राम को १४ वर्ष का वनवास दिलाया और अपने पुत्र भरत के लिए अयोध्या का राज्य मांग लिया।हमको यह भी नहीं पता की रिदम्बरआ  , प्राची ,या ईरानी में से किसने योगी को मांगा ,माँगा भी या नहीं ….  वचनों में बंधे राजा दशरथ को मजबूरन यह स्वीकार करना पड़ा। राम ने अपने पिता की आज्ञा का पालन किया। राम की पत्नी सीता और उनके भाई लक्ष्मण भी वनवास गये थे।मगर योगी जी को सांप्रदायिक दंगे भड़काने के जुर्म में केवल 19 दिन की ही जेल हुई थी….23 वर्षों से लोकसभा सदस्ये की हैसियत से आनंद ले रहे हैं …..

वनवास के समय, रावण ने सीता का हरण किया था। योगी जी की कोई सीता नहीं जिसका हरण होता ….रावण एक राक्षस तथा लंका का राजा था।योगी जी राक्षस तो नहीं मगर मुक़द्दमे इनपर भी किसी से कम नहीं,,,,,,,  रामायण के अनुसार, जब राम , सीता और लक्ष्मण कुटिया में थे तब एक हिरण की वाणी सुनकर सीता व्याकुल हो गयी। वह हिरण रावण का मामा मारीच था। उसने रावण के कहने पर सुनहरे हिरण का रूप बनाया| सीता उसे देख कर मोहित हो गई और श्रीराम से उस हिरण का शिकार करने का अनुरोध किया| श्रीराम अपनी भार्या की इच्छा पूरी करने चल पडे…..सलमान खान को हिरन के शिकार पर ही वर्षों अदालत  के चक्कर काटने पड़े थे यह मत भूलना …….मगर राम के अनुयायी तो किसी  जीव का भी वध नहीं करते ,,,बस इंसानो को क़त्ल करने या कराने का आह्वान करते हैं …..और एक ख़ास वर्ग की औरतों को भगाने के लिए उकसाते हैं ….जिसको वो जुर्म भी नहीं कहते …..मगर सीता को भगाना यक़ीनन रावण का एक बड़ा जुर्म था जिसकी सजा आजतक उसको मिलती रहती है ……मगर योगी जी को मुस्लिम महिलाओं के भगाने के लिए उकसाने पर प्रदेश की जनता ने तो बड़ी जीत का पुरस्कार दिया .क्या वाक़ई यह राम का भारत है ? पता नहीं …..मगर अभी भी बाहर प्यार है आम जनता में ….ये राजनितिक अंधेरों की सियासत छोड़ दें तो अपना भारत आज भी रोशन नगरी है ….

मौका मिलते ही श्रीराम ने तीर चलाया और हिरण बने मारीच का वध किया| मरते मरते मारीच ने ज़ोर से “हे सीता ! हे लक्ष्मण” की आवाज़ लगायी| उस आवाज़ को सुन सीता चिन्तित हो गयीं और उन्होंने लक्ष्मण को श्रीराम के पास जाने को कहा | भाभी की बात को इंकार न कर सके पर जाने से पहले लक्ष्मण ने एक रेखा खींचकर कहा इससे बाहर न निकलना …..इसी तरह मोदी जी ने भी लकीर खींचकर अपने मुख्यमंत्रियों को बता दिया है की इससे बाहर न निकलना …और योगी भी अपने मंत्रियों को यही उपदेश दे चुके हैं …….इस बीच सीता का हरण होगया …

 

राम, अपने भाई लक्ष्मण के साथ सीता की खोज मे दर-दर भटक रहे थे। लेकिन यहाँ राम की सीता का तो नहीं योगी की बीजेपी की सत्ता का ज़रूर हरण हुआ था ……तब वे हनुमान और सुग्रीव नामक दो वानरों से मिले। हनुमान, राम के सबसे बडे भक्त बने……आज तो मोदी जी के बहुत सारे भक्त हैं……….

