वरिष्ठ पत्रकार जलालुद्दीन असलम के मुन्तख़ब मजमुआ मज़ामीन नक़द ओ नज़र का विमोचन
नई दिल्ली।गुज़िश्ता दिनों हज़रत निजामुद्दीन बस्ती के ग़ालिब अकडेमी दिल्ली में वरिष्ठ पत्रकार और लेखक जलालुद्दीन असलम की किताब “नक़द ओ नज़र” का विमोचन किया गया.
जलालुद्दीन असलम उर्दू पत्रकारिता और किताबत का मारूफ नाम है .उन्होंने अपनी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा क़लम और काग़ज़ के साथ गुज़ारा और आज भी क़लम से उनका रिश्ता बरक़रार है।
इस अवसर पर दिल्ली के मुमताज़ उर्दू दोस्त ,Scholars और सहयोगियों ने हिस्सा लिया . पद्मश्री प्रोफेसर अख्तर-उल-वासे ने इस मौक़े पर जलालुद्दीन असलम के मुन्तख़ब मजमुआ मज़ामीन नक़द ओ नज़र के विमोचन समारोह में अपने जज़्बात का इज़हार किया .
उन्होंने कहा कि नक़द ओं नज़र जलालुद्दीन असलम के विचारों और सोच का आईना है और इसे ज़्याद ऐसे ज़्यादा लोगों तक पहुंचना चाहिए।
अपने अध्यक्षीय भाषण में उन्होंने कहा कि ज़बानों के अस्तित्व और उसकी बक़ा को सुरक्षित रखना और भाषा प्रेमियों को प्रोत्साहित करना सरकार का काम है।
वरिष्ठ पत्रकार मासूम मुरादाबादी ने अपने संबोधन में कहा कि जलालुद्दीन असलम की नवीनतम पुस्तक में शामिल लेख देश और राष्ट्र के प्रति उनके दर्द को उजागर करते हैं।
उनके जीवन का सबसे ख़ास पहलू इंसानियत का फ़रोग़ रहा है ।उन्होंने जरूरतमंदों और मदद के मुस्तहिक़ लोगों की निःस्वार्थ भाव से सेवा की है।मासूम ने कहा जलालुद्दीन असलम का पत्रकारिता और लेखन से रिश्ता पेशेवराना नहीं बल्कि ईमानदाराना है।
उर्दू दुनिया की एक और मायेनाज़ शख़्सियत व् वरिष्ठ पत्रकार सुहैल अनजुम ने कहा कि जलालुद्दीन असलम ने लेखन और पत्रकारिता के माध्यम से उर्दू भाषा और साहित्य की अपार सेवा की है.
उन्होंने कहा जलालुद्दीन इंसानियत की मदद करने में हमेशा आगे रहे हैं।सुहैल अंजुम ने कहा कि जलालुद्दीन असलम के नक़द ओ नज़र को दस्तावेज़ी हियत हासिल है ।
एक दूसरा बड़ा उर्दू का नाम उर्दू बुक रिव्यू के संपादक मुहम्मद आरिफ़ इक़बाल ने इस मौक़े पर कहा कि नक़द ओं नज़र जलालुद्दीन असलम के मज़ामीन का मजमुआ उनके गहन चिंतन और मंथन का नतीजा है। उन्होंने कहा जलालुद्दीन विचारों और अवधारणाओं के मामले में अत्यधिक बुद्धिमान हैं.
कार्यक्रम के आयोजक बाबाये उर्दू ज़बाँ एवं उर्दू डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सैयद अहमद खान ने कहा कि जलालुद्दीन असलम ने एक गोशे में रहकर उर्दू ज़बान की जो ख़िदमत की है वह कई बड़े लेखक और पत्रकार भी न कर सके।उर्दू ज़बान और सहाफ़त के मैदान में उनकी ये ख़िदमात याद की जाती रहेंगी .
