पप्पू यादव अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे, तभी उन पर अचानक तीन लोगों ने चाकू से हमला कर दिया
दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पप्पू यादव पर हमले की कोशिश, आरोपी गिरफ्तार
बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव पर दिल्ली स्थित उनके आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कथित हमले की कोशिश की गई। घटना के दौरान एक व्यक्ति ने चाकू से हमला करने का प्रयास किया, जबकि कुछ लोगों द्वारा चप्पल भी फेंके गए। मौके पर मौजूद समर्थकों और अन्य लोगों ने हमलावर को पकड़ लिया, जिसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।
पप्पू यादव के मीडिया सलाहकार ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी को तो अपने साथ ले गई, लेकिन सांसद की सुरक्षा को लेकर पर्याप्त गंभीरता नहीं दिखाई। घटना के बाद पप्पू यादव ने कहा, “मैंने सनातन का अपमान नहीं किया। अगर वहां जनता मौजूद नहीं होती, तो आज मेरी हत्या हो सकती थी।”
दिल्ली पुलिस ने घटनास्थल से चाकू बरामद कर लिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी की पहचान 34 वर्षीय सुमित के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है और वर्तमान में गाजियाबाद में लोहे का काम करता है। शुरुआती जांच में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड सामने नहीं आया है।
हमले के समय मौजूद पप्पू यादव के एक समर्थक ने बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अचानक तीन-चार लोग अंदर आ गए और हमला करने की कोशिश की। उनके अनुसार, जैसे ही चाकू चलाया गया, उन्होंने तत्काल अपना हाथ आगे कर दिया, जिससे चाकू उनकी उंगली को छू गया और पप्पू यादव को बचाने में मदद मिली। इसके बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
पप्पू यादव ने हाल ही में संसद परिसर में हुए प्रदर्शन और अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों पर सफाई देने के लिए यह प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई थी। मीडिया से बातचीत के दौरान पहले कहासुनी हुई, फिर नारेबाजी शुरू हो गई और देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया।
घटना के बाद पप्पू यादव ने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि उनके खिलाफ 11 लाख या 51 लाख रुपये के इनाम की जो बातें कही जा रही हैं, उनमें कितनी सच्चाई है। उन्होंने दावा किया कि उन्हें लगातार फोन पर जान से मारने और जला देने की धमकियां मिलती रही हैं।
सांसद ने कहा कि विपक्ष का प्रदर्शन केवल सांकेतिक था और उसका उद्देश्य संतों की आवाज को मजबूती देना था। उन्होंने कहा, “जब राहुल गांधी और प्रियंका गांधी नहीं डरते, तो पप्पू यादव क्यों डरेंगे?”
पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि वे पहले से अपनी जान को खतरा बताते आ रहे हैं। उन्होंने कहा, “अगर मुझे मारना है तो मार दें, लेकिन मेरे परिवार को बख्श दें। आज अगर वहां जनता मौजूद नहीं होती, तो शायद मेरी जान चली जाती।”