
श्रीलंका के अपदस्थ राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे गुरुवार को अपना अल्पकालिक यात्रा पास समाप्त होने के बाद सिंगापुर से थाईलैंड के लिए रवाना हो गए । एक मीडिया रिपोर्ट के हवाले से ये खबर आई है। राजपक्षे सिंगापुर से बैंकॉक के लिए एक विमान में सवार हुए।
थाईलैंड ने एक दिन पहले पुष्टि की थी कि उसे गोटबाया की यात्रा के लिए वर्तमान श्रीलंका सरकार से अनुरोध मिला था। द स्ट्रेट्स टाइम्स अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, मीडिया के सवालों के जवाब में सिंगापुर के इमिग्रेशन एंड चेकपॉइंट्स अथॉरिटी ने कहा कि राजपक्षे ने गुरुवार को सिंगापुर छोड़ दिया।प्रधानमंत्री प्रयुत चान-ओ-चा ने बुधवार को 73 वर्षीय श्रीलंकाई नेता की मानवीय कारणों से थाईलैंड की एक अस्थायी यात्रा की पुष्टि की। साथ ही कहा कि राजपक्षे ने स्थायी शरण के लिए अपनी खोज के दौरान राज्य में सियासी गतिविधियों नहीं चलाने का वादा किया था।
सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच जुलाई में राजपक्षे श्रीलंका से भागकर सिंगापुर पहुंचे थे। गुरुवार को उनका सिंगापुर का वीजा खत्म होने के कारण वह थाईलैंड में शरण ले रहे हैं। 13 जुलाई को मालदीव के लिए उड़ान भरने के बाद राजपक्षे यहां से सिंगापुर भाग गए थे। यहां से उन्होंने अपने इस्तीफे की घोषणा की। बैंकॉक पोस्ट अखबार ने प्रयुत के हवाले से कहा कि यह एक मानवीय मुद्दा है। हमने वादा किया है कि यह एक अस्थायी प्रवास है। किसी तरह की (राजनीतिक) गतिविधियों की अनुमति नहीं होगी और इससे उन्हें शरण लेने के लिए एक देश खोजने में मदद मिलेगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि विदेश मंत्री डॉन प्रमुदविनई ने कहा कि अपदस्थ राष्ट्रपति थाईलैंड में 90 दिनों तक रह सकते हैं क्योंकि वह अभी भी एक राजनयिक पासपोर्ट धारक हैं।डॉन ने कहा कि श्रीलंका सरकार ने यात्रा का विरोध नहीं किया और थाई सरकार उनके लिए आवास की व्यवस्था नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा से कोलंबो के साथ टकराव नहीं होगा क्योंकि कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे ने सत्ता में रहते हुए उनके लिए काम किया था। मंत्री ने कहा कि राजपक्षे के ठहरने के लिए एक शर्त यह थी कि वह थाईलैंड के लिए समस्या पैदा न करें।