रक्षा के लिए -1991 के कानून को बरकरार करे: जमात-ए-इस्लामी हिंद

जमात-ए-इस्लामी हिंद ने शनिवार को केंद्र सरकार से देश में ज्ञानवापी और अन्य मस्जिदों की सुरक्षा के लिए पूजा स्थलअधिनियम, 1991 को बरकरार रखने को कहा।

जम्मू-कश्मीर में अल्पसंख्यकों और बाहरी लोगों की लक्षित हत्या की कड़ी निंदा करते हुए जेआईएच उपाध्यक्ष ने असली दोषियों और साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार करने के लिए गहन जांच की मांग की।

सामुदायिक मामलों और जनसंपर्क के जेआईएच सचिव मोहम्मद अहमद ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से तत्काल एक बयान जारी करने और पूजा स्थल अधिनियम 1991 को बनाए रखने की अपील की, जिसमें कहा गया है कि मस्जिद, मंदिर, चर्च या सार्वजनिक पूजा का कोई भी स्थान अस्तित्व में है तो उसका धार्मिक चरित्र 15 अगस्त, 1947 को जैसा था, वैसा ही बनाए रखा जाएगा।उन्होंने केंद्र सरकार से न्याय और शांति के हित में 1991 के कानून को बरकरार रखने को कहा।

जेआईएच के उपाध्यक्ष ने कहा कि रामनवमी के अवसर पर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील क्षेत्रों में जानबूझकर विभिन्न जुलूस निकाले गए और मस्जिदों की मीनारों पर भगवा झंडा फहराने का प्रयास किया गया।उन्होंने कहा, यह सब पुलिस और स्थानीय प्रशासन की तरफ से देखने के साथ किया गया था।

बढ़ते हुए अल्पसंख्याक समुदाये पर खतरों और धर्मस्थल को लेकर जो भी बेहे चल रही है, ये बात कहना काफ़ी ठीक है।

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