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राम मंदिर निर्माण में कांग्रेस बनी है रोड़ा :PM मोदी

राम मंदिर निर्माण में कांग्रेस बनी है रोड़ा :PM मोदी

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राम मंदिर पर अध्यादेश कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही संभव: पीएम मोदी

नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निजी समाचार एजेंसी को दिए इंटरव्यू के दौरान कहा है कि राम मंदिर निर्माण के लिए अध्यादेश लाने पर फैसला न्यायिक प्रक्रिया के पूरा होने के बाद ही लिया जाएगा. उन्होंने कहा कि ‘एक बार कानूनी प्रक्रिया पूरी हो जाने दीजिये. इसके बाद हमारी जो भी जिम्मेदारी होगी, हम हर प्रयास करने के लिये तैयार हैं’. पीएम ने कहा कि राम मंदिर मुद्दे का हल संविधान के दायरे में ही संभव है. मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के वकीलों ने अयोध्या मसले पर कानूनी प्रक्रिया में अड़चनें दाल दीं जिसकी वजह से कानूनी प्रक्रिया धीमी पड़ गई.

पीएम मोदी ने इंटरव्यू के दौरान सर्जिकल स्ट्राइक को बड़ा जोखिम बताते हुए कहा कि हमें अपने सैनिकों की सुरक्षा की चिंता है. आरबीआई के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल के इस्तीफे पर पूछे गए सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा कि उर्जित पटेल ने खुद इस्तीफा देने का अनुरोध किया था. पीएम ने कहा कि, ‘मैं इस बात का पहली बार खुलासा कर रहा हूं कि वे (उर्जित पटेल) पिछले 6-7 महीनों से इसके लिए कह रहे थे और लिखित में भी दिया था. ऐसे में राजनैतिक दबाव का तो प्रश्न ही नहीं बनता है. बतौर आरबीआई गर्वनर उन्होंने बहुत अच्छा काम किया.

नोटबंदी के सवाल पर पीएम ने कहा कि, यह कोई झटका नहीं था. हमनें लोगों को सालभर पहले ही चेता दिया था कि अगर आपके पास (ब्लैक मनी) है तो आप इसको जमा कर सकते हैं, जुर्माना अदा कर सकते हैं और आपकी मदद की जाएगी, लेकिन उन्होंने सोचा कि मोदी भी औरों की तरह ही कह रहे हैं.

मोदी ने कहा बहुत कम लोग ऐसे थे जो ईमानदारी से सामने आए. पीएम ने कहा कि जिन्होंने चार पीढ़ियों तक देश पर राज किया, वे आज बेल पर बाहर हैं…वह भी वित्तीय अनियमितताओं के मामले में. सर्जिकल स्ट्राइक के बावजूद सीमा पार से हो रहे हमलों पर पीएम मोदी ने कहा कि, ‘एक लड़ाई से पाकिस्तान सुधर जाएगा, यह सोचना बहुत बड़ी गलती होगी. पाकिस्तान को सुधरने में अभी और वक्त लगेगा’.

पीएम ने कहा कि अगले साल होने वाला लोकसभा चुनाव ”जनता vs गठबंधन होगा”. राजनीतिक पंडितों द्वारा 2019 में बीजेपी के 180 से ज्यादा सीटें न पाने के दावे को पीएम मोदी ने पूरी तरह खारिज कर दिया और कहा कि 2014 के चुनाव में भी इसी तरह के दावे किये जा रहे थे. उन्होंने कहा कि ”यह चुनाव उन लोगों के बीच है जो जनमानस की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रयासरत हैं और जो इन्हें रोकने में लगे हुए हैं”.

जब मोदी से हालिया 3 सूबों में बीजेपी की हार और मोदी लहर ख़त्म होने पर सवाल किया गया तो पीएम मोदी ने कहा कि, ‘ये कुछ लोग हैं जो पहले भी यह कहते थे कि मोदी जीत नहीं सकते हैं…उनकी कोई लहर नहीं है…अब भी वही लोग यह कह रहे हैं. मैं समझता हूं कि लहर सिर्फ जनता की आशा-आकांक्षा की होती है. आज हिंदुस्तान में विश्वास पनपा है. यह अपने आप में अद्भुत है”. पीएम से हार के बाद बीजेपी कार्येकर्ताओं के मोरल डाउन होने के बारे में जब पूछा गया तो उन्होंने कहा कि भाजपा विश्व का सबसे बड़ा संगठन है. यह कहना गलत होगा कि एक-दो लोग पार्टी को चलाते हैं. यहां हर स्तर पर कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व है. पीएम ने कहा कि मोरल डाउन होने का तो कोई सवाल ही नहीं है. हम जनता से जुड़े हैं और भरोसा है.