सीता को पुनः प्राप्त करने के लिए भगवन राम ने हनुमान , विभीषण और वानर सेना की मदद से रावन के सभी बंधू-बांधवो और उसके वंशजोँ को पराजित किया था …..यहाँ आज मोदी जी ने केशव प्रसाद मौर्या , दिनेश सिंह तथा योगी आदित्यनाथ तथा संघी सेनाओं की मदद से उप के अखिलेश और मायावती को पराजित किया …..

लौटते समय विभीषण को लंका का राजा बनाकर अच्छे शासन  के लिए मार्गदर्शन किया।उम्मीद है मोदी जी ने भी योगी को अच्छे शासन के लिए प्रेरित किया होगा ..एक योगी से अच्छे शासन की ही उपेक्षा भी जाती है …विपक्ष में रहते हुए सियासी हथकंडों का इस्तेमाल किया होगा ऐसा मान लेते हैं …..

 

‘द वाशिंगटन पोस्ट’ के मुताबिक 44 वर्षीय आदित्यनाथ 26 वर्ष की उम्र में पहली बार जब सांसद बने थे तब उनकी पहचान गोरखनाथ मंदिर के एक संन्यासी के रूप में थी. इसके बाद ये अपनी विवादित बयानों के लिए सुर्खियों में रहने लगे. साल 2014 में इन्होंने मस्जिदों में हिंदू देवी-देवताओं को स्थापित करने और भारत से गैर हिंदूओं को बाहर करने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि यह भारत सहित पूरे विश्व के लिए हिंदुत्व की सदी है.

आदित्यनाथ ने कहा था कि टेरेसा भारत में ईसाईकरण की साजिश का हिस्सा थीं. वे अभिनेता शाहरुख खान की तुलना आतंकी से कर चुके हैं. एक रैली में आदित्यनाथ ने कहा था कि अगर एक हिंदू लड़की से कोई मुसलमान शादी करेगा तो हम 10 मुस्लिम लड़कियों से बदला लेंगे. इतना ही नहीं, अगर कोई मुस्लिम किसी एक हिंदू की हत्या करेगा तो हम 100 मुसलमानों को मौत के घाट उतार देंगे.

 

साल 2007 में हिंदू-मुस्लिम तनाव के बाद इस शख्स के संवेदनशील इलाके में जाने पर रोक लगा दी थी. आदेश की अवहेलना के आरोप में आदित्यनाथ 11 दिनों तक जेल में भी रह चुके हैं. साल 2014 के लोकसभा चुनाव में नामांकन के दौरान हलफनामे में दी गई जानकारी के अनुसार आदित्यनाथ पर 18 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिसमें हत्या का प्रयास, आपराधिक धमकी और दंगा मामले का भी आरोप है.

 

इस बार विधानसभा चुनाव की रैलियों में योगी आदित्यनाथ के समर्थक मुसलमानों को देश छोड़ने के नारे लगाते देखे गए थे. आदित्यनाथ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के 7 मुस्लिम देशों के नागरिकों की एंट्री बैन करने के फैसले का भी समर्थन किया था. साथ ही उसने इस फैसले को भारत में लागू करने की भी मांग की थी.

8 मार्च 2002 को बीजेपी के पूर्व  मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के समय को लगभग 14 वर्ष गुज़र चुके हैं ,अब 14 वर्ष के बनबास के बाद प्रदेश में बीजेपी की वापसी योगी आदित्यनाथ के रूप में हुई है ,देखना यह है कि राम मंदिर के नाम पर सत्ता में आने वाली बीजेपी उत्तर प्रदेश में रामराज को स्थापित  करेगी या रावण राज को . यदि सच्चे रामभक्त हैं योगी तो आशा की जाती है कि प्रदेश में सुशासन की वयवस्था होगी , बीजेपी और योगी के सभी आलोचकों को पटकी देकर उनकी भविष्यवाणियों के विपरीत एक ईमानदार और निष्पक्ष मुख्यमंत्री के रूप में योगी अपने राजधर्म को निभाएंगे ,जैसा की मशहूर है की रामराज में हरेक के साथ इन्साफ था अम्न था और सबको बराबर अधिकार मिलता था ।योगी राज में वास्तविक रामराज आएगा या रावणों का ही रहेगा राज देखना बाक़ी है ।Editor’s Desk

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