नई दिल्ली: पीडीपी प्रमुख महबूबा को पार्टी ने सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना, जिससे उनके राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता लगभग साफ हो गया। महबूबा अगर मुख्यमंत्री बनती हैं तो उन्हें विधानसभा या विधानपरिषद में से किसी एक का सदस्य बनना होगा और लोकसभा सीट से इस्तीफा देना पड़ेगा। महबूबा अभी दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग निर्वाचन क्षेत्र से लोकसभा सदस्य हैं।

जम्मू कश्मीर की पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने महबूबा मुफ्ती को आधिकारिक रूप से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया है। राज्य में बीजेपी के साथ गठबंधन सरकार को लेकर श्रीनगर में हुई पार्टी विधायकों की अहम बैठक में यह फैसला लिया गया।
इससे पहले बुधवार दोपहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ महबूबा मुफ़्ती की मुलाक़ात से दोनों दलों के बीच नई समझ बनी। अभी तक कई मुद्दों पर अड़ियल रुख़ अपनाए महबूबा मुफ़्ती राज्य में बीजेपी के साथ नई सरकार बनाने को राज़ी हो गईं। महबूबा ने इसका संकेत साफ शब्दों में दिया, जब उन्होंने कहा, ‘जब आप देश के प्रधानमंत्री से मिलते हैं और अच्छी बात होती है तो आम लोगों के मसले हल होने का रास्ता ज़्यादा साफ़ हो जाता है।’
गौरतलब है कि राज्यपाल एनएन वोहरा ने पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती और प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष सत शर्मा को पत्र लिखकर उनसे शुक्रवार को मिलने को कहा है (ताकि सरकार के गठन के बारे में स्थिति स्पष्ट कर सके)।
राज्य में बीजेपी और पीडीपी ने पिछले साल मार्च से इस साल जनवरी तक 10 महीने की गठबंधन सरकार चलाई थी। हालांकि बीते सात जनवरी को मुफ्ती मोहम्मद सईद के निधन के बाद से वहां राज्यपाल शासन लागू है और सरकार के गठन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी ।TOP BUREAU