
देहरादून और मसूरी के बीच बनने वाले रोपवे से टर्मिनल की ऊंचाई का अडंगा भी खत्म हो गया है। कैबिनेट बैठक में निर्माण के बायलॉज में राहत देते हुए टर्मिनल को निर्धारित ऊंचाई तक निर्माण की अनुमति दे दी गई।
देहरादून और मसूरी के बीच रोप-वे निर्माण को सरकार के स्तर से सभी अनुमति हो चुकी है। ऊंचाई और रोप-वे की लंबाई की वजह से इसमें ऊंचे-ऊंचे टर्मिनल बनाए जाने हैं। लेकिन बायलॉज के हिसाब से इतनी ऊंचाई पर टर्मिनल का निर्माण नहीं किया जा सकता है।
देहरादून से मसूरी के लिए प्रस्तावित रोपवे एशिया का दूसरा सबसे बड़ा रोपवे होगा। रोपवे की लंबाई 5.5 किमी होगी। जो हांगकांग के गोंगपिंग रोपवे की लंबाई 5.7 किमी से महज सौ मीटर कम है। इस रोपवे के बनने से दून से मसूरी मात्र 15-18 मिनट में पहुंच जाएंगे। इससे मसूरी में लगने वाले ट्रैफिक के साथ ही सुरक्षित पर्यावरणीय दृष्टि से यात्रियों को सुविधाजनक यातायात का साधन सुलभ होगा।
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