
हैदराबाद में बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक खत्म हुई। पीएम नरेंद्र मोदी ने समापन संबोधन में कहा- हमारी एक ही विचार धारा है- नेशन फर्स्ट। हमारा एक ही कार्यक्रम है- नेशन फर्स्ट; हमने तुष्टिकरण खत्म कर हमने तृप्तीकरण का रास्ता अपनाया।
बीजेपी की ताकत तेलंगाना में पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है। नगर निगम के चुनाव के बाद इसमें और भी मजबूती आई है। यही कारण है कि चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी इस राज्य को ध्यान में रखकर सारी रणनीति तैयार कर रही है। बीजेपी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक जो हैदराबाद में हुई वह इसी रणनीति का ही हिस्सा है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी पहुंचे और उन्होंने यहां परिवारवाद और तुष्टीकरण की राजनीति पर जमकर निशाना साधा।
साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद को भाग्यनगर कहा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पहले ही हैदराबाद को भाग्यनगर कहता आया है। वहीं हैदराबाद म्युनिसिपल इलेक्शन में चुनाव प्रचार के दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और फिर गृहमंत्री अमित शाह ने हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर करने का जिक्र किया जिसकी खूब चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मोदी के एक बार फिर इसे भाग्यनगर कहे जाने की बाद इसकी चर्चा शुरू है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार हैदराबाद को भाग्यनगर कहा। हालांकि यह पहला मौका नहीं, फरवरी के महीने में इसी साल प्रधानमंत्री मोदी श्री रामानुजाचार्य की स्मृति में 216 फीट ऊंची प्रतिमा स्टैच्यू ऑफ इक्वालिटी का उद्धाटन करने जब पहुंचे थे उन्होंने कहा कि मैं भाग्यनगर में हूं। रविवार एक बार पीएम मोदी ने अपने संबोधन में हैदराबाद को भाग्यनगर कहा। पीएम मोदी ने कहा कि सरदार पटेल ने यहीं से एक भारत का नारा दिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र के भाग्यनगर कहे जाने के बाद यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या बीजेपी के सत्ता में आने के बाद हैदराबाद का नाम बदलकर भाग्यनगर किया जाएगा। आरएसएस हमेशा से ही हैदराबाद को भाग्यनगर ही बुलाता रहा है। निगम चुनाव के दौरान प्रचार करने पहुंचे यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि बीजेपी सत्ता में आई तो शहर का नाम बदलकर भाग्यनगर कर दिया जाएगा।बीजेपी ने भाग्यलक्ष्मी मंदिर को चुनावी मुद्दा बनाते हुए यहां मंदिर के निर्माण की बात कही थी। इस मंदिर में RSS चीफ मोहन भागवत से लेकर गृहमंत्री अमित शाह तक दर्शन के लिए आ चुके हैं।इसी मंदिर के नाम पर हैदराबाद का नामकरण करने की मांग बीजेपी की ओर से की जाती रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि हैदराबाद का नाम पहले भाग्यनगर ही हुआ करता था। गोलकोंडा के कुतुब शाही वंश के 5 वें सुल्तान मुहम्मद कुली कुतुब शाह ने इसका नाम बदलकर भाग्यनगर से हैदराबाद कर दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ पहले भी पहले भाषण में इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि लोग पूछ रहे हैं कि हैदराबाद का नाम भाग्यनगर हो सकता है। उन्होंने कहा फैजाबाद का नाम अयोध्या, इलाहाबाद का प्रयागराज तो हैदराबाद का नाम भाग्यनगर क्यों नहीं हो सकता है।