राजस्थान में बिना सत्यापन चल रहे 79 धर्मकांटे जब्त, भंडारेज टोल प्लाजा पर 16 कांटों पर कार्रवाई

जयपुर, 23 अक्टूबर । टोल प्लाजा पर भारी वाहनों की तौल में गड़बड़ी और संभावित आर्थिक नुकसान की आशंका के बीच राजस्थान में विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदेशभर में चलाए गए विशेष निरीक्षण अभियान के दौरान बिना वैध सत्यापन के संचालित 79 धर्मकांटों को जब्त किया गया। वहीं, दौसा जिले के भंडारेज टोल प्लाजा पर भी विभाग ने सख्ती दिखाते हुए 16 धर्मकांटों को सीज कर दिया। दो दिन चले इस अभियान में कुल 380 धर्मकांटों का निरीक्षण किया गया और नियमों के उल्लंघन पर 10 लाख 95 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

उपभोक्ता मामले मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर विभाग ने 21 और 22 अक्टूबर को यह विशेष अभियान चलाया। इसका उद्देश्य तौल उपकरणों की शुद्धता सुनिश्चित करना, टोल प्लाजा पर संभावित अनियमितताओं को रोकना और वाहन मालिकों सहित अन्य उपभोक्ताओं के आर्थिक हितों की रक्षा करना था।

अभियान के दौरान दौसा जिले के भंडारेज टोल प्लाजा पर बिना वैध सत्यापन के संचालित 16 धर्मकांटे पाए गए। विभाग ने इन सभी को जब्त कर लिया। तौल उपकरणों का नियमानुसार सत्यापन नहीं होने पर उनकी माप की शुद्धता सुनिश्चित नहीं मानी जा सकती। ऐसे में गलत तौल से जुड़े संभावित जोखिमों को देखते हुए विभाग ने कार्रवाई की।

भारी वाहनों की तौल कई परिस्थितियों में महत्वपूर्ण होती है। यदि तौल उपकरण वास्तविक वजन से अधिक वजन दर्ज करता है, तो संबंधित नियमों के आधार पर शुल्क निर्धारित होने की स्थिति में वाहन मालिक को निर्धारित राशि से अधिक भुगतान करना पड़ सकता है। गलत तौल का असर मालभाड़े और वजन के आधार पर होने वाले अन्य भुगतानों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि, बिना सत्यापन के धर्मकांटा मिलने का अर्थ अपने आप यह साबित होना नहीं है कि उससे वास्तविक रूप से गलत तौल की गई या किसी वाहन मालिक से अतिरिक्त शुल्क वसूला गया।

विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी संभावित अनियमितताओं को रोकना और तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

विधिक मापविज्ञान प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया है कि सभी धर्मकांटों और तौल उपकरणों का नियमानुसार वैध सत्यापन कराना अनिवार्य है। बिना वैध सत्यापन के उपकरणों का इस्तेमाल करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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