जुड़ी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में सरकार द्वारा विकास कार्य करवाए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने शनिवार
को गांव खरकड़ी में करीब चार करोड़ 63 लाख रुपये की लागत से पूरी हुई विभिन्न विकास परियोजनाओं
का लोकार्पण किया। इनमें दो करोड़ 75 लाख नौ हजार रुपये की लागत से तैयार बूस्टिंग स्टेशन, एक करोड़ 80 लाख रुपये से निर्मित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय का भवन और आठ लाख
रुपये की लागत से चौपाल में करवाए गए विकास कार्य शामिल हैं। ग्रामीणों की ओर से रखी गई मांगों पर कैबिनेट मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार
और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों
में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए और सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों
तक समयबद्ध तरीके से पहुंचना चाहिए।
रणबीर गंगवा ने बताया कि न्याना से खरकड़ी के बीच सड़क निर्माण का टेंडर किया
जा चुका है। करीब दो करोड़ 32 लाख रुपये की लागत से बनने वाली इस सड़क के निर्माण से
ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी। साथ ही आसपास के गांवों के बीच संपर्क व्यवस्था
भी बेहतर होगी।
गांव में दो करोड़ 75 लाख नौ हजार रुपये की लागत से तैयार बूस्टिंग स्टेशन को ग्रामीणों के लिए महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए मंत्री ने कहा कि इससे पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूती मिलेगी। गांव में पानी की उपलब्धता और दबाव में सुधार होने से लोगों
को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के एक करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से तैयार
भवन का लोकार्पण करते हुए गंगवा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर
शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। आधुनिक आधारभूत ढांचा विद्यार्थियों
की पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करता है। वहीं आठ लाख रुपये की लागत से चौपाल
में करवाए गए विकास कार्यों से ग्रामीणों को सामाजिक एवं सामुदायिक गतिविधियों के लिए
बेहतर सुविधा मिलेगी।
ग्रामीणों और सरपंच संतोष की ओर से गांव के विकास से संबंधित कई मांगें मंत्री
के सामने रखी गईं। इनमें सामुदायिक केंद्र, आयुष अस्पताल और बैंक शाखा की स्थापना,
महिला चौपाल का निर्माण, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगवाना, बिजली आपूर्ति में
सुधार तथा गऊघाट का निर्माण प्रमुख हैं। मंत्री ने कहा कि इन मांगों पर संबंधित विभागों
के माध्यम से नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।