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महिलाएं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएं

महिलाएं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएं

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आईएसटीडी द्वारा पोश अधिनियम पर तीन दिवसीय ट्रेनिंग कार्यक्रम 

नईदिल्ली/ कोटा, 21 दिसम्बर

राष्ट्रीय संस्थान इंडियन सोसाइटी फॉर ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट ने पोश जागरूकता पर तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रमाणित प्रशिक्षक कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण) अधिनियम, 2013 “पोश” (PREVENTION OF SEXUAL HARRASMENT) अधिनियम के रूप में जाना जाता है, जो अधिनियम के प्रावधानों के साथ कर्मचारियों को संवेदनशील बनाने के लिए नियमित अंतराल पर कार्यशालाओं और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करने के लिए नियोक्ता पर एक कर्तव्य रखता है।

निदेशक डॉ अविनाश चंद्र जोशी ने सभी प्रतिभागियों को पॉश अधिनियम के बारे में बताया। अधिनियम कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के उपाय करने के लिए एक संगठन और नियोक्ता को जिम्मेदार ठहराता है। डॉ जोशी ने बताया कि 3 दिवसीय कार्यक्रम पोश जागरूकता फैलाने के लिए संगठनों के सभी कर्मचारियों की भूमिकाओं और जिम्मेदारियों और प्रत्येक संगठन में प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए किया गया है।


आईएसटीडी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. नटराज रे और कोषाध्यक्ष सलिल चटर्जी ने आईएसटीडी की गतिविधियों की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि मोहित अग्रवाल, चेयरमैन, दून बिजनेस स्कूल, देहरादून ने किया।

 

अग्रवाल ने कहा कि प्रस्तावित प्रशिक्षण कार्यक्रम अधिनियम के बारे में आवश्यक ज्ञान को बढ़ाएगा और प्रत्येक नियोक्ता अपने कार्यस्थल पर अधिनियम के दिशानिर्देशों का पालन करेगा। अग्रवाल ने इस क्षेत्र में आईएसटीडी के प्रयासों की सराहना की। बी-पैक कार्यक्रम समिति अध्यक्ष रश्मि भार्गव ने कहा कि अधिनियम के बारे में जागरूकता के लिए आईएसटीडी द्वारा पोश प्रशिक्षण श्रृंखला जारी रहेगी।

 

विशिष्ट अतिथि डॉ. जिबितेश रथ, आरवीपी (पूर्व) ने कहा कि यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों को अधिनियम के विभिन्न पहलुओं को समझने में सक्षम बनाएगा |

विशिष्ट अतिथि सुश्री अनीता चौहान, अध्यक्ष, आईएसटीडी कोटा चैप्टर ने कहा कि एक मजबूत महिला हर किसी के लिए खड़ी होती है। तीन दिवसीय कार्यक्रम प्रमुख प्रतिभागियों को अधिक आत्मविश्वासी और मजबूत बनाएगा। “ओ स्त्री अब तू दबंग हो जा”… मैं कोई माटी की गुड़िया नहीं, बन ज्वाला राख कर दूंगी तुझे” की भावना की महिलायें सशक्त हो अपने साथ हुए अत्याचार को सहने के बजाये उसके खिलाफ अवाज उठाना सीखेंगी।

कार्यक्रम समन्वयक हेमलता रतूडी ने प्रशिक्षकों का परिचय दिया। तीन दिवसीय ऑनलाइन कार्यक्रम में सुश्री स्मिता टंडन पोश स्वतंत्र सलाहकार और प्रमाणित प्रशिक्षक, शिक्षाविद अजय अग्रवाल कॉर्पोरेट ट्रेनर और मानव संसाधन सलाहकार डॉ अनीता मधोक, ओपन स्पेस कंसल्टिंग के प्रबंध निदेशक मुंबई, एचआर सिस्टम विशेषज्ञ राहुल बोस, अनुभवी लर्निंग एंड डेवलपमेंट प्रोफेशनल और आईबीएम सर्टिफाइड लर्निंग प्रोफेशनल डॉ अर्पिता दत्ता अनुभवी ह्यूमन रिसोर्सेज एंड लर्निंग एंड ऑर्गनाइजेशन डेवलपमेंट प्रोफेशनल तीन दिनों में प्रशिक्षण देंगे।

सहायक निदेशक सौरभ बासु ने बताया कि कोविड दिशानिर्देशों के तहत ट्रेनिंग कार्यक्रम वर्चुअल मोड पर आयोजित हुआ। इसमें बामर लॉरी एंड कंपनी लिमिटेड, बिजनेस इंस्टीट्यूट, गेल, हेल्थकेयर इंडस्ट्री, जेके सीमेंट और भारत हेवी इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड आदि कंपनियो के डेलिगेट अटेंड कर हैं।

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