पीएम ने कहा कि आज दुनिया के देश पैसों की जानकारी देने के लिए तैयार हो गए हैं. आगे रियल टाइम जानकारी मिलेगी. ब्लैक मनी को वापस आना ही पड़ेगा. जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ कहने पर पीएम ने कहा कि जिसकी जैसी सोच होती है, वैसा ही कहता है. मैं इसमें उलझना नहीं चाहता हूं. जीएसटी सर्वसम्मति से पारित हुआ. पीएम ने कहा कि जीएसटी से पहले देश में 30-40 प्रतिशत टैक्स वाली चीजें थीं… हिडेन टैक्स था…अब यह सिंप्लीफाई हो गया है. पीएम ने कहा कि जीएसटी एक नई व्यवस्था है. यह हम भी मानते हैं कि थोड़ी दिक्कत हुई है, लेकिन मिल बैठ कर इसका निपटारा करना होगा. राज्य सरकारों की भी यह जिम्मेदारी है. हम लगातार जीएसटी को सरल और उपभोक्ताओं के लिए हितकारी बनाने में लगे हैं. यह कोई छोटी उपलब्धि नहीं है.

पीएम ने कहा कि मिडिल क्लास दया नहीं चाहता है. मुद्रा योजना का सबसे बड़ा लाभार्थी अगर कोई है तो वो मिडिल क्लास है. इसी तरह स्टार्टअप को मिडिल क्लास ड्राइव कर रहा है. युवाओं को फायदा मिला है. इनकम टैक्स में मदद मिली है. किसानों के मुद्दे पर पीएम ने कहा कि, ‘मैं झूठ और भ्रम को लॉलीपॉप कहता हूं. क्या सभी किसानों का कर्ज माफ हुआ?’. पीएम ने कहा कि पहले की सरकारों ने भी किसानों की कर्जमाफी की है, लेकिन क्या दिक्कत है कि किसान हमेशा कर्जदार बनता रहता है?. किसान को मजबूत बनाना होगा. बीज, पानी आदि की व्यवस्था की जा रही है. अब क्रॉप की समझ आने लगी है. फसल ज्यादा पैदा हो रही है. फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन पर काम कर रहे हैं. ट्रांसपोर्टेशन और वेयरहाउसिंग पर भी काम कर रहे हैं. हम किसान को अन्नदाता के अलावा उर्जादाता भी बनाना चाहते हैं. एमएसपी पर काम किया है. 22 फसलों पर एमएसपी बढ़ाया गया.

 

 

 

 

 

Dated: 1st Jan 2019

Press Release

MUSLIM WOMEN BILL 2018 OPPOSED AND CONDEMNED ACROSS THE COUNTRY 

The Muslims across India have Opposed and Condemned the “Muslim Women Bill 2018” which is slated for discussion in Rajya Sabha for the second time on 2nd January 2019 .Lok Sabha has already passed the bill on …………

The Bill may Break marriages rather than empowering women, it is a direct blow to family system & institution of Marriage. Bill is brought for “Empowering Muslim Women” but provisions in Bill defeat its very purpose. Muslim Women will not get anything from this Bill, instead she will be left  abandoned, deserted. Her condition will become more miserable.

In any Criminal Case it is the Magistrate who decides the granting of Bail, not the victim (Section 7 (c)) On mere allegation of the wife, the husband is jailed, this is against the Criminal Jurisprudence.

It is irony that there is Freedom in this country for Men and Women to have premarital, extramarital and even multiple relationships. Decriminalisation in Sec 377 is an example of Freedom in personal, civil matters, why then a Muslim husband is penalised for divorce.

Protection of Women from Domestic Violence Act 2005 is much more empowering to women where the women gets the right to residence in the same home. This Bill is Faulty, the Law makers acting in haste, no proper consultation done in framing the Bill.

How can there be two parameters of benefits, privileges to divorcee women, those who are divorced by Talaq-e-Ehsan and those who are divorced by Talaq –e-Biddat. How can the Children whose divorced by standard procedure whose custody according to Parents & Guardians Act decided on “welfare of child” be treated differently by this Bill – Section 6 “Married Muslim Women shall be entitled to custody of her Minor children in event  of pronouncement of Talaq by her Husband”.. Is  this not against Right to Equality. Is this not against Children’s Rights.

All India Muslim Personal Law Board has time and again stated that the triple talaq in one sitting is not the standard procedure of divorce and those practising this shall face Social Boycott. There was no need of this Bill after the Supreme Court Judgement invalidating “Triple Talaq. It is brought with political and communal motives to divide the Society.

The Institution of Marriage involves the husband, wife & children and also there are other dependents old age parents, sisters etc., This Bill is Inhuman, Antiwomen, Barbaric and damaging the family & Social fabric of the community.

We oppose and reject this Bill and request & appeal the Rajya Sabha members to send it to SELECT COMMITTEE for legal scrutiny.

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