ग़ालिब अकादमी के सचिव डॉ. अकील अहमद ने इस अवसर पर साहिबे किताब को बधाई दी और उनसे कहा कि वे अपने उन लेखों को प्रकाश में लाएं जो अभी तक प्रकाशित नहीं हुए हैं।
इस अवसर पर फ़िरोज़ हाशमी, जावेद रहमानी, डॉ. मुफ्ती अनवर जावेद देहलवी और के एल नारंग साकी ने भी जलालुद्दीन असलम को बधाई दी।
महत्वपूर्ण प्रतिभागियों में मौलाना अरशद सिराजुद्दीन मक्की, डॉ. खुर्शीद आलम, हकीम आफताब आलम, मुहम्मद नौशाद नदवी, इसरार अहमद उज्जैनी, दानिश रहमान, फैजान, रेहान, जीशान, मुहम्मद ओवैस, मुहम्मद हनीफ, नदीम आरिफ और मुहम्मद इमरान कन्नोजी का नाम क़ाबिले ज़िक्र है . प्रोग्राम के इख़तताम पर डॉ.अबू ज़ैद ने कार्यक्रम में शामिल लोगों का शुक्रिया अदा किया।
پریس ریلیز)
ممتاز و بزرگ صحافی جلال الدین اسلم کے منتخب مجموعہ مضامین ’نقد و نظر‘ کا اجرا
نئی دہلی۔ 20 فروری 2025
’’جلال الدین اسلم صحافت و کتابت کا بہترین امتزاج ہیں۔ انہوں نے پوری زندگی قلم و قرطاس کی خدمت میں بسر کی اور آج پیرانہ سالی کے باوجود بھی قلم و قرطاس سے ان کا رشتہ قائم ہے۔‘‘ ان خیالات کا اظہار آج یہاں غالب اکیڈمی میں پدم شری پروفیسر اخترالواسع نے جلال الدین اسلم کے منتخب مجموعہ مضامین ’نقد و نظر‘ کے اجرا کی تقریب میں کیا۔
انہوں نے کہا کہ ’نقد و نظر‘ جلال الدین اسلم کے افکار و نظریات کا آئینہ ہے اور اسے زیادہ سے زیادہ ہاتھوں پر پہنچنا چاہیے۔ صدارتی کلمات میں انہوں نے مزید کہا کہ زبانوں کی بقا اور اس کے چاہنے والوں کی حوصلہ افزائی کرنا حکومت کا کام ہے۔
ممتاز صحافی معصوم مرادآبادی نے خطاب میں کہا کہ جلال الدین اسلم کی تازہ کتاب میں شامل مضامین ملک و ملت کے لیے ان کے درد کو اجاگر کرتے ہیں۔ ان کی زندگی کا سب سے غالب پہلو انسانیت نوازی ہے۔ انہوں نے ضرورت مندوں اور مستحقین کی بے لوث خدمت کی ہے۔ صحافت اور کتابت سے ان کا رشتہ پیشہ ورانہ نہیں بلکہ مخلصانہ ہے اور انہوں نے آج تک کوئی کام مالی منفعت کے نقطہ نظر سے نہیں کیا۔
سینئر صحافی سہیل انجم نے کہا کہ جلال الدین اسلم نے کتابت اور صحافت کے ذریعہ اردو زبان و ادب کی بیش بہا خدمت انجام دی ہے اور وہ ہمیشہ لوگوں کی مدد کرنے میں پیش پیش رہے ہیں۔ انہوں نے یہ بھی کہا کہ جلال الدین اسلم صاحب کے منتخب مجموعہ مضامین ’’نقد و نظر‘‘ دستاویزی حیثیت کا حامل ہے۔
اردو بک ریویو کے ایڈیٹر محمد عارف اقبال نے کہا کہ ’نقد و نظر‘ جلال الدین اسلم کے ایسے مضامین کا مجموعہ ہے جو انہوں نے گہری سوچ کے بعد لکھے ہیں۔ وہ افکار و نظریات کی سطح پر بلند آہنگ ہیں۔
پروگرام کے آرگنائزر اور اردو ڈیولپمنٹ آرگنائزیشن کے قومی صدر ڈاکٹر سیّد احمد خاں نے کہا کہ جلال الدین اسلم نے گوشہ نشینی کے ساتھ اردو زبان کی جو خدمت انجام دی ہے وہ بڑے بڑے ادیبوں اور صحافیوں نے انجام نہیں دی۔ ڈاکٹر خاں نے کہا اردو صحافت میں موصوف کی یہ خدمات یاد کی جاتی رہیںگی
