NHAI का FASTag वार्षिक पास: जनता की सुविधा या सालाना वसूली का नया हथकंडा?
देशभर के 1,150 टोल प्लाज़ा पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर ‘FASTag वार्षिक पास’ लॉन्च कर दिया। सरकार इसे “बड़ी उपलब्धि” के रूप में पेश कर रही है, लेकिन असल में यह योजना जनता की जेब पर और बोझ डालने वाली साबित होगी ।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय का दावा है कि पहले ही दिन शाम 7 बजे तक करीब 1 लाख 40 हज़ार लोगों ने यह पास खरीदा और उतने ही लेन-देन दर्ज किए गए। मंत्रालय ने यह भी बताया कि smooth यात्रा के लिए हर टोल प्लाज़ा पर अधिकारियों और नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर दी गई है।
क्या यह नियुक्तियां यात्रियों की सुविधा के लिए की गई हैं या फिर वसूली को सुनिश्चित करने के लिए ?असल में यात्रियों की सहूलत तो टोल फ्री यात्रा में ही है यदि ऐसा कोई प्रावधान हो जाये तो यह नागरिक अधिकारों की सुरक्षा होगी .
इस योजना के तहत गैर-व्यावसायिक वाहनों को 3 हज़ार रुपये देकर एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग तक की सुविधा मिलेगी। सरकार कहती है कि इससे बार-बार FASTag रिचार्ज की झंझट खत्म होगी।
लेकिन असली सवाल यह है कि – क्या यह योजना सुविधा देने के लिए है या सालाना वसूली का नया तरीका? पेट्रोल-डीज़ल की महंगाई और लगातार बढ़ते टोल टैक्स से त्रस्त आम जनता के लिए यह “वन-टाइम पेमेंट स्कीम” किसी राहत से ज़्यादा एक और मजबूरी लग रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार ने स्वतंत्रता दिवस जैसे पावन मौके पर राहत देने के बजाय, नागरिकों पर नया आर्थिक बोझ डालने की योजना थमा दी।
विपक्ष का भी आरोप है कि टोल प्लाज़ा पहले ही ठेकेदारों और बड़े कॉरपोरेट्स की कमाई का ज़रिया बने हुए हैं, और अब यह वार्षिक पास उसी कमाई को और सुनिश्चित करेगा। नतीजा साफ है—सरकार सुविधा का नाम लेकर फिर से आम नागरिकों की जेब काटने की तैयारी कर चुकी है।
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