मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई 40 फीसदी घटी

मध्यप्रदेश और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में पेट्रोल-डीजल सप्लाई की अघोषित कटौती से संकट गहरा सकता है. कई पंप सूखने जैसी स्थिति में हैं. जिन पंपों पर ईंधन है भी, तो वहां तीन-चार दिन का ही स्टॉक बचा है.

पेट्रोल पंप एसोसिएशन का कहना है कि केंद्र सरकार के पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने के बाद तेल कंपनियों ने सप्लाई कम कर दी है. यदि सप्लाई ठीक नहीं हुई तो आने वाले कुछ दिन के बाद स्थिति गंभीर हो सकती है.

सबसे ज्यादा दिक्कत डीजल को लेकर है.मप्र पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘सप्लाई में दिक्कत आ रही है, जिससे मप्र के बहुत सारे पंप ड्राई आउट हो गए हैं. किसानों को परेशानी हो जाएगी, हमें भी दिक्कत होगी. इस सीजन में नुकसान कवर नहीं कर पाएंगे. शहर के पंप 2 से 3 घंटे बंद हो रहे हैं, क्योंकि सप्लाई नहीं हो रही है. कंपनी को करीब 28 रुपये डीजल पर और 16 रुपये पेट्रोल पर घाटा हो रहा है.

राजधानी भोपाल में तो फिर भी हालात संभले हैं, लेकिन कई छोटे जिलों में दर्जनों पंप बंद हैं, कर्मचारियों को नौकरी गंवाने का डर सता रहा है. पेट्रोल पंप कर्मचारी भास्कर द्विवेदी ने कहा कि पेट्रोल पंप अगर 8 घंटे चलेगा, तो हम नौकरी नहीं कर पाएंगे, सैलरी नहीं मिलेगी और हम इतने पढ़े लिखे भी नहीं हैं कि दूसरी जॉब कर पाएं, बहुत दिक्कत होगी.

वहीं कर्मचारी धरमचंद ने कहा कि पिछले कुछ समय से कोटा कम है तो पेट्रोल डीजल कम आ रहा है, सप्लाई बराबर नहीं हो पा रही है.पड़ोसी राज्य छत्‍तीसगढ़ में भी राजधानी रायपुर और कोंडागांव समेत कई जिलों में पंप सूखे हैं, पंप संचालकों का कहना है कि उन्होंने कंपनियों को एडवांस दे दिया है. इसके बावजूद कंपनियों सप्लाई नहीं कर रही हैं. पेट्रोल पंप संचालक टिंकू मेनन ने कहा कि एचपीसीएल के 60 से 70 प्रतिशत पंप ड्राई हैं, एडवांस पेमेंट पर माल नहीं मिल रहा है. कल से बीपीसीएल में भी यही देखने को मिल रहा है.हाल ही में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती की है, ऐसे में माना जा रहा है कि कंपनियां सप्लाई में कटौती कर ज्यादा नुकसान होने से बचाव की कोशिश में हैं.

मध्यप्रदेश में कुल 4900 पेट्रोल पंप हैं, जिसमें से राजधानी भोपाल में 152 पंप हैं. प्रदेश में हर रोज 2.77 करोड़ लीटर पेट्रोल-डीजल की खपत होती है. भोपाल में हर रोज साढ़े 9 लाख लीटर पेट्रोल और 12 लाख लीटर डीजल की खपत होती है. लेकिन पेट्रोलियम डीलर्स का कहना है कि तेल कंपनियों ने पेट्रोल-डीजल की सप्लाई करीब 40% तक घटा दी है, जिससे लगभग 1000 पंप सूख रहे हैं.